
सराफा एसोसिएशन ने एसपी को ज्ञापन सौंपा

बिलासपुर।मालाबार गोल्ड एंड डायमंड्स, सदर बाजार, बिलासपुर में सुनील कुमार केशरी ज्वेलर्स द्वारा निर्मित 22 कैरेट एचयूआईडी आभूषण को शोरूम की मशीन पर पहले 20 कैरेट बताया गया, फिर उसी आभूषण को 916 यानी 22 कैरेट बताया गया। मशीन पुलिस द्वारा जब्त है।
9 सूत्रीय तकनीकी मांग: जांच स्थानीय स्तर पर नहीं, बल्कि बीआईएस, एनपीएल और एनएबीएल जैसी राष्ट्रीय प्राधिकृत लैब से हो – मेक मॉडल, कैलिब्रेशन, सॉफ्टवेयर/फर्मवेयर में छेड़छाड़, सटीकता,
सर्टिफाई रेफरेंस
मटेरियल से परीक्षण, मानक नमूनों पर परीक्षण, टेस्ट लॉग/डीवीआर डेटा सुरक्षा सहित। एक ही मशीन में लेते और देते समय अलग-अलग प्योरिटी बताना अपने आप में अपराध है। अगर यह जानबूझकर किया गया है तो पूरे भारत के उपभोक्ताओं के साथ बहुत बड़ा धोखा और स्कैम है। जब इसकी परतें खुलेंगी तो सोना सस्ता और मेकिंग सस्ती वाले के भ्रामक प्रचार सामने आएंगे।
यह आंदोलन किसी ब्रांड के विरोध में नहीं, पारदर्शी व्यवस्था और ग्राहक के विश्वास की सुरक्षा के लिए है। सोना अपने आप में ब्रांड है। मांग पत्र पुलिस अधीक्षक, बीआईएस रायपुर और बीआईएस दिल्ली को भेजा गया है। सफलता तक संघर्ष जारी रहेगा।




