50 साल बाद भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की हालत जस की तस

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सेवा बहुत,अधिकार कम- आंगनबाड़ी बहनों की पुकार….
मानदेय नहीं,सम्मान चाहिए-उठी बड़ी मांग नियमितीकरण की मांग तेज…..
बिलासपुर।देशभर में महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित आंगनबाड़ी व्यवस्था ने 50 वर्षों का सफर पूरा कर लिया है, लेकिन जमीनी स्तर पर काम करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं की स्थिति आज भी चिंताजनक बनी हुई है।आईसीडीएस योजना के तहत 1975 से संचालित आंगनबाड़ी केन्द्रों में देशभर में लगभग 27 लाख और छत्तीसगढ़ में एक लाख से अधिक कार्यकर्ता और सहायिकाएं सेवाएं दे रही हैं।इसके बावजूद आज भी उन्हें नियमित कर्मचारी का दर्जा नहीं मिला है।वर्तमान में कार्यकर्ताओं को मात्र 4500 रुपये और सहायिकाओं को 2250 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता है, जो न्यूनतम जीवन स्तर के लिए भी पर्याप्त नहीं माना जा सकता।सेवा निवृत्ति के बाद न तो पेंशन की व्यवस्था है और न ही ग्रेच्युटी जैसी कोई सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध है।बीमारी, दुर्घटना या पारिवारिक जिम्मेदारियों की स्थिति में भी उन्हें कोई विशेष सुविधा नहीं मिलती।इसके साथ ही काम का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है, जबकि अधिकार और लाभ लगभग शून्य हैं।अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं ने आगामी विधानसभा बजट सत्र में अपनी मांगों को शामिल करने की मांग उठाई है।उनकी प्रमुख मांगों में शासकीय कर्मचारी का दर्जा, मानदेय वृद्धि, पेंशन, ग्रेच्युटी और बीमा योजना शामिल हैं।साथ ही केंद्र सरकार से भी इस दिशा में ठोस कदम उठाने की अपील की गई है।
11 सूत्रीय मांगों को लेकर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओ की निकली रैली
बिलामपुर जिले में से 2000 से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र में तालाबंदी रही। कौनहेर गार्डन में धरना प्रदर्शन कर रही हैं। आग के आंदोलन में प्रमुख रूप से कोमल मेश्राम आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संक मंजू मेश्राम उर्फ कोमाल जिला अध्यक्ष, फिरदोष बानी..
पंकज लता ताकुर आरती साहू कुसुम.. लता खंड. लता रॉयल वैजयंती भारती मिश्रा गीतांजलि पांडे गीता के जय कौशल्या जेमा लीिल, सह विधकर्मा आगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा सहायिकाओं के हड़ताल पर चले जाने से आज से दो दिनों तक जिले के 2000 आंगनबाड़ी केंद्रों में तालाबंदी रहीं। आज तिलक नगर से लेकर कलेक्ट्रेट तक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संयुक्त मंच ने रैली निकाली।आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं कोनियमित किए जाने शासकीय कर्मचारी की घोषित करने और पेोहन तथा योजना लागू करने की मांग प्रमुख है। यदि केंद्र सरकार को उनकी मांगों को पूरा नहीं करेगा तो 9 मार्च को रायपुर विका में अनिश्चितकालीन अआंदोलन किया जाएगा। आज के दो दिवसीय धरना आंदोलन में आगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका की काफी भीड़ रही। 2 दिन काकी अवकाश लेकर सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में तालाबंदी करके हड़ताल पर है।