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समायोजन की मांग को लेकर बर्खास्त बीएड डिग्रीधारियों ने किया प्रदर्शन…..पुलिस से बहस हुआ तो मचा बवाल….पुलिस को छकाते हुए पहुंचे नेहरू चौक…फिर बैठ गए धरने में….बोले,राज्य सरकार होश में आओ

गांधी चौक से निकाली रैली का जगह-जगह पुलिस ने किया रोकने का असफल प्रयास

पुलिस से हुई झूमाझटकी,गाली गलौच करने वाले युवक को पुलिस ने पकड़ा,हंगामा हुआ तो पुलिस छोड़ा

बिलासपुर।बीएड डिग्री धारी को केवल मिडिल स्कूल में शिक्षा देने के निर्देश के बाद अब सरकार ने प्राथमिक शाला में सेवाएं दे रहे बीएड डिग्री धारी की सेवा पूरी तरह से समाप्त कर दी है। तब से बीएड डिग्रीधारियों ने राज्य शासन के सामने समायोजन की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू किया हुआ है। जो अब तक जारी है रायपुर में लंबे समय तक प्रदर्शन करने के बाद अब यह रैली और विरोध राज्य के हर जिले में पहुंच रहा है।जिनकी मांग सिर्फ एक है कि समायोजन करके नौकरी वापस दी जाए।अन्यथा यह लड़ाई आखरी दम तक लड़ी जाएगी।चाहे इसके लिए हड़ताल धर्मा प्रदर्शन और भूख हड़ताल क्यों न करना पड़े।

बता दे सरगुजा और बस्तर संभाग का बीएड डिग्रीधारियों का आक्रोश और नाराजगी बिलासपुर में पूरी तरह से नजर आया।जिन्होने गांधी चौक से लेकर नेहरू चौक तक पैदल रैली निकाली और नेहरू चौक में बैठकर
समायोजन करने की मांग की। बीएड डिग्रीधारियों के एक स्वर में भाजपा सरकार को जमकर कोसा और बोले कि शिक्षकों को नौकरी से निकालकर सरकार ने अच्छा नहीं किया है।बल्कि पेट में।लात मारने का काम किया है।जिसकी वजह से कई शिक्षकों के घर में भूखे मरने की नौबत आ चुकी है कई लोग कर्जदार हो चुके है।परिवार की आर्थिक स्थिति फिर से बिगड़ चुकी है।लेकिन सरकार को इनसे कोई मतलब नहीं है बल्कि सरकार अपनी मर्जी की मालिक हैं और यही कारण है बीएड डिग्रीधारियों को बिना कारण के नौकरी से बाहर कर दिया गया है। बीएड डिग्री धारी ने समायोजन की मांग को लेकर रैली निकाली यह रैली पुराना हाईकोर्ट पुराना बस स्टैंड टेलीफोन एक्सचेंज अग्रसेन चौक सत्यम चौक होते हुए नेहरू चौक पहुंची इस दौरान जगह-जगह पुलिस के अधिकारियों ने रैली को रोकने का प्रयास किया लेकिन यह सभी डिग्री धारी केवल अपनी मांग को राज्य शासन तक पहुंचाने के लिए यहां आंदोलन कर रहे थे। जिनका कहना था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिलासपुर आ रहे हैं ऐसे में यह आंदोलन के माध्यम से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग पहुंचाना चाह रहे हैं लेकिन जिस तरह से उन्हें आंदोलन करने से रोका जा रहा है यह उचित नहीं है उनकी केवल एक ही मांग है कि उन्हें किसी अन्य विभागों में समायोजन कर दिया जाए जिससे उनके सामने जीवन यापन का संकट उत्पन्न ना हो इनका कहना है कि राज्य सरकार में बड़ी संख्या में पद खाली है अगर सरकार चाहे तो यह समायोजन कर सकती है लेकिन सरकार की मंशा इस दिशा में लगती नहीं है। इस अवसर पर सरगुजा और बस्तर संभाग से मिलकर सैकडो लोग
आंदोलन करने पहुंचे रहे।जिन्होने रास्ते भर नारेबाजी की और
सरकार के खिलाफ हल्ला बोल प्रदर्शन किया।

बर्खास्त सहायक शिक्षकों ने कहा 2 मांगो को पूरी करे सरकार

बर्खास्त सहायक शिक्षकों का कहना है कि सरगुजा और बस्तर संभाग में हुई भर्ती के मुख्य रूप से व्यापम द्वारा भर्ती में सलेक्ट हुए है।और उसके बाद 3000 चयनित सहायक शिक्षकों में लगभग 71 प्रतिशत अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोग आते है जिनके साथ अन्याय किया गया है।इसलिए सरकार को समिति की बैठक में शीघ्र एजेंडा तैयार करके लैब असिस्टेंट पद,सहायक शिक्षक के समकक्ष किसी पद में समायोजन कर देना चाहिए और यह प्रक्रिया 30 दिनों में होना चाहिए।ताकि फिर से नौकरी पर आ सके और जीवन यापन कर सके।

पुलिस ने पहले गांधी चौक में बर्खास्त सहायक शिक्षकों को रोकने का किया गया भरपूर प्रयास,लेकिन पुलिस असफल रही

बर्खास्त सहायक शिक्षकों के सरगुजा और बस्तर क्षेत्र से आकर बिलासपुर में रैली निकालकर जमकर प्रदर्शन किया। इसके बाद रैली की शुरुआत जब हुई तो आनन फानन में सिटी कोतवाली सीएसपी,सिविल लाइन सीएसपी और अन्य थानेदार समेत पुलिस कर्मी पहुंचे जिन्होने रोकने का भरपूर प्रयास किया।लेकिन बर्खास्त सहायक शिक्षकों ने किसी की बात नहीं मानी बल्कि अपनी जिद्द पर अड़े रहे और एक एक करके निकलते रहे।

गांधी चौक से शुरू हुआ रोकना,नेहरू चौक तक नहीं रोक सकी पुलिस

पुलिस ने जब सहायक शिक्षकों को रोकने की पूरी तरह से कोशिश की और पूरी ताकत झोंक दी।लेकिन आंदोलन करने वाले सहायक शिक्षकों के सामने पुलिस बेबस और लाचार नजर आई।क्योंकि आंदोलन करने वाले बर्खास्त सहायक शिक्षकों ने राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करके पैदल मार्च किया और इधर उधर से होते हुए आखिरकार नेहरू चौक तक पहुंच गए।इधर पुलिस तमाशा देखती रही।

पुराने हाईकोर्ट के पास हुआ विवाद,हंगामा

पुराने हाईकोर्ट रोड पर जब रैली पहुंची तो एक बर्खास्त सहायक शिक्षक ने पुलिस को गाली दे दिया जिससे सीएसपी निमितेश सिंह ने सुन लिया और उस बर्खास्त सहायक शिक्षक को पकड़ लिया बीच बचाव करने पहुंचे एक और बर्खास्त सहायक शिक्षक को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर थाना ले जाने की बात कही।लेकिन माहौल गरमाता देख आंदोलन करने वालो ने जब हंगामा करते हुए विवाद किया तो सीएसपी ने दोनों तुरंत को छोड़ दिया।इसके बाद आंदोलनकारियों के पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी जगह के लिए निकल गए।

नेहरू चौक पर बैठे रहे,करते रहे राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी

पुलिस को छकाकर और पुलिस के सामने ही चैलेंज करके रैली को नेहरू चौक तक लेकर आना यह एक बड़ी चुनौती रही।जिसमें बर्खास्त सहायक शिक्षकों ने पुलिस के लाख रोकने के बाद भी अपनी रैली को वापस नहीं जाने दिया।जबकि इस बीच पुलिस ने डराया धमकाया और जेल भेजने के अलावा अंदर तक करने की धमकी दी।लेकिन पुलिस की भी यह धमकी काम नहीं आई।

एक बार नहीं कई बार पुलिस ने रोका,फिर भी निकली रैली,पुलिस बोली,बिना सूचना के रैली का आयोजन,इसलिए रोका जा रहा था

पुलिस ने अपने स्तर से कई बार विशाल रैली को रोकने की कोशिश की,यहां तक कई लोगों को बोला गया कि आप लोग वापस जाए और रैली मत निकालिए लेकिन कोई भी नहीं माना,बल्कि आक्रोशित बर्खास्त सहायक शिक्षकों ने साफ कहा कि नेहरू चौक तक जाने दीजिए और ज्ञापन देकर आ जाएंगे।लेकिन पुलिस ने कहा कि बिना अनुमति के आप लोग रैली नहीं निकाल सकते।इसलिए इसे रोका जा रहा है।बावजूद इसके रैली निकालने वाले कोई नहीं माने बल्कि रैली निकाल कर ही दम लिया।

रैली निकालने से कई चौक चौराहों पर ट्रैफिक जाम रहा

बर्खास्त सहायक शिक्षकों के रैली और प्रदर्शन के चलते पुराने बस स्टैंड नेहरू चौक और गांधी चौक के बाद शिव टॉकीज चौक पर ट्रैफिक जाम लगा रहा।जिसके कारण कई लोगों को घंटों ट्रैफिक जाम के फंसना पड़ा।

पीएम के आगमन की तैयारियों के चलते पुलिस के लिए रैली बना रहा सिरदर्द

एक तरफ पीएम का आगमन 30 मार्च को होना है और जाहिर सी बात है कि पुलिस पीएम के आगमन को देखते हुए उसी ड्यूटी के लगी हुई है।जिसके कारण पुलिस पहले से ही परेशान है अचानक आई रैली से पुलिस के लिए और ज्यादा मुसीबतों का पहाड़ बन गया। रैली देखकर पुलिस का भी सिरदर्द होने लगा।

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