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अंतरराज्यीय शैक्षणिक भ्रमण : कृषि छात्रों को मिलेगा अग्रणी कृषि अनुसंधान संस्थानों का प्रत्यक्ष अनुभव

कृषि महाविद्यालय बिलासपुर की पहल

बिलासपुर, 22 जून 2025 – बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, बिलासपुर तथा कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, लोरमी-मुंगेली के बी.एससी. (कृषि) तृतीय वर्ष के 47 छात्र-छात्राओं का दल आज अंतरराज्यीय शैक्षणिक भ्रमण पर रवाना हुआ। यह भ्रमण पाठ्यक्रम AHPD-5321 (Educational Tour/Field Visit) के अंतर्गत आयोजित किया गया है।

छात्रों के इस दल का नेतृत्व डॉ. (श्रीमती) अर्चना केरकट्टा, सह-प्राध्यापक (कीट विज्ञान), डॉ. (ले.) रोशन परिहार, सहायक प्राध्यापक (अनुवांशिकी एवं पादप प्रजनन) तथा डॉ. यशपाल सिंह निराला, सहायक प्राध्यापक (कीट विज्ञान) द्वारा किया जा रहा है।

इस अवसर पर डॉ. एन. के. चौरे, अधिष्ठाता, कृषि महाविद्यालय बिलासपुर तथा डॉ. एस. एल. स्वामी, अधिष्ठाता, कृषि महाविद्यालय लोरमी एवं प्राध्यापक तथा वैज्ञानिकों ने छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं दीं और उत्साहपूर्वक विदा किया।

इस शैक्षणिक भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को देश के अग्रणी कृषि अनुसंधान संस्थानों, विश्वविद्यालयों एवं तकनीकी केंद्रों में हो रहे नवीन अनुसंधान, विकास एवं विस्तार कार्यक्रमों की प्रत्यक्ष जानकारी देना है। इससे न केवल उनकी वैज्ञानिक समझ, प्रयोगात्मक कौशल एवं करियर उन्मुख दृष्टिकोण का विकास होगा, बल्कि उन्हें वास्तविक कृषि अनुसंधान वातावरण का भी अनुभव प्राप्त होगा।

छात्रगण ओडिशा एवं आंध्र प्रदेश के निम्नलिखित प्रतिष्ठित संस्थानों का भ्रमण करेंगे:

  • भारतीय जल प्रबंधन संस्थान (IIWM), भुवनेश्वर
  • आईसीएआर – कृषि में महिलाओं के लिए केंद्रीय संस्थान (CIWA), भुवनेश्वर
  • आईसीएआर – राष्ट्रीय धान अनुसंधान संस्थान (NRRI), कटक
  • ओडिशा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (OUAT), भुवनेश्वर
  • आईसीएआर – मीठाजल जलीय कृषि के लिए केंद्रीय संस्थान (CIFA), भुवनेश्वर
  • आईसीएआर – कृषि आर्थिक अनुसंधान केंद्र, भुवनेश्वर
  • आईसीएआर – केंद्रीय समुद्री मत्स्य अनुसंधान संस्थान (CMFRI), विशाखापत्तनम
  • आंध्र कृषि महाविद्यालय, आंध्र प्रदेश

इस भ्रमण के दौरान छात्र-छात्राओं को निम्नलिखित प्रमुख क्षेत्रों से संबंधित ज्ञान और अनुभव प्राप्त होगा:

  • उन्नत जल प्रबंधन तकनीक
  • धान अनुसंधान की नवीनतम विधियाँ
  • मीठाजल एवं समुद्री मत्स्य पालन प्रणाली
  • महिला सशक्तिकरण हेतु कृषि नवाचार
  • कृषि अर्थशास्त्र एवं नीति विश्लेषण
  • विश्वविद्यालयों में चल रहे विविध शैक्षणिक एवं अनुसंधान कार्यक्रम

इस अंतरराज्यीय शैक्षणिक भ्रमण के माध्यम से छात्र-छात्राएं न केवल अपने पाठ्य ज्ञान को वास्तविकता से जोड़ सकेंगे, बल्कि यह उनके समस्या समाधान कौशल, व्यावसायिक जागरूकता, और वैज्ञानिक सोच के विकास में सहायक सिद्ध होगा।

यह भ्रमण निश्चित ही विद्यार्थियों के लिए एक प्रेरणादायक, ज्ञानवर्धक और स्मरणीय अनुभव रहेगा जो उन्हें भविष्य में एक सफल कृषि वैज्ञानिक, उद्यमी या नवप्रवर्तनकर्ता बनने की दिशा में प्रेरित करेगा।

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