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वर्षों पुराने मकान,दुकान और होटल पर चला बुलडोजर…नगर निगम ने लिंगियाडीह पर चलाया बेजाकब्जा हटाओ अभियान

अपोलो सड़क मार्ग पर बेजाकब्जा करके बैठे हुए थे कई लोग

नगर निगम के अमले ने बल के साथ की तोड़फोड़ की कार्रवाई

तोड़फोड़ की कार्रवाई में मचा हंगामा,

बिलासपुर / लिंगियाडीह क्षेत्र के अपोलो अस्पताल मार्ग में नगर
निगम ने कार्रवाई करते हुए दुकानों और घरों में बुलडोजर चलाकर तोडफ़ोड़ की कार्रवाई की। कई दिनों से यहां अतिक्रमण हटाने के लिए नगर निगम प्रयास कर रहा था । ठोस आदेश नहीं मिलने कारण तोडफोड़ की कार्रवाई पर विराम लगा हुआ था। लेकिन आज भारी संख्या में अधिकारी कर्मचारियों की टीम ने अपोलो अस्पात मार्ग सहित आसपास में वर्षों से बने घरों और दुकानों को हटाया।

बता दे कि अपोलो अस्पताल व आसपास के इलाकों में कई वर्षों से लोग अवैध कब्जा कर दुकान,होटल और मकान बनाकर अपनी जीविका चला रहे थे। उन्हें कई बार नोटिस भी जारी किया गया था लेकिन तोडफ़ोड़ की कार्रवाई नहीं हो पा रही थी।नगर निगम ने कई बार तोड़फोड़ करने की कार्रवाई करनी चाही लेकिन नहीं हो सका।


हर बार कोई न कोई एप्रोच या फिर कोई कारण आ जाता था।
लेकिन इस बार अतिक्रमण विभाग के अधिकारी कर्मचारी और पुलिस प्रशासन के सहयोग पर बुलडोजर की कार्रवाई की गई है।और नगर निगम ने भारी जद्दोजहद के बाद बुलडोजर चलाया और कार्रवाई की।जिसके कारण हड़कंप मचा रहा।

अपोलो अस्पताल जाने के लिए बनाया गया है सड़क मार्ग

अपोलो अस्पताल पहुंच मार्ग की दुर्दशा सुधारने हाईकोर्ट के आदेश के बाद अतिक्रमण हटाने का काम शुरू हो गया है। मंगलवार सुबह नगर निगम ने कई दुकानो को तोड़ कर हटाया है,अभी 85 दुकानें और 23 मकान और हटाए जाने हैं।

अस्पताल जाने होता है सड़क मार्ग प्रभावित,हाई कोर्ट ने लिया था संज्ञान

अपोलो अस्पताल तक सड़कें पर्याप्त चौड़ी नहीं होने से यातायात का संचालन प्रभावित होता था। मरीजों को अस्पताल पहुंचने में देरी होती थी, इस पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने स्वतः संज्ञान लिया था। इसके बाद प्रशासन ने ताबड़तोड़ कार्रवाई की।

प्रभावित लोगों ने किया था कार्रवाई का विरोध,लेकिन नहीं हुई सुनवाई

बता रहे है कि प्रभावित लोगों ने कार्रवाई का जमकर विरोध किया। और हंगामा मचाया।इसके बाद भी उनकी किसी तरह की कोई भी सुनवाई नहीं हुई ।जिसके कारण उनको मायूस होकर लौटना पड़ा ।

वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं दिया प्रशासन ने

बेजाकब्जा करने वालो का जब मकान टूटा और दुकान टूटा तो उन्होंने कहा कि भले ही उन्हें कल नगर निगम के रेडियो के माध्यम से और नोटिस के माध्यम से सूचना दिया गया था लेकिन वैकल्पिक व्यवस्था का कही कोई इंतजाम नहीं किया गया था। जिसके कारण लोगों को भटकना पड़ा और किराए का मकान खोजना पड़ा।

जोन कमिश्नर बोले कि सड़क पर था कब्जा, अतिक्रमण हटाकर की गई कार्रवाई

जोन क्रमांक 7 के जोन कमिश्नर ने बताया कि, 60 फुट चौड़ी सड़क पर दोनों तरफ करीब 20-25 फुट का अतिक्रमण हो चुका था। इससे लोगों को आने जाने में परेशानी हो रही थी। वसंत विहार चौक से मानसी गेस्ट हाउस तक की सड़क को चौड़ा किया जाएगा।इसके साथ ही
मकान में रहने वालों को बहतराई, सरोज विहार और आईएचएसडीपी योजना के आवासों में शिफ्ट किया जाएगा। सड़क पर सब्जी और अन्य दुकान लगाने वालों को लिंगियाडीह के पसरा में जगह दी जाएगी।यह अभियान जारी रहेगा जब तक पूरी तरह से बेजाकब्जा न टूट जाए।

अचानक हुई कार्रवाई से बेजाकब्जा धारी घबराए

लिंगियाडीह के लोगो का कहना है कि यह कार्रवाई अचानक हुई है एक दिन पहले नोटिस दिया गया दूसरे दिन आकर तोड़फोड़ की कार्रवाई कर दी गई । अगर हमें रिश्तेदारों और पहचान वालो के सहारा नहीं दिया होता तो शायद आज सड़क
पर रहने के लिए मजबूर होना पड़ता।
मकान,दुकान और होटल वालो के अपने सामानों को परिचित वालो के घर में रखवाया है।और कुछ लोग तो किराए के मकान में जाकर रहने लगे है।

रोते बिलखते हुए बोले,निगम ने नियम विरुद्ध की कार्रवाई

यह तस्वीर रात 10.30 बजे की है जब हम एक बार फिर से लिंगियाडीह पहुंचे और लोगो से बातचीत करने की कोशिश करने लगे तो उन्होंने बताया कि वर्षों से रहकर जीवन यापन कर रहे थे लेकिन सब बर्बाद हो गया और सड़क पर आ गए है। जबकि नगर निगम से निवेदन भी किया गया था कि चौड़ीकरण के लिए थोड़ा सा जगह को ले लीजिए इसके बाद भी निगम ने 60 फीट का अतिक्रमण हटाया है।रोते बिलखते हुए बताया कि अब जिंदगी शुरू से करनी होगी शुरू। क्योंकि यहां धंधा जमा हुआ था जिसके कारण रोजी रोटी और घर चलता था अब फिर मेहनत करना होगा और फिर से धंधा शुरू करना होगा।

बेजाकब्जा वालो ने बोला नहीं मिला है मकान,विधायक नहीं कर रहे कोई मदद

बेजाकब्जा में रहने वालो ने यह कहा
तोड़फोड़ की कार्रवाई का विरोध नहीं है लेकिन नगर निगम जगह कम लेता और पहले से मकान देता तो अच्छा रहता।लेकिन निगम ने अपनी मनमानी की है।जिसके कारण आज लोगों को मजबूरी में अपने रिश्तेदारों के घर में जाकर रहना पड़ रहा है।लोगो ने आरोप लगाया है कि विधायक ने नहीं सुनीं न कोई मदद की।

कांग्रेस शासनकाल में टूटना था,लेकिन राजनीतिक कारणों से नहीं हुई कार्रवाई

सूत्र बता रहे है कि वैसे तो बेजाकब्जा की कार्रवाई कांग्रेस शासन काल में होना था लेकिन राजनीतिक दबाव और एप्रोच की वजह से नहीं हुई लेकिन इस बार एप्रोच काम नहीं आया और सीधे नगर निगम ने बुलडोजर चलाकर बेजाकब्जा हटा दिया।
जिसके कारण इस कार्रवाई को लोग कई तरह की नजरों से देख रहे है।

पार्षद दिलीप पाटिल बोले,जिनका मकान तोड़ा गया उनको आवास पहले देना था

गरीबों को आवास की सुविधा दिलाने के लिए वार्ड के पार्षद दिलीप पाटिल जुझते रहे। पार्षद दिलीप पाटिल का कहना है की जिनका मकान दुकान।तोड़ा गया है उनको रहने के लिए पहले से जगह तय करना था और पहले एक जगह पर स्थापित करना था उसके बाद तोड़फोड़ की कार्रवाई करते।लेकिन नगर निगम ने अपनी मनमानी करते हुए जबरदस्ती तोड़फोड़ की कार्रवाई की।उन्होंने आरोप लगाया है कि यह कार्रवाई भेदभाव वाली है।जिसमें सिर्फ कांग्रेस पार्षद वाले क्षेत्र को टारगेट किया गया है।

नगर निगम,पुलिस प्रशासन और तहसीलदार के अलावा सैकड़ों लोग रहे मौजूद

लिंगियाडीह में तोड़फोड़ अभियान के चलते पुलिस बल भारी संख्या में मौजूद रही।इस अवसर पर प्रशासन की टीम और तहसीलदार के साथ ही नगर निगम की टीम भी शामिल रही ,जिन्होने विरोध को रोकने और तोड़फोड़ की कार्रवाई का विरोध करने वालो को पकड़कर रखा। इसके साथ टीम ने साफ और सीधे तौर पर कहा था कि अगर किसी न हंगामा किया और लड़ाई झगड़ा किया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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