दो ब्लॉक में अरसे से पदस्थ 17 दिव्यांग शिक्षक चार महीने में ही हो गए चंगे

सूचना के अधिकार से हुआ सनसनीखेज खुलासा…
बिलासपुर। जिले के दो ब्लॉक में अरसे से पदस्थ 17 दिव्यांग शिक्षक चार महीने में ही चंगे हो गए हैं। ये जानकारी सूचना के अधिकार से निकल कर सामने आ रही है जो काफी चौकाने वाली है और इसका प्रमाण भी है। अब ये चमत्कार विज्ञान का है ? या फिर विभागीय जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत का ? इसकी जांच जिला शिक्षा अधिकारी करेंगे? इसके लिए जिला जिला शिक्षा अधिकारी
कार्यालय जिला बिलासपुर छत्तीसगढ़ में अर्जी पेश की गई है।
जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर छत्तीसगढ़ के अधिनस्थ बिल्हा और तखतपुर ब्लॉक के 17 दिव्यांग शिक्षकों को दिव्यांग भत्ता की सूची से विलोपित कर दिया गया है। कार्यालय विकास खंड शिक्षा अधिकारी बिल्हा जिला बिलासपुर छत्तीसगढ़ ने सूचना के अधिकार के तहत पत्र प्रेषित कर 23 सितंबर 2024 को दिव्यांग भत्ता प्राप्त शिक्षकों की सूची दी थी, उसमें 85 शिक्षकों को दिव्यांग भत्ता प्राप्त होने की जानकारी है। इसके ठीक 90 दिन बाद कार्यालय विकास खंड शिक्षा अधिकारी बिल्हा जिला बिलासपुर ने एक और पत्र प्रेषित की है इसमें 82 शिक्षकों को दिव्यांग भत्ता मिलने की जानकारी दी है।
ठीक इसी तरह कार्यालय विकास खंड शिक्षा अधिकारी तखतपुर जिला बिलासपुर ने पत्र प्रेषित कर 14 नवंबर 2024 को दिव्यांग भत्ता प्राप्त शिक्षकों की सूची प्रेषित की। उसमें 37 शिक्षकों को दिव्यांग भत्ता प्राप्त होने की जानकारी दी है। इसके ठीक 54 दिन बाद कार्यालय विकास खंड शिक्षा अधिकारी तखतपुर जिला बिलासपुर ने 06 जनवरी 2025 को पत्र प्रेषित कर 23 शिक्षकों को दिव्यांग भत्ता मिलने की जानकारी दी है।
ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि 54 दिन के भीतर कार्यालय विकास खंड शिक्षा अधिकारी तखतपुर जिला बिलासपुर दिव्यांग भत्ता प्राप्त शिक्षकों की सूची से 14 शिक्षकों के नाम विलोपित कैसे हो गए ?
कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर में मामले की शिकायत कर शिक्षकों का अन्यत्र तबादला होने, असामयिक देहावसान, शिक्षकों के पूरी तरह स्वस्थ हो जाने, किसी विसंगतियों को छिपाने सूची देने में अनियमितता करने की जांच कर, विलोपित शिक्षक अभी कहां और कब से पदस्थ हैं उनकी प्रथम पदस्थापना कहां हुई थी की जानकारी जुटाकर मामले की निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की गई है।
इसके साथ ही बिल्हा और तखतपुर ब्लॉक में दिव्यांग भत्ता प्राप्त कर रहे शिक्षकों के जारी दिव्यांगता प्रमाण पत्रों की उच्च स्तरीय जांच कर और जारी संस्थानों से भौतिक सत्यापन कराने कानून सम्मत उचित पहल कर संभावित अनियमितताओं और गड़बड़ियां का खुलासा करने की मांग उठाई गई है।
हालांकि अब नए नवेले लेकिन तेज तर्रार जिला शिक्षा अधिकारी के पाले में भृष्टाचार की शिकायत रूपी गेंद पहुँच गई है देखना होगा कि जिला शिक्षा अधिकारी शिकायत आवेदन को कितनी गंभीरता से लेते हैं और सूक्ष्मता से जाँच का आदेश जारी करते हैं?
बहरहाल बीईओ बिल्हा की एक और गंभीर शिकायत आवेदन जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में धूल खाती अपनी बारी का इंतज़ार कर रही है देखना होगा जिला शिक्षा अधिकारी के संज्ञान में मामला कब तक आता है।