Blog

बोर्ड परीक्षाओं में छोटे गांवों की बड़ी उड़ान, अखबार बांटकर की पढ़ाई, बिना कोचिंग सेल्फ स्टडी से किया बारहवीं बोर्ड में टॉप

– आज घोषित हुए 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के नतीजों में छोटे शहरों की बड़ी उड़ान देखने को मिली है। दसवीं और बारहवीं दोनों कक्षाओं के टॉपर कांकेर जिले के छोटे–छोटे गांवों से हैं। दसवीं में जहां कैंसर पीड़ित बच्ची ने टॉप किया है तो वही बारहवीं में पेपर बांट कर पढ़ाई करने वाले बालक ने पूरे प्रदेश में टॉप किया है।

कांकेर। आज दसवीं के साथ ही 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के नतीजे घोषित कर दिए गए हैं। नतीजों में छोटे गांवों के बच्चों ने बड़ी छलांग लगाई है। दसवीं और बारहवीं दोनों कक्षाओं के टॉपर नक्सल प्रभावित कांकेर जिले से है। कांकेर जिले के एक छोटे से गांव के रहने वाले अखिल सेन ने बारहवीं बोर्ड में टॉप किया है। कॉमर्स सब्जेक्ट लेकर उन्होंने यह सफलता हासिल की है। खास बात यह है कि बिना कोचिंग के उन्होंने यह सफलता हासिल की है।

कांकेर जिले के धनेलिकन्हार गांव निवासी अखिल सेन के पिता न्यूज़पेपर की एजेंसी चलाते हैं। पिता का हाथ बंटाने के लिए अखिल सेन भी तड़के सुबह उठकर घर घर सायकिल पर पेपर बांटते हैं। पेपर बांटने के बाद स्कूल जाने से पहले मिले समय में पढ़ाई अखिल सेन करते थे। इसके बाद स्कूल से आ कर फिर से अखिल सेन पढ़ाई करते थे।

अखिल सेन के अनुसार स्कूल की पढ़ाई शुरू करने से लेकर अब तक उन्होंने कभी भी कोचिंग या ट्यूशन नहीं किया है। उन्होंने सेल्फ स्टडी पर ही फोकस किया है। 12वीं बोर्ड की तैयारी के लिए भी वह नियमित तौर से पढ़ाई करते थे। विषय में यदि कोई डाउट होता तो अखिल शिक्षकों से पूछते थे। परीक्षा की तैयारी के लिए उन्होंने पिछले साल के प्रश्न पत्रों को हल करने का काम किया और राइटिंग स्पीड बढ़ाने के लिए प्रैक्टिस जिम

अखिल ने कॉमर्स सब्जेक्ट लेकर 12वीं बोर्ड में सफलता हासिल की है। उन्हें 500 में से 491 अंक मिले हैं। 98.20% अंक अखिल ने हासिल किए हैं। उनकी सफलता पर उनके माता-पिता परिवार वालों के अलावा शिक्षकों को भी काफी खुशी है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *