स्वास्थ्य विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर शिक्षक ने ऐंठ लिए दस लाख, फिर थमा दिया फर्जी नियुक्ति पत्र ,उत्तर प्रदेश से पुलिस ने किया गिरफ्तार

– नौकरी दिलाने के नाम पर 10 लाख रुपए शिक्षक के द्वारा ठग लिए गए। शिक्षक ने प्रार्थी को स्वास्थ्य विभाग में कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी दिलवाने का छात्र दिया झांसा दिया था। दस लाख रुपए लेकर शिक्षक ने पीड़ित को फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिया। जब पीड़ित ज्वाइनिंग करने पहुंचा तब नियुक्ति पत्र के फर्जी होने और ठगी का खुलासा हुआ। केंद्रीय विद्यालय के शिक्षक को पुलिस ने उत्तरप्रदेश के अलीगढ़ से गिरफ्तार किया है
अंबिकापुर। सरगुजा पुलिस ने कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर नौकरी लगाने का झांसा देकर ठगी करने वाले आरोपी केंद्रीय विद्यालय के शिक्षक को गिरफ्तार किया है। आरोपी शिक्षक ने पीड़ित से 10 लाख रुपये लेकर फर्जी नियुक्ति पत्र जारी किया था। जॉइनिंग करने के लिए जाने पर पूरे मामले का भंडाफोड़ हुआ। पुलिस ने आरोपी को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से गिरफ्तार किया है। मामला गांधीनगर थाना क्षेत्र का है।
अंबिकापुर के गांधीनगर थाना क्षेत्र निवासी दिनेश यादव ने 7 अप्रैल 2024 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी जान-पहचान तीन साल पहले पवन कुमार समीर से हुई थी। पवन कुमार समीर उस दौरान केंद्रीय विद्यालय अंबिकापुर में शिक्षक था। पवन ने दिनेश यादव के बेटे को स्वास्थ्य विभाग में कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी दिलाने का भरोसा देकर 10 लाख रुपये की मांग की। दिनेश ने किश्तों में पूरी रकम दे दी। कुछ समय बाद पवन ने एक नियुक्ति पत्र भेजकर रायपुर जाने को कहा, लेकिन जब पीड़ित रायपुर पहुंचा, तो पता चला कि नियुक्ति पत्र फर्जी था। जब दिनेश यादव ने पवन से पैसे वापस मांगे, तो उसने केवल छह लाख रुपये लौटाए और बाकी चार लाख रुपये देने से इनकार कर दिया। इसके बाद पीड़ित ने गांधीनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने धारा 420 के तहत मामला दर्ज किया।
यूपी के अलीगढ़ से हुई गिरफ्तारी:–
एसपी योगेश पटेल ने मामले में जांच कर कार्यवाही के निर्देश दिए थे। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की। तब पता चला कि आरोपी यूपी के अलीगढ़ में रह रहा है। उसे पकड़ने के लिए पुलिस की टीम अलीगढ़ भेजी गई। टीम ने आरोपी पवन समीर (40 वर्ष), निवासी आगरा, उत्तर प्रदेश को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में उसने फर्जी नियुक्ति पत्र देकर ठगी करने की बात स्वीकार की। पुलिस ने उसके खिलाफ धोखाधड़ी से जुड़े धारा 467, 468, 471 के तहत भी मामला दर्ज कर लिया है।
टीम में ये रहे शामिल:–
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी मोरध्वज देशमुख, सहायक उपनिरीक्षक विपिन तिवारी, दिलसाय कुजूर, आरक्षक देवेंद्र पाठक और प्रमोद कुमार की अहम भूमिका रही। आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।