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नगर निगम को हुआ जुर्माना….वसूली की राशि बाजार प्रभारी से वसूल कर शासकीय कोष में जमा करने के दिए निर्देश

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तीन साल बाद हुई सुनवाई,मिली अर्थदंड की सजा

बिलासपुर। 2021 से लेकर अब तक आरटीआई से एक जानकारी लेने के लिए इतनी बार आरटीआई कार्यकर्ता ने नगर निगम के चक्कर काटे कि अपील करना पड़ा।और आखिरकार बाजार प्रभारी को 25=25 हजार का अर्थदंड से दंडित किया गया।

जुना बिलासपुर किला वार्ड में रहने वाले रजनीश ताम्रकार ने आरटीआई के माध्यम से 2 मार्च 2021 को डाक के माध्यम से आवेदन पत्र भेजा था। जानकारी जिसकी जानकारी नहीं मिलने प्रथम अपीलीय अधिकारी के पास 3 मार्च 2021 को आवेदन किया गया।
इसके बाद भी सुनवाई नहीं हुई तो आरटीआई कार्यकर्ता ने प्रथम अपीलीय अधिकारी से क्षुब्ध होकर आयोग के समक्ष 12.8.2021 को द्वितीय अपील प्रस्तुत की।
पत्र के अनुसार बस स्टैंड के दुकान क्रमांक 4 एवं 5 को नीलामी के बाद आबंटित दुकान का प्रथम बार संपादित किए गए किराएदारी पट्टे की सम्पूर्ण नस्ती की प्रमाणित प्रति की मांग की गई ।

इसके बाद आयोग के नोटिस के जवाब में जन सूचना अधिकारी के द्वारा पत्र 22.7.2022 से आयोग को अवगत कराया गया।पत्र में बताया गया है कि अपीलार्थी के पत्र की पूरी जानकारी बाजार शाखा को प्रेषित किया गया था इसके बाद भी जन सूचना अधिकारी ने अपीलार्थी को उक्त जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।
बार बार शिकायत और अपील करने से नाराज आयोग ने आखिरकार नगर निगम के संबंधित अधिकारी से पूछा कि क्यों न उन पर प्रतिदिन 250 रुपए के हिसाब से बाजार शाखा प्रभारी को 250000 की अर्थदंड राशि से दंडित किया जाए।
इसलिए आयोग ने बाजार शाखा पर प्रभारी अनिल सिंह को निर्देश दिया कि समय सीमा में अपना लिखित जवाब प्रस्तुत करे नहीं तो एक तरफा कार्यवाही की जाएगी।
इसके बाद आयोग ने कार्यवाही की।

19 महीने विलंब से बाजार शाखा प्रभारी ने दी जानकारी

आरटीआई की जानकारी देने में बाजार शाखा प्रभारी ने 19 महीने विलंब लगा दिए।
इतना ही नहीं आयोग को उन्होंने लिखित में और मौखिक में किसी तरह का कोई भी जवाब प्रस्तुत नहीं किया । जिसके बाजार शाखा प्रभारी को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था।

वीसी से भी हुई सुनवाई

आरटीआई कार्यकर्ता ने वीसी में भी उपस्थित होकर अपनी शिकायत दर्ज कराया है।इसके बाद भी उसे जानकारी देने में कोताही बरती गई।

25 हजार के अर्थदंड का जुर्माना,बाजार शाखा प्रभारी से वसूलने के दिए निर्देश

नगर निगम के बाजार शाखा प्रभारी अनिल सिंह ने आरटीआई की जानकारी नहीं दी जिसके कारण आयोग ने 25 हजार की अर्थदंड से दंडित किया। आयोग ने बोला है कि बाजार शाखा प्रभारी से नियमानुसार वसूल कर शासकीय कोष में राशि को जमा कराया जाए।

आरटीआई की जानकारी नहीं देते है समय पर

ऐसे कई लोग है जो आईटीआई से जानकारी लेने के लिए आवेदन करते है लेकिन कई लोगों को आरटीआई से जानकारी नहीं देते है जिसके कारण लोग भटकते है।हालाकि इसमें ऐसे कई लोग भी है जो अपीली अधिकारी तक नहीं पहुंच पाते और कई लोग राज्य सूचना तक नहीं जा पाते।जिसका फायदा जिनके खिलाफ आवेदन लगा रहता है वह उठा लेते है।

अपील प्रकरण क्रमांक A /1951/2021 में भी हुआ 25 हजार का जुर्माना

इसी तरह जुना बिलासपुर निवासी रजनीश ताम्रकार के एक और आरटीआई के आवेदन दुकान नंबर 2 विजय आहूजा के मामले में नगर निगम के बाजार शाखा प्रभारी अनिल सिंह को 25 हजार का अर्थदंड से दंडित किया गया है। इसमें भी राज्य सूचना आयोग ने नाराजगी व्यक्त की है।आयोग का कहना है कि सूचना के अधिकार के तहत समय सीमा में जानकारी दे।

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