42 लाख की ठगी का फरार आरोपी गुजरात से गिरफ्तार

बिलासपुर रेंज साइबर ने आरोपी युवक को जेल भेजा
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बिलासपुर। सोशल मीडिया के माध्यम से स्टॉक मार्केट में पैसे इनवेस्ट कर अधिक लाभ कमाने का विज्ञापन प्रसारित कर आम लोगों को अपने झांसे में लेकर अधिक लाभ दिलाने के नाम पर 42 लाख रुपए की ठगी करने वाला फरार आरोपी को पुलिस ने गुजारत से गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपी युवक ने अपराध करना स्वीकार किया है।
सिटी कोतवाली सीएसपी अक्षय प्रमोद साबद्र्रा ने बताया कि नीचेपारा थाना धर्मजयगढ़ जिला रायगढ़ निवासी आनंद अग्रवाल पिता घनश्याम अग्रवाल (45) को स्टॉक मार्केट में स्टॉक लेने व खरीदने पर मार्केट मूल्य 3 करोड़ 48 लाख 40 हजार रुपए फायदा होने का झांसा देकर किस्तों में 41 लाख 6 हजार 524 रुपए वसूल लिया। बिलासपुर आईजी के निर्देश पर रेंज साइबर थाने में अपराध दर्ज किया गया। इस मामले में पुलिस ने पूर्व में 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल दाखिल कर चुकी है। पुलिस प्रकरण में फरार मुख्य आरोपी चिरागजी ठाकोर मीतुल, गजेन्द्र की तलाश में जुटी थी। विशेष टीम निरीक्षक विजय चौधरी के नेतृत्व में गुजरात प्रांत रवाना की गई। टीम ने जिला महेसाणा अहमदाबाद, गुजरात के क्षेत्रांतर्गत लगातार पांच दिनों तक स्थानीय पुलिस के सहयोग से घेराबंदी कर मुख्य आरोपी चिरागजी ठाकोर को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपी ने बतायाकि शेयर ट्रेडिंग करने वालों का नंबर खरीदते थे, जिसमें 3 श्रेणियों में नंबर उपलब्ध कराया जाता था। पहले श्रेणी में जो ट्रेडिंग करना चालू किया है, ऐसे लोगों के नंबर 10 रूपये प्रति नंबर के हिसाब से खरीदते थे। दूसरे श्रेणी में ट्रेडिंग जो कर रहे है ऐसे लोगों का नंबर 5 रूपये प्रति नंबर के हिसाब से खरीदते थे और तीसरे श्रेणी में ऐसे लोग जो काफी लंबे समय से ट्रेडिंग जो कर रहे हैं। ऐसे लोगों का नंबर 1 रूपये प्रति नंबर के हिसाब से खरीदते थे, क्योंकि जिसमें लोगों का फंसने चांस अधिक होते थे। उन नंबर को अधिक कीमत पर खरीदते थे और कॉल कर लोगों को अधिक मुनाफा कमाने का झांसा देकर ठगी करने का काम करते थे। आरोपियो द्वारा पूछताछ पर बताया गया कि इनके द्वारा फर्जी बैंक खाता खुलवाकर उसमें एटीएम कार्ड और रजिस्टर्ड्र मोबाईल नम्बर प्राप्त कर विभिन्न लोगों के नाम से फर्जी सीम कार्ड खरीदकर ठगी की रकम को इनके बैंक खाताओं में जमा करवाया जाता था, तथा फर्जी सीम व एटीएम के माध्यम से ठगी की रकम का आहरण किया जाता था। प्रकरण में अन्य फरार आरोपी मीतुल एवं गजेन्द्र के संबंध में जानकारी एकत्र कर लगातार पतासाजी की जा रही है।