मृत्यु के 17 साल बाद मृतक के नाम का पावर ऑफ अटर्नी बनाकर बेच दी आधा एकड़ जमीन
14 आरोपियों पर जुर्म दर्ज
कोर्ट के आदेश पर सरकंडा पुलिस ने किया मामला दर्ज
बिलासपुर। कोर्ट के आदेश पर मृत्यु के 17 साल बाद मृतक के नाम का पावर ऑफ अटर्नी बनाकर आधा एकड़ जमीन को बेच दी गई। पुलिस ने फर्जीवाड़ा करने वाले 14 लोगों को धोखाधड़ी व एट्रोसिटी एक्ट के तहत जुर्म दर्ज कर लिया है।
सरकण्डा पुलिस के अनुसार, बहतराई निवासी मेलाराम सोनवानी की पिता केकाड़ीराम सोनवानी के नाम बहतराई खसरा नम्बर 363/5 आधा एकड़ जमीन थी। 8 मई 2005 को केकाड़ीराम सोनवानी की मृत्यु हो गई। उनका एक बेटा मेलाराम व बेटी कुमारी
बाई है। त्रुटिवश केकाड़ीराम के मृत्यु प्रमाण पत्र पर मृत्यु की तिथि 5 अगस्त 2005 लिख गई थी। उनकी मृत्यु के 17 साल बाद 12 अक्टूबर 2021 को नवीन शुक्ला नामक व्यक्ति फर्जी केकाड़ीराम बनकर उक्त जमीन का पावर ऑफ अटर्नी बना लिया और 5 जुलाई 2022 को अपने भतीजे प्रांजल शुक्ला के नाम पर पावर ऑफ अटर्नी बनवा दिया। उसके दूसरे दिन 6 जुलाई 2022 को नवीन शुक्ला की मृत्यु हो गई। प्रांजल शुक्ला ने उक्त जमीन को अपने नाम में कराने बाद अपनी पत्नी के नाम पर चढ़वा दिया। उसके बाद नगर निगम के अधिकारी राजेश देवांगन व अन्य से सांठगाठ कर उक्त जमीन को शासन को बेचकर पैसा ले लिया। उसके बाद प्रांजल शुक्ला ने दिनेश सरिया, विशाल सराफ का मेलाराम सोनवानी से जमीन बेचने का इकरारनामा कराकर उन्हें मात्र 21 हजार रुपए दिया गया है। बाद में फर्जीवाड़ा की जानकारी होने पर मेलाराम सोनवानी ने थाने में शिकायत की। कार्रवाई नहीं होने पर उन्होने कोर्ट में परिवाद पेश किया। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने मेलाराम सूर्यवंशी की ओर से प्रांजल शुक्ला, दिनेश सरिया सहित 14 लोगों के खिलाफ 120 बी, 193, 419, 420, 467, 468, 471, 3, 1 पी, 3, 1 क्यू, 3, 2, 4 एट्रोसिटी एक्ट के तहत जुर्म दर्ज कर लिया है
जमीन का फर्जीवाड़ा करने नगर निगम और भूमाफिया भी शामिल
लाखो की जमीन मे फर्जीवाड़ा करने के लिए सिर्फ भूमाफिया नहीं बल्कि जमीन दलाल और नगर निगम के कर्मचारी भी शामिल है।चूंकि यह मामला रसूखदारों से जुड़ा हुआ है इसलिए इसमें पुलिस हाथ नहीं डाल रही थी।लेकिन जमीन मालिक ने हिम्मत नहीं हारी बल्कि कोर्ट का सहारा लिया और अपराध दर्ज करवाया।