मानसून सीजन में राज्य के 3357 छात्रावासों में लगाए जाएंगे दस लाख पौधे, जिले के पांच– पांच गांवों को मॉडल ग्राम की तर्ज में किया जाएगा विकसित

जनजातीय कल्याण की योजनाओं की समीक्षा के लिए प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने बैठक ली। बारिश से पहले उन्होंने सभी निर्माण कार्यों को पूरा करने के निर्देश दिए हैं
आगामी मानसून सीजन में राज्य के 3357 आश्रम-छात्रावास परिसरों में 10 लाख पौधे लगाए जाने के निर्देश उन्होंने दिए। सभी
सहायक आयुक्तों को जिले के पांच-पांच गांवों को मॉडल ग्राम के रूप में विकसित करने को कहा गया है।

रायपुर। आदिम जाति विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने विभागीय कार्यों की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने कहा कि राज्य में जनजातीय कल्याण की योजनाओं को तेजी के साथ पूरा करें। उन्होंने कहा कि बारिश के पहले सभी निर्माण कार्यों को पूर्ण कर लिया जाए। बोरा ने कहा कि आगामी मानसून सीजन में राज्य में संचालित 3357 आश्रम छात्रावासों, 15 प्रयास विद्यालयों एवं 75 एकलव्य विद्यलायों में 10 लाख पौधे लगाये जाएंगे। इसकी भी कार्य योजना पहले से तैयार कर ली जाए।
प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा नवा रायपुर स्थित आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित विभागीय बैठक सम्बोधित कर रहे थे। बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से विभिन्न जिले के सहायक आयुक्त सहित संबंधित अधिकारी जुड़े थे। बोरा जनजातीय जीवनशैली पर आधारित निर्माणाधीन संग्रहालय का निरीक्षण भी किया।
बैठक में प्रमुख सचिव बोरा ने कहा कि आदिवासी विकास विभाग के विभिन्न योजनाओं के साथ-साथ पीएम जनमन योजना, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष योजना, छात्रवृत्ति योजना, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों की निर्धारित लक्ष्यों को योजनाबद्ध तरीके से समय-सीमा में पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि पीएम जनमन योजना के तहत अति पिछड़े जनजातीय वर्ग के लोगों तथा उस गांव को शत्-प्रतिशत व्यवस्थित ढंग से विकसित किया जाए। बोरा ने योजना के तहत पक्का आवास, एप्रोच रोड, आंगनबाड़ी निर्माण, मोबाइल मेडिकल यूनिट, मल्टीपरपज सेंटर, विद्युत कनेक्शन, वनधन विकास केन्द्र सहित संचालित सभी गतिविधियों की विस्तार से जानकारी ली एवं आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने कहा कि पक्के आवास सहित अन्य लक्ष्यों को 30 अक्टूबर 2025 से पहले हासिल कर लिया जाए। उन्होंने सभी निर्माण कार्यों को बारीश से पहले पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सहायक आयुक्त और नोडल अधिकारी निर्माण कार्यों का मॉनिटरिंग करें, ताकि सभी कार्य पूर्ण गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में संपन्न हो सकें। उन्होंने सहायक आयुक्तों को जिले में कम से कम पांच गांवों को मॉडल ग्राम के रूप में विकसित करने के भी निर्देश दिए। प्रथम चरण में धमतरी, जशपुर, गरियाबंद एवं नारायणपुर जिले के सहायक आयुक्तों को इस दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में उन्होंने कहा कि सभी हितग्राहियों का आधार कॉर्ड, राशन कॉर्ड, पीएम जनधन खाता, आयुष्मान भारत कार्ड, पीएम किसान सम्मान निधि योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम मातृ वंदन योजना, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, वन अधिकार पटटा, स्वच्छ जल एवं अन्य आधारभूत सुविधाएं शीघ्र पहुंचाई जाएं।
बैठक में आयुक्त पदुम सिंह एल्मा ने कहा कि छात्रावास-आश्रमों में साफ-सफाई, पौष्टिक भोजन, स्वच्छ शौचालय, पढ़ाई की उचित व्यवस्था सहित सभी आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित हो। प्रमुख सचिव बोरा आगामी 15 एवं 16 अप्रैल को प्रदेश स्तरीय विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय कामकाज की समीक्षा करेंगे। पहले दिन 15 अप्रैल को सरगुजा, बस्तर एवं दुर्ग संभाग के कार्यो की समीक्षा होगी। दूसरे दिन 16 अप्रैल को रायपुर एवं बिलासपुर संभाग में पदस्थ सहायक आयुक्तों की बैठक आयोजित की जाएगी।
बैठक में अपर संचालक संजय गौड़, आर.एस. भोई, जितेन्द्र गुप्ता, तारकेश्वर देवांगन, उपायुक्त गायत्री नेताम, मेनका चंद्राकर, विश्वनाथ रेडडी सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
भारत सरकार अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा अधिकृत IIT दिल्ली की टीम से सोनमणि बोरा ने मुलाकात कर विस्तार से ली जनकारी :–
सोनमणि बोरा (IAS), प्रमुख सचिव, छ.ग. शासन, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग ने मंत्रालय में भारत सरकार अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय नई दिल्ली द्बारा अधिकृत IIT दिल्ली की टीम से मुलाकात कर प्रदेश की वक्फ सम्पत्तियों के कंप्यूटरीकृत किए जाने के सम्बंध में विस्तार से चर्चा की। गौरतलब है कि IIT दिल्ली की टीम सात अप्रैल से 12 अप्रैल तक छत्तीसगढ़ की वक्फ सम्पत्तियों के कम्प्यूटरीकरण के अध्यापन सत्यापन के लिए छत्तीसगढ़ दौरे पर थी। इस दौरान बलोदा बाजार, धमतरी, महासमुंद, रायपुर जिले की वक्फ सम्पत्तियों का स्थल निरीक्षण किया। इसी के सम्बंध में मंत्रालय में आयोजित बैठक मे लवीना पांडे, उप सचिव, छ.ग. शासन, आदिम जाति विभाग, डॉ एस ए फारुकी, छ.ग. राज्य वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, कुमारी प्रियंवदा, IIT दिल्ली, सिद्धार्थ प्रकाश सिंह, IIT दिल्ली, मो. तारिक अशरफी, छ.ग. राज्य वक्फ बोर्ड उपस्थित थे।