54 हजार रिश्वत लेते स्वास्थ्य विभाग का बाबू रंगे हाथ ढाबा से गिरफ्तार

छह महीने में एसीबी की सातवीं बड़ी कार्रवाई
बिलासपुर । मुंगेली जिले में एक बार फिर भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी की तगड़ी कार्यवाही हुई है। जिले के बीएमओ कार्यालय में पदस्थ अकाउंटेंट बृजेश सोनवानी को एसीबी की टीम ने 54 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। एसीबी की टीम रेड कार्यवाही तखतपुर के रियांश होटल के पास स्थित एक ढाबे में अंजाम दिया है। टीम ने आरोपी को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है ।
बता दे सेवानिवृत्त पर्यवेक्षक की शिकायत
के अनुसार, ग्राम फंदवानी मुंगेली निवासी ललित सोनवानी, 30 जून 2025 को बीएमओ कार्यालय मुंगेली से स्वास्थ्य पर्यवेक्षक पद से सेवानिवृत्त हुए है। पीड़ित ने लिखित में 5 जुलाई को एसीबी बिलासपुर में शिकायत दर्ज कराया है। ललित सोनवानी ने एसीबी को बताया कि ग्रेच्युटी और अन्य सेवानिवृत्त लाभों की प्रक्रिया में कार्यालय के अकाउंटेंट बृजेश सोनवानी ने 61 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की है।रिश्वत नहीं देने के कारण उन्होंने इसकी लिखित शिकायत एसीबी में की और कार्रवाई की मांग की।तब एसीबी कि योजना के तहत पूरी घटना को अंजाम दिया गया।
सत्यापन में 7 हजार लिया
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसीबी ने सबसे पहले लगाए गए आरोप का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान पाया गया कि आरोपी बृजेश ने शिकायतकर्ता से 7 हजार रुपये पहले ही ले चुका है। शिकायत सही पाए जाने के बाद एसीबी ने जाल बिछाया और ट्रैप की योजना बनाई।
तखतपुर में ढाबे पर हुई गिरफ्तारी
8 जुलाई मतलब मंगलवार को शिकायतकर्ता को शेष 54 हजार रुपये के साथ आरोपी के पास भेजा गया। जैसे ही आरोपी ने तय राशि लिया। एसीबी की टीम धावा बोलकर आरोपी रिश्वतखोर बाबू को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार होते ही मचा हड़कंप,बिलासपुर से मुंगेली तक बना दहशत
रिश्वतखोर बाबू के गिरफ्तार होते ही तखतपुर बिलासपुर से लेकर मुंगेली तक हड़कंप मच गया।
इससे कर्मचारियों में दहशत बन गया और लोग चर्चाएं करने लगे।
न्यायालय में किया जाएगा पेश
एसीबी की टीम ने आरोपी के पास से रिश्वत की पूरी रकम को बरामद किया । इस मामले में एसीबी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया है । एसीबी ने बताया कि आरोपी को पूछताछ के बाद जल्द ही न्यायालय में पेश किया जाएगा।
एसीबी की लगातार छठी कार्यवाही
एसीबी ने बताया कि मुंगेली जिले में बीते 7 महीनों में एसीबी ने लगातार 6 वीं कार्यवाही की है। इससे पहले भी कई बड़े नामों पर एसीबी ने शिकंजा कसा है। इनमें प्राचार्य मालिक राम मेहर, बाबू हनी शर्मा, राजस्व निरीक्षक नरेश साहू, पटवारी सुशील जायसवाल और उनके सहायक, पुलिस विभाग के एएसआई राजा राम साहू, पटवारी उत्तम कुर्रे और सीएसपीडीसीएल के सब इंजीनियर कृष्ण कुमार गुप्ता व उनके सहायक शामिल हैं।