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बिल्हा और तखतपुर में जल स्तर का संकट

कलेक्टर बोले,पानी का बचाव और अवैध बोर खनन पर लगाया गया है प्रतिबन्ध

बिलासपुर । गर्मी का मौसम आते ही तखतपुर और बिल्हा क्षेत्र में जल संकट गहराने लगा है। जिले के कलेक्टर ने भी खुद स्वीकार किया है कि जल संकट सबसे ज्यादा बिल्हा और तखतपुर क्षेत्र में है।
जहां पर पानी का जेल स्तर काफी नीचे चला गया है।

बता दे जिले के कलेक्टर अवनीश शरण ने बताया कि गर्मी का मौसम आते ही जल संकट की स्थिति बन जाती है।पानी के लिए समस्या होती है।यही कारण है कि लोगो से अपील की जा रही है कि पानी को व्यर्थ न जाने दे और न बहने दे बल्कि पानी की बचत करे और पानी का मोल
समझे।
कलेक्टर ने यह भी जानकारी दी है कि बिल्हा और तखतपुर ब्लॉक को सेमी-क्रिटिकल श्रेणी में रखा गया है। जहां जलस्तर काफी तेजी से गिर रहा है। इन क्षेत्रों में विशेष निगरानी और प्रयास किए जा रहे हैं। कुछ इलाकों में स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि पाइपलाइन विस्तार के बावजूद नलों में पानी नहीं पहुंच रहा।
भूजल स्तर में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे पानी की उपलब्धता पर असर पड़ा है। उन्होंने किसानों और आम नागरिकों से अपील की है कि मानसून के आगमन तक नए बोरवेल या जल स्रोतों की खुदाई ना करे, ताकि जल संकट को और अधिक गंभीर होने से रोका जा सके। चूंकि हर साल गर्मी के मौसम में पानी को लेकर अकाल पड़ जाता है तो कभी बूंद बूंद पानी के लिए लोगो को तरसना पड़ता है। जिसके कारण कलेक्टर के पास बिल्हा तखतपुर और मस्तूरी के ग्रामीण पानी की मांग को लेकर पहुंचते है।यही नहीं कई लोग तो बोर सुख जाने तक की शिकायत करने पहुंचते है।

बोर उत्खनन पर कलेक्टर ने लगाया प्रतिबंध

गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है।और इसके साथ ही पेयजल संकट भी गहराने लगा है। यह स्थिति केवल किसी एक क्षेत्र की नहीं है। बल्कि पूरे प्रदेश में समान रूप से देखी जा रही है। जल स्तर में गिरावट के कारण अब यह समस्या गंभीर रूप ले रही है। इसे ध्यान में रखते हुए बिलासपुर जिला प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है बिलासपुर जिले में बिना अनुमति बोरिंग पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया गया है। कलेक्टर अवनीश शरण ने आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति अपने निजी पेयजल के उपयोग के लिए भी बोर खनन कराना चाहता है, तो उसे पहले संबंधित एसडीएम या अपर कलेक्टर से अनुमति लेनी होगी। बिना अनुमति के किया गया बोर खनन अवैध माना जाएगा,और उस पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने यह भी कहा कि गर्मी के मौसम में जल संकट से निपटने के लिए प्रशासन द्वारा समुचित प्रबंध किए जा रहे हैं, लेकिन इसके लिए जनसहभागिता भी बेहद आवश्यक है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि भू-जल ग्राउंड वॉटर का अनावश्यक दोहन न करें और जल संरक्षण के प्रति जागरूक रहें। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी क्षेत्र से अवैध बोरिंग या भू-जल का अत्यधिक दोहन करने की शिकायत मिलती है, तो दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्टर बोले,अवैध सर्विसिंग और अवैध तरीके से पानी का बहाव करने वालो के खिलाफ भी होगी कार्रवाई
कलेक्टर का साफ कहना है कि भीषण गर्मी और जेल संकट को देखते हुए पानी को बचाव बहुत ज्यादा जरूरी है इसलिए नगर निगम के माध्यम से अवैध सर्विसिंग और अवैध पानी का बहाव करने वालो के अलावा पानी की बरबादी करने वालो के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया गया है।

शहर कें कई वार्डो में भी होती है पीने के पानी की समस्या

आमजनों को पीने के पानी के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। कई क्षेत्रों में हैंडपंप या नल से पानी निकलना भी बंद हो गया है। इससे महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। जल संकट को देखते हुए नगरवासियों ने प्रशासन से शीघ्र समाधान की मांग की है।

चूचुहियापारा में अभी भी बना हुआ है जल संकट

चूचुहियापारा में अभी भी पानी का संकट गहराया हुआ है।जहां पर पानी के लिए सुबह से त्राहि त्राहि करना पड़ता है।पानी के लिए सुबह से लाइन लगाना पड़ता है।चूंकि जल स्तर गिरा हुआ है और बोर का पानी कुछ समय तक चलता है।उसके बाद बंद कर दिया जाता है।जिसके कारण लोग पानी के लिए सुबह से खड़े रहते है।सुबह मोटा धार पानी के कारण जल्दी से पानी भरना उचित समझते है।बाद ने गर्मी बढ़ते ही पानी का धार कम होने लगता है।

गर्मी में जल स्तर गिरने से पाइप लगाने की उठी हुई है कई जगह से मांग

गिरते जल और पानी के संकट को देखते हुए बोर तक सूखने लगे है ऐसे कई जगह है जहां पर बोर में फिर से खनन करके पाइप डालने की बात कही जा रही है।इसमें महमंद, जयरामनगर, सिलपहरी,सेंवार और कुछ स्थान है। जहां पर पानी का संकट गहराया हुआ है जिसमे बोर से पानी आने में समस्या होने लगी है।

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