स्थानांतरण पर लगा प्रतिबंध हटाया जावे एवं आंशिक संसोधन करते हुवे स्थानांतरण नीति 2025 शीघ्र घोषित की जानी चाहिए – सुनील यादव

प्रदेश के कर्मचारियों ने तीन वर्ष से अधिक समय से स्थानांतरण नही होने से परेशान है ,प्रदेश में स्थानांतरण को लेकर संघो के द्वारा पत्राचार करना शुरू कर दिया गया है,इसी कड़ी में छतीसगढ़ प्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ ने भी मुख्य मंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री माननीय अरुण साव एवं मुख्य सचिव के नाम स्थानातरण पर लगे प्रतिबंध को हटाने की मांग के साथ कुछ आंशिक संसोधन करते हुवे स्थानातरण नीति 2025 शीघ्र घोषित करने की अंग की है।
इस सबंध में सुनील यादव प्रदेश महामंत्री ने बताया कि छतीसगढ़ प्रदेश में स्थान्तरण पूर्ववर्ती शासन काल म2 2022 में अंतिम बार स्थानातरण हुवा था उसके बाद अभी तक नही हुवा है , बहुत से कर्मचारी साथी स्थानातरण को लेकर चिंतित है,इस सबंध में संघ को वे लोग लगातार अवगत कराते रहते है , और स्थानातरण जल्द हो इसके लिए प्रयास करते है। वर्तमान शासन में स्थान्तरण प्रशासनिक स्तर पर हो रहा है जिसका अधिंकाश लाभ उच्च स्तर के केडरो को मिलता है तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के कर्मचरियो को इसका सीधा लाभ कम व नही के समान मिल पा रहा है।
इसके साथ साथ हमारी मांग है कि संघो के जिम्मेदार पदों पर कार्य कर रहे पदाधिकारियो को स्थानातरण से छूट रहनी चाहिए इस सबंध में मध्यप्रदेश शासन की स्थानातरण नीति में लेख है कि स्थानातरण में संघ के पदाधिकारियों को छूट रहती है। जो कर्मचारी अधिकारी अपने सेवा निर्वित के काफिब पहुंच रहे है जिनकी उम्र 58 वर्ष से अधिक है उन्हें स्थानातरण से छूट राहनो चाहिए, पति पत्नी के मामले में भी विशेष सुविधा प्रदान करते हुवे एक ही जिला या आस पास के नजदीक जिला में स्थानातरण किया जाना चाहिए इसके साथ साथ गंभीर बीमारी से पीड़ित कर्मचारियों को स्थानातरण से छूट रहनी चाहिए गंभीर बीमारी में जैसे हार्ट से संबंधित, किडनी से, मस्तिष्क रोग, नसों की गंभीर प्रकृति के रोग, केंसर आदि आदि को विशेष छूट देते हुवे स्थान्तरण नीति 2025 जल्द से जल्द घोषित की जानी चाहिए। कर्मचारी हित की मांगों के लिए लिपिक संघ सतत प्रयासरत रहता है। हमारी प्राथमिकता में।लिपिक संवर्ग के साथ साथ अन्य सभी संवर्ग को लाभ मिले इसके लिए कर्मचारी हित मे प्रयासरत रहते है।