7 घंटे चला विवाद फिर 21 लाख मुआवजे पर सहमति के बाद शव लेकर गए परिजन

मृतकों के 5-5 परिजन को प्लांट प्रबंधन ने बातचीत करने सिम्स में बुलाया
भारी संख्या में आक्रोशित परिजन सिम्स में पहुंचे थे
तैनात रहा पुलिस बल
बिलासपुर। मुंगेली जिले के सरगांव स्थित रामबोड़ गांव के कुसुम स्मेल्टर्स पॉवर व स्पंज प्लांट में हुए हादसे में मरने वाले इंजीनियर व सीनियर फिटर के परिजन और प्रबंधन के बीच मुआवजा के विवाद पर रविवार को 8 घंटे लगातार बातचीत के बाद सहमति बन गई। रविवार को शाम 5 बजे परिजन ने शव लेकर अपने-अपने घर लौट गए। मृतक के परिजन को 21-21 लाख रुपए की मदद दी गई।
बिलासपुर के जबड़ापारा निवासी इंजीनियर जयंत साहू व जांजगीर-चांपा जिला के अकलतरा स्थित तागा पंचायत निवासी सीनियर फिटर अवधेश कश्यप पिता निखादराम (32) के शव का 36 घंटे बाद पोस्टमार्टम किया गया। रविवार को प्लांट प्रबंधन सिम्स पहुंचे और मृतक के परिजन से चर्चा की। दोनों पक्षों के बीच 7 घंटे बातचीत होने के बाद 21-21 लाख रुपए मुआवजा लेने के तैयार हुए। इसके बाद दोनों शव के पीएम की प्रक्रिया शुरू की गई। मुंगेली पुलिस ने पीएम के बाद शव को परिजन को सौंप दिया। दोनों शव 36 घंटे साइलो के नीचे दबे रहे। इसके बाद 36 घंटे सिम्स के मरच्यूरी में रखा गया था। इस वजह से शव सड़ने लगेऔर दुर्गंध भी आने लगी। दोनों मृतक के परिजनों ने देर शाम तक शव का अंतिम संस्कार करने की बात कही है। इससे पहले पुलिस प्रशासन की टीम दलबल के साथ सिम्स परिसर में तैनात थे। आक्रोशित परिजन भारी संख्या में पहुंचे थे। जिससे गेट के बंद कर दिया। अंदर किसी को जाने से प्रतिबंध लगा दिया गया। प्रशासन की अनुमति से मृतकों के 5-5 परिजन को बातचीत करने के लिए अंदर भेजा गया था। प्लांट प्रबंधन के अधिकारी व परिजन एक साथ बैठकर मुआवजा की बात को लेकर सहमत हुए। तब जाकर मामला शांत हुआ।
विवाद के बाद मुंगेली पुलिस का किनारा,प्रबंधन को किया आगे
11 जनवरी को मुंगेली पुलिस प्रशासन के अफसर और मृतक के परिजनों के बीच मुआवजा की बात को लेकर जमकर हंगामा हुआ और अफसरों पर दबाव बनाने व दुर्व्यवहार का आरोप लगाया था। इसके बाद रविवार को मुंगेली पुलिस प्रशासन ने खुद को किनारा कर लिया और प्लांट प्रबंधन के अफसरों को आगे कर दिया। साथ ही पुलिस ने प्रबंधान को समझौता करने के निर्देश दिए। सिम्स परिसर में पुलिस अधिकारी व कर्मचारियों ने सुरक्षा व्यवस्था संभालते रहे।