भारती, रविशंकर एवं दिग्विजय बने कॉलेज कलर

क्रीड़ा प्रतियोगिता का बादशाह बना शिवम तो सांस्कृतिक कार्यक्रम में सुंदरम ने मारी बाजी
पुरस्कार वितरण के साथ हुआ आई ए एस ई के खेल एवं सांस्कृतिक महोत्सव का समापन
बिलासपुर। उन्नत शिक्षा अध्ययन संस्थान, बिलासपुर में खेल एवं सांस्कृतिक महोत्सव सत्र 2024-25 का आयोजन हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. भुवन सिंह राज, कुल सचिव, पं. सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय, बिलासपुर एवं विशिष्ट अतिथि श्रीमती नलिनी पांडेय, सेवानिवृत्त प्राध्यापक, उन्नत शिक्षा अध्ययन संस्थान, बिलासपुर, उपस्थित रहें।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य एवं विशिष्ट अतिथि के स्वागत एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों से हुआ।प्राचार्य प्रो मीता मुखर्जी ने पुष्पगुच्छ भेंट कर अतिथियों का अभिनंदन किया। प्रशिक्षार्थियों ने प्रतीक पुष्प लगाकर अतिथियों का स्वागत किया।

समारोह में स्वागत गीत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां एवं विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें प्रशिक्षार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अतिथियों के सम्मान में मास्टर आफ सेरेमनी करीम खान के निर्देशन में शानदार मार्च-पास्ट एवं रीट्रीट के माध्यम से किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रतियोगिता में “सुंदरम” ने प्रथम स्थान एवं “सत्यम” ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जिसे मुख्य एवं विशिष्ट अतिथि द्वारा पुरस्कृत किया गया। वहीं खेल प्रतियोगिता में 72 अंको के साथ शिवम निकेतन विजेता एवं 54 अंकों के साथ सुंदरम निकेतन उपविजेता रहा।

विशेष आकर्षण मार्च-पास्ट एवं सुरिली कुर्सी दौड़ प्रतियोगिता रही, जिसके विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। मार्च-पास्ट में सत्यम निकेतन विजेता रहा तो मधुरम उपविजेता रहा। दलीय खेल एवं व्यक्तिगत खेलों के विजेताओं को प्रशस्ति पत्र एवं शील्ड तथा कप से सम्मानित किया गया। व्यक्तिगत खेलों के पुरुष वर्ग में सर्वाधिक अंक अर्जित करते हुए शिवम के रविशंकर एवं मधुरम के दिग्विजय संयुक्त रूप से कालेज कलर से सम्मानित हुए, तो वहीं मधुरम की भारती महिला वर्ग में कालेज कलर से सम्मानित हुई।

अपने उद्बोधन में श्रीमती नलिनी पांडेय ने शिक्षक प्रशिक्षण की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षकों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रहकर सांस्कृतिक एवं खेल गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए। उन्होंने शिक्षकों को अपने पेशे से गर्व करने और नैतिक मूल्यों को आत्मसात करने पर बल दिया।

तो वहीं
मुख्य अतिथि डॉ. भुवन सिंह राज ने अपने संबोधन में प्रशिक्षार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान अर्जन का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण का सशक्त साधन है। उन्होंने शिक्षकों की समाज में महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया।

कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि द्वारा समापन की औपचारिक घोषणा की गई एवं ध्वज अवतरण संपन्न हुआ। प्राचार्य प्रो मीता मुखर्जी ने आगामी प्रतियोगिता तक ध्वज सुरक्षित रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का संचालन आचार्य सौरभ सक्सेना ने किया एवं बी एड प्रभारी श्रीमती प्रीति तिवारी द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया और अंत में मैत्री प्रयाण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।


आज के कार्यक्रम में विशेष रूप से खेल विभूति श्री आर बी कैवर्त,सेवानिवृत्त आचार्य डॉ उल्लास वारे, डॉ डी के जैन, डॉ उषामणि, प्राचार्य बी टी आई अहर्निश पॉल
आदि सहित समस्त आचार्यवृंद एवं कार्यालयीन स्टाफ तथा समस्त प्रशिक्षार्थी उपस्थिति रहें।
इसकी जानकारी महाविद्यालय के खेल प्रभारी एवं करीम खान ने दी।