साल भर से किराए के मकान में विदेशी युवती के साथ रह रहा था बांग्लादेशी युवक

पुलिस को नहीं लगी भनक
बिलासपुर । बांग्लादेशी युवक अपने गांव की नाबालिक लड़की को भगा कर ले आया और किराए के मकान में रहकर टेंट हाउस में काम कर रहा था। साल भर बाद भी पुलिस को इसकी जानकारी नहीं मिल पाई। एनजीओ की सूचना पर दबिश देकर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर पॉक्सो,पासपोर्ट अधिनियम समेत अन्य धाराओं में कार्यवाही की हैं।
बता दे कि बंगलादेश में रहने वाला युवक अपने ही गांव की नाबालिग को भगाकर ले आया। यहां वह देवरीखुर्द में किराए का मकान लेकर टेंट हाउस में काम कर रहा था। साल भर से बांग्लादेशी युवक यहां रह रहा था पर सोई हुई बिलासपुर पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लग पाई। एनजीओ के माध्यम से इसकी सूचना मिलने पर पुलिस ने युवक को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित युवक के खिलाफ पाक्सो एक्ट व विदेशी लड़की को जबरन लाने और पासपोर्ट अधिनियम के तहत कार्रवाई है। मामला तोरवा थाना क्षेत्र का है।
कोतवाली सीएसपी अक्षय प्रमोद सबद्रा ने बताया कि तोरवा क्षेत्र के देवरीखुर्द में अवैध बंगलादेशी युवक के रहने की सूचना मिली थी। इस पर पुलिस ने देवरीखुर्द के नहरपारा में दबिश देकर बंगलादेश के जशोर जिला अंतर्गत ग्राम तोरफ नोआपारा में रहने वाले हृदोय कुमार शर्मा(20) को पकड़ लिया। पूछताछ में युवक ने बताया कि वह बंगलादेश में ही रहने वाली नाबालिग को शादी का झांसा देकर अपने साथ लाया है। यहां पर वह एक साल से किराए के मकान में रहकर एक टेंट हाउस में काम कर रहा है। आरोपित से नाबालिग से शादी करके अपने साथ रखा था। पूछताछ के बाद आरोपित के खिलाफ बीएनएस की धारा 141,143,143(4), 64(2)(एम) और 4,6 पाक्सो एक्ट व पासपोर्ट अधिनियम 1946 की धारा 14A(बी) के तहत कार्रवाई की गई है।
बिना दस्तावेज मिल गया किराए का मकान, दूसरे के नाम पर लिया मोबाइल
बंगलादेश से भागकर किसी तरह आरोपित पश्चिम बंगाल पहुंचा। वहां से अपने परिचित के माध्यम से बिलासपुर पहुंच गया। यहां पश्चिम बंगाल के कई लोग सालों से देवरीखुर्द क्षेत्र में रह रहे हैं। बंगलाभाषी होने के कारण उसे यहां पर एक झोपड़ी किराए पर मिल गया। साथ ही उसे टेंट हाउस में काम भी दिला दिया गया। इस दौरान उसने अपने परिचित के नाम पर एक मोबाइल सिम भी ले लिया। इससे वह अपने परिवार वालों के संपर्क में था। उसके परिवार के सदस्य बंगलादेश में ही रह रहे है।
एनजीओ के माध्यम से मिली सूचना
सीएसपी अक्षय प्रमोद सबद्रा ने बताया कि बंगलादेश में नाबालिग के अपहरण की शिकायत दर्ज है। वहां कार्यरत एक एनजीओ के लोगों ने नागपुर स्थित फ्रीडम फर्म नाम के सामाजिक संस्था से संपर्क किया। साथ ही युवक की जानकारी उपलब्ध कराई। इसके बाद एनजीओ के सदस्य रविवार को बिलासपुर पहुंचे। यहां पुलिस के अधिकारियों से संपर्क कर पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद तोरवा पुलिस की टीम ने देवरीखुर्द में दबिश देकर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है।
बड़ी संख्या में रहते हैं बंगलाभाषी
तोरवा थाना प्रभारी अभय सिंह बैस ने बताया कि आरोपित युवक एक साल पहले यहां पर आया था। देवरीखुर्द के नहरपारा में बड़ी संख्या में बंगलाभाषी रहते हैं। सभी लंबे समय से यहां पर रहकर रोजी मजदूरी करते हैं। कई लोगों ने यहां पर मकान भी बना लिया है। इन्हीं में से एक ने युवक को मकान उपलब्ध कराया। साथ ही उसे मोबाइल सिम दिलाया। यहां पर काम दिलाने में भी उसकी मदद की गई। युवक के पास भारतीय दस्तावेज नहीं थे। उसके पास बंगलादेश का जन्मप्रमाण पत्र मिला है। इसे जब्त कर लिया गया है।