87 वीं सीआरपीएफ दिवस परेड: 65 वीं बटालियन को बेस्ट ऑपरेशन बटालियन ट्रॉफी….केंद्रीय गृह मंत्री ने थपथपाई पीठ

रायपुर/दिल्ली/ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 31 मार्च 2026 तक नक्सल मुक्त भारत के अटल संकल्प के अनुरूप, सीआरपीएफ की 65वीं बटालियन ने वर्ष 2025 के दौरान छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिला गरियाबंद में अदम्य साहस, सटीक रणनीति एवं उत्कृष्ट पेशेवर दक्षता के साथ सतत एवं निर्णायक अभियान संचालित किए।
इन अभियानों में 2 केंद्रीय समिति सदस्यों सहित कुल 28 कुख्यात नक्सलियों का सफाया किया गया, तथा 29 नक्सलियों ने सुरक्षा बलों के समक्ष आत्मसमर्पण किया। साथ ही, अत्याधुनिक हथियारों, गोला-बारूद एवं अन्य नक्सली सामग्री की भारी मात्रा में बरामदगी की गई। यह सफलता सुरक्षा बलों के साहस, समर्पण, समन्वित कार्रवाई और अटूट संकल्प का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
इन प्रभावी एवं लक्षित कार्रवाइयों के परिणामस्वरूप गरियाबंद जिले को पूर्णतः नक्सल मुक्त घोषित किया जाना संभव हुआ — जो क्षेत्र में शांति, विकास और जनविश्वास की पुनर्स्थापना की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि है।
सीआरपीएफ दिवस के अवसर पर उपर्युक्त दिनांक को गुवाहाटी, असम में आयोजित 87वीं सीआरपीएफ दिवस परेड के गरिमामय समारोह में गृह मंत्री की उपस्थिति में 65वीं बटालियन के कमांडेंट राधे श्याम सिंह को बेस्ट ऑपरेशन बटालियन ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान बटालियन की असाधारण परिचालन क्षमता, प्रभावी नेतृत्व एवं राष्ट्र सुरक्षा के प्रति अटूट निष्ठा का गौरवपूर्ण प्रतीक है।
65वीं बटालियन, सीआरपीएफ राष्ट्र की अखंडता, आंतरिक सुरक्षा एवं स्थायी शांति की रक्षा हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी इसी वीरता, अनुशासन एवं समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करती रहेगी।