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सीमांकन कार्य में लगातार लापरवाही और दर्जन भर सीमांकन पेंडिंग रखने वाला राजस्व निरीक्षक हुआ निलंबित

– सीमांकन कार्य में लापरवाही बरतने वाले राजस्व निरीक्षक को निलंबित किया गया है। राजस्व निरीक्षक के द्वारा लगातार सीमांकन कार्य में लापरवाही बरती जा रही थी। उनके पास एक दर्जन सीमांकन के केस पेंडिंग थे। जिसके चलते कलेक्टर राहुल देव ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

मुंगेली। कलेक्टर राहुल देव ने भूमि सीमांकन के कार्य में लापरवाही एवं उदासीनता बरतने पर मुंगेली(शहरी) के राजस्व निरीक्षक नरेश कुमार साहू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निरीक्षक नरेश कुमार देवांगन द्वारा लगातार सीमांकन प्रकरणों को लंबित रखा जा रहा था। उच्च अधिकारियों एवं उच्च कार्यालयों द्वारा जारी आदेश की भी परवाह राजस्व निरीक्षक को नहीं थी। जिससे नाराज कलेक्टर राहुल देव ने राजस्व निरीक्षक के उपर निलंबन की गाज गिराई है।

कार्यालय कलेक्टर भू-अभिलेख शाखा द्वारा जारी आदेश के अनुसार न्यायालय तहसीलदार मुंगेली में 18 नवंबर को सीमांकन प्रकरण दर्ज कर राजस्व निरीक्षक को भूमि सीमांकन करने हेतु ज्ञापन जारी किया गया था। राजस्व निरीक्षक के प्रभार क्षेत्र अंतर्गत 12 सीमांकन प्रकरण लंबित है, जिसमें आज दिनांक तक प्रतिवेदन अप्राप्त है। यह अपने उच्च अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना, कर्तव्यों के निर्वहन में घोर उदासीनता और शासकीय कार्यों के प्रति लापरवाही तथा स्वेच्छाचारिता का घोतक है और सिविल सेवा आचरण नियम के विरुद्ध है।

राजस्व निरीक्षक साहू को उक्त कृत्य हेतु छत्तीसगढ़ सिविल सेवा के नियम 1966 के नियम 9 (1) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में साहू का मुख्यालय कार्यालय कलेक्टर भू-अभिलेख शाखा जिला मुंगेली निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी।

इसके साथ ही कलेक्टर राहुल देव ने सभी राजस्व अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्पष्ट चेतावनी जारी की है कि राजस्व के प्रकरणों के निपटारे में अनावश्यक विलंब न बरते और पेंडिंग प्रकरणों का शीघ्रातिशीघ्र निराकरण करना सुनिश्चित करें। कलेक्टर राहुल देव ने कहा है कि जनता को राजस्व संबंधी प्रकरणों और राजस्व संबंधी कार्यों के लिए अनावश्यक कार्यालयों का चक्कर नहीं लगवाया जाना चाहिए। तय समय सीमा में राजस्व प्रकरणों और नामांतरण,फौती, बंटवारा नामा तथा त्रुटि सुधार जैसे कार्य प्राथमिकता से कर जनता को राहत पहुंचाया जाए। अन्यथा ऐसा न करने पर लापरवाह अधिकारी कर्मचारियों पर कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।

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