फैक्ट फाइंडिंग कमेटी पहुंची बिलासपुर,त्रिलोक अभय और सीमा से की बंद कमरे में बात
शहर अध्यक्ष और जिलाध्यक्ष से भी एक एक करके कमेटी ने की बातचीत
धनेन्द्र साहू बोले,कांग्रेस में जो भी अनुशासनहीनता करेगा उसके खिलाफ कार्यवाही होगी
विजय केसरवानी बोले,प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित किया गया अभय और त्रिलोक को
बिलासपुर। बिलासपुर के कांग्रेस नेता और कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव के निष्कासन अनुशंसा की जांच पूरी हो गई है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता धनेन्द्र साहू की अध्यक्षता में फैक्ट फाइंडिंग कमेटी बिलासपुर आई थी। इस दौरान कमेटी संगठन और निष्कासित पदाधिकारियों से अलग-अलग चर्चा की। कांग्रेस भवन में वन टू वन संगठन और निष्कासित पदाधिकारियों से अलग-अलग चर्चा की गई। धनेन्द्र साहू के अलावा पूर्व विधायक अरुण वोरा, अल्प संख्यक आयोग के अध्यक्ष महेंद्र छाबड़ा की तीन सदस्य टीम शामिल रही।जिन्होने बारीकी से चर्चा की।
बता दें कि प्रदेश प्रवक्ता अभय नारायण राय, पूर्व महिला कांग्रेस अध्यक्ष सीमा पांडेय और त्रिलोक श्रीवास के अलावा दोनों जिला अध्यक्षों ने भी बयान दर्ज कराया है। फ़ैक्ट फाइंडिंग कमेटी के अध्यक्ष धनेन्द्र साहू, पूर्व विधायक अरुण वोर और अल्प संख्यक आयोग अध्यक्ष महेंद्र छाबड़ा ने दोनों पक्षों का दर्ज बयान किया। दोनों पक्षों से अलग- अलग चर्चा कर बंद लिफाफे में रिपोर्ट तैयार किया गया है। आज की बैठक में अटल श्रीवास्तव विधानसभा सत्र में होने के कारण बैठक में नहीं पहुंच सके। जिस पर कमेटी उनसे अलग से मुलाकात कर बयान दर्ज करेगी।
बोले धनेन्द्र,अनुशासनहीनता का कांग्रेस में स्थान में नहीं है
इधर जांच पूरी होने के बाद धनेन्द्र साहू ने मीडिया से बातचीत में कहा कि, अनुशासनहीनता का कांग्रेस में स्थान में नहीं है। जिला कांग्रेस कमेटी का पद बड़ा और सम्मानीय पद होता है। निष्कासित लोगों के ख़िलाफ़ फोटो और वीडियो का प्रमाण प्रस्तुत किया गया है। इसलिए इस पूरे मामले में बारीकी से जांच होगी और जिसने भी गलती की है उसके खिलाफ जरूर कार्यवाही होगी।इसके लिए रायपुर में चर्चा की जाएगी।
त्रिलोक श्रीवास ने कहा,मैने कांग्रेस के खिलाफ कोई काम नहीं किया,मै राष्ट्रीय पदाधिकारी हूं मेरे ऊपर यहां से कार्रवाई नहीं हो सकता
कांग्रेस से निष्कासित त्रिलोक श्रीवास ने कहा की मैं राष्ट्रीय पदाधिकारी हूं मेरे ऊपर कार्यवाही नहीं हो सकता,और मैने किसी तरह का कोई भी काम कांग्रेस के खिलाफ नहीं किया है।बल्कि पूरे चुनाव में कांग्रेस महापौर का चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी के साथ काम किया हूं।
जिसकी लिखित कॉपी
भी भेजी गई है।और चूंकि जिला पंचायत का चुनाव गैर दलीय होता है इसलिए मैने अपनी पत्नी को चुनाव लड़ाया और जीतकर दिखाया हूं। कांग्रेस के लिए हमेशा ईमानदारी से काम करता हूं।लेकिन जिलाध्यक्ष ने बेवजह अन्य लोगों पर कार्यवाही नहीं करके मुझे टारगेट किया गया और निष्कासित किया गया। इसलिए मैने आज बिलासपुर पहुंची टीम को पूरी जानकारी दी है।जिसमें कांग्रेस के कई नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाने वालो की शिकायत भी की गई है।कांग्रेस में ऐसे कई लोग है जो दूसरे लोगों का काम किए
है उनके ऊपर कार्यवाही नहीं की जा रही है।
निष्कासित कांग्रेसी अभय नारायण राय बोले,जिला कांग्रेस कमेटी ने एकतरफा कार्रवाई की
कांग्रेस से निष्कासित प्रदेश प्रवक्ता अभय नारायण राय ने जांच में जवाब प्रस्तुत करने के बाद बातचीत में पीसीसी चीफ दीपक बैज का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शिकायत और प्रकरण दोनों की उन्हें कोई जानकारी नहीं थी और जिला कांग्रेस कमेटी ने उनके ख़िलाफ़ एकतरफ़ा कार्यवाही की है। इस हेतु पीसीसी आलाकमान में अपना पक्ष करने के लिए न्याय माँगी थी। जिस पर फैक्ट फाइंडिंग कमेटी गठित की गई है। मेरे ख़िलाफ़ साज़िश के तहत कार्यवाही की गई है। आज की रिपोर्ट का जो भी निर्णय निकलेगा उसका पालन किया जाएगा।
पूर्व शहर अध्यक्ष बोली,मेरी कोई गलती नहीं न मैने कोई गलत काम किया है
महिला कांग्रेस की पूर्व शहर अध्यक्ष सीमा पांडेय ने कहा कि बंद कमरे में एक एक करके चर्चा हुई सबसे पहले त्रिलोक श्रीवास उसके बाद अभय नारायण राय और आखरी में मुझे बुलाया गया।जिसमें टीम के सदस्य मौजूद रहे और मुझे फोटो दिखाते हुए पूछा गया कि आपके खिलाफ शिकायत में आप भाजपा और अन्य विपक्ष के लोगो से बातचीत कर रहे है।जवाब में सीमा पांडेय ने कहा कि यह तस्वीर पुत्री शाला की है जिस दिन मतदान हो रहा था और जाहिर है कि मतदान के दिन कोई परिसर में प्रचार नहीं कर सकता।बल्कि एक दूसरे से बातचीत की जा रही थी।और इस फोटो में भाजपा कांग्रेस और अन्य लोग शामिल है। मैने किसी के साथ कोई गलत काम नहीं किया है। मेरे ऊपर लगाए गए आरोप गलत है।मुझे तो निष्कासन तक की जानकारी नहीं थी मीडिया से पता चला कि मुझे 6 साल के लिए कांग्रेस से निकाल दिया गया है।
जिलाध्यक्ष विजय बोले,प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित किया गया है
कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष विजय केशरवानी ने बताया कि अभय नारायण और त्रिलोक श्रीवास पीसीसी के सदस्य नहीं है बल्कि जिला कांग्रेस कमेटी के सदस्य है।इसलिए उनको निष्कासित करने का अधिकार है। और इसकी पूरी जानकारी पीसीसी और टीम को प्रमाण के साथ दी गई है।
कोटा विधायक के चपरासी कहे जाने के बाद से मामला पकड़ा तुल
कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने जिलाध्यक्ष को चपरासी कहा था। जिसके बाद से पूरे मामले ने तुल पकड़ लिया है। जांच के बाद अब पीसीसी कमान को फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट सौंपी जाएगी। अटल ने जिलाध्यक्ष को चपरासी कहने वाला मामला अब तुल पकड़ता हुआ नजर आ रहा है। गुटबाजी के बीच कांग्रेस नेताओं में जमकर बयानबाजी चल रही है। कमेटी की रिपोर्ट के बाद पीसीसी अंतिम फैसला लेगी।
कांग्रेस के टीम पहुंचने पर कांग्रेस नेताओं की कांग्रेस भवन में रही भीड़
चपरासी और कलेक्टर का मामला तो प्रदेश भर में चल रहा है।इसके साथ ही विधायक को निष्कासित करने की अनुशंसा भी की गई है।जिसके कारण आज टीम पहुंची रही।टीम को देखते हुए जिले और आसपास के कांग्रेसी नेताओं का जमावड़ा लगा रहा और रायपुर से पहुंचे नेताओं का आवभगत करने लगे।इसके कारण आज कांग्रेस भवन में गहमा गहमी का माहौल बना रहा।