सिविल सर्जन के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले स्थानांतरित डॉक्टर को हाईकोर्ट से मिला स्टे
सिविल सर्जन के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले डॉक्टर का ट्रांसफर आदेश जारी कर दिया गया था। जिस पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है।
बिलासपुर। जांजगीर जिले के जिला अस्पताल के सिविल सर्जन के खिलाफ ट्रांसफर के लिए मोर्चा खोलने वाले डॉक्टर के किए गए स्थानांतरण पर हाईकोर्ट ने स्टे लगा दिया है। पिछले 28 अप्रैल को राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग के द्वारा आदेश जारी कर डॉक्टर संदीप साहू का स्थानांतरण एमसीबी जिले के खडगंवा स्वास्थ्य केंद्र कर दिया गया था। संदीप साहू जांजगीर के सिविल सर्जन डॉक्टर दीपक साहू को हटाए जाने को लेकर आंदोलन कर रहे अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों का नेतृत्व कर रहे थे। उनका आरोप था कि स्वास्थ्य मंत्री का रिश्तेदार बता सिविल सर्जन दीपक जायसवाल अन्य डॉक्टरों और कर्मचारियों को प्रताड़ित करते हैं।
बता दें स्टॉफ के बीच लंबे समय तक विवाद चलने के बाद राज्य सरकार के द्वारा सिविल सर्जन डॉ. दीपक जायसवाल के अलावा जिला अस्पताल में पदस्थ तीन डॉक्टरों का भी ट्रांसफर आदेश जारी कर दिया गया था। जारी आदेश में सिविल सर्जन डॉ. जायसवाल को गृह जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ और जिला अस्पताल में पदस्थ डॉ. संदीप साहू, डॉ. इकबाल हुसैन और डॉ.विष्णु पैगवार को नारायणपुर-सुकमा, मनेन्द्रगढ़ जिला स्थानांतरण कर दिया गया था।
इसकी जानकारी होते ही स्वास्थ्य संगठन में आक्रोश भडक़ गया था। संगठन के पदाधिकारियों ने इसे दमनात्मक आदेश बताया था और आदेश के खिलाफ अंत तक लडऩे की बात कही थी। कर्मचारी और अधिकारियों का कहना है कि डॉक्टर दीपक जायसवाल खुद को स्वास्थ्य मंत्री का रिश्तेदार बताते है। उनका ट्रांसफर लंबे आंदोलन के बाद तो किया गया पर उन्हें उपकृत करते हुए उनके गृह जिले सारंगढ़– बिलाईगढ़ का सिविल सर्जन बना दिया गया। जबकि उनके खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व करने वाले तीन डॉक्टरों को सजा बतौर दूरस्थ अस्पतालों में ट्रांसफर कर दिया गया।
इधर एमसीबी जिला स्थानांतरण आदेश के विरुद्ध डॉ.संदीप साहू ने अपने अधिवक्ता हिमांशु पांडे के माध्यम से हाईकोर्ट में अपील की, जिस पर 2 मई को आदेश जारी कर हाईकोर्ट ने ट्रांसफर आदेश में फिलहाल रोक लगा दी है।
दो डॉक्टरों की अपील पर सुनवाई शेष:–
स्थानांतरण आदेश के विरुद्ध डॉ. संदीप साहू के अलावा जिला अस्पताल में पदस्थ डॉ. इकबाल हुसैन और डॉ. विष्णु पैगवार के द्वारा भी हाईकोर्ट में अपील दायर की है। जिन पर सुनवाई बाकी है।