पूर्व माओवादी जोयो ने आदिवासियों को चाकू लेकर मारने दौड़ाया, बड़ी संख्या में थाना पहुँचे आदिवासी

कांकेर ब्रेकिंग: छोटेबेठिया बाज़ार में सामान ख़रीदने आए ग्रामीणों को दो युवकों जो पूर्व माओवादी बताये जाते है उन्होंने चाकू लेकर मारने दौड़ाया। अब उनमें से एक जोयो के बारे में दिलचस्प जानकारी सामने आई है।
पुलिस के मुताबिक़ अप्रैल 2024 को हिदुर जनताना सरकार उपाध्यक्ष रैसुराम नुरूटी उर्फ जोयो पिता स्व. झलकार नुरूटी उम्र 42 वर्ष जाति गोंड़ साकिन ब्रेहबेड़ा थाना छोटेबेठिया जिला कांकेर, नक्सली संगठन में 2002 से सक्रिय था। उसने पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर आत्मसमर्पण किया।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि ये दोनों भी कथित तौर पर डीआरजी में भर्ती हो चुके हैं और बदला लेने की नीयत से आदिवासियों को मारने की धमकी दी गई। उन्हें चाकू दिखाकर दौड़ाया गया। इस घटना के समय दोनों युवक सिविल ड्रेस में थे ऐसा बताया जा रहा है।
हिदूर गाँव के आयतू पद्दा और ब्रहबेड़ा के जोयो नरेटी को पुलिस मुखबिरी के शक में नक्सलियों ने गाँव से भगा दिया था। जिसके बाद ये दोनों कांकेर पुलिस के लिए काम करते हैं। हालाँकि इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। यह ग्रामीणों का दावा है।
छोटेबेठिया बाज़ार में हिदूर गाँव के ही मुंशी पद्दा जो आयतू का पारिवारिक सदस्य हैं। उन्हें चाकू लेकर दौड़ाया गया।
वहीं, कलपर गाँव के सन्नु पद्दा, सोमा पद्दा और हिदूर गाँव के संपत को जंगल में चाकू की नोक पर ले जाने की कोशिश की गई।

अब इन ग्रामीणों को डर है कि ये दोनों युवक उनकी हत्या करना चाहते हैं। दोनों ने इन ग्रामीणों पर नक्सलियों को इलाज के लिए डॉक्टर के पास ले जाने का आरोप लगाकर चाकू लेकर दौड़ाया है। किसी तरह जान बचाकर सभी ग्रामीण अपने गाँव पहुँचे।
आज पुलिस के पास एफ़आइआर दर्ज कर कार्रवाई की माँग को लेकर छोटेबेठिया थाना गये हैं।
सभी ग्रामीणों ने पुलिस से कड़ी कार्रवाई की माँग की है। हैरानी की बात है कि जो लोग ख़ुद माओवादी से पीड़ित होकर गाँव छोड़ने पर मजबूर हुए वहीं लोग आज इन ग्रामीणों की जान के दुश्मन हो गए। फ़िलहाल सभी ग्रामीण थाना गए हैं।
कथित मुख्यधारा में जुड़ने वाले इन पूर्व माओवादियों पर बस्तर में पहले भी आदिवासियों को बदले की भावना से प्रताड़ित करने के आरोप लगते रहें हैं। मगर अधिकारी इसका खंडन करते रहें हैं।