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फर्जीवाड़ा कर जमीन बेचने वाले पांच आरोपी गिरफ्तार….फर्जी तरीके से प्रधान आरक्षक की जमीन का नामांतरण और दूसरे के नाम रजिस्ट्री करने का मामला….लेकिन राजस्व अफसरों पर कार्रवाई नहीं

पूछताछ में सामने आई सच्ची कहानी

बिलासपुर…सरकंडा पुलिस ने ज़मीन संबंधी एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों ने साजिश पूर्वक एक व्यक्ति की पैतृक ज़मीन को कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से बेच दिया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दो आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा है।इसके अलावा तीन आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ हो रही है।

फर्जी दस्तावेज, फर्जी पहचान, जालसाजी का खेल

वरिष्ठ पुलिस कप्तान रजनेश सिंह ने जानकारी दिया कि पीड़ित प्रधान आरक्षक जूना बिलासपुर निवासी प्रकाश दुबे ने सरकंडा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराया। पीड़ित ने बताया कि ग्राम खमतराई स्थित उसकी पैतृक भूमि खसरा नंबर 672, रकबा 56 डिस्मिल को बिना उसकी जानकारी और सहमति के धोखाधड़ी से बेच दिया गया है।
जांच पड़ताल के पाया गया कि ज़मीन को अनुज मिश्रा नामक व्यक्ति के नाम फर्जी तरीके से रजिस्ट्री कराय गयी है। ज़मीन बेचते समय प्रार्थी के स्वर्गवासी पिता भैयालाल दुबे के स्थान पर एक वृद्ध व्यक्ति मंगलदास को खड़ा किया गया। बुजुर्ग व्यक्ति को भैयालाल सूर्यवंशी के नाम से पेश किया गया।आरोपियों ने कूटरचित दस्तावेजों के सहारे रजिस्ट्री प्रक्रिया को पूरा किया है।

कार्रवाई में 5 आरोपी गिरफ्तार

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने बताया कि जानकारी के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र जायसवाल और सीएसपी सरकंडा सिद्धार्थ बघेल के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक निलेश पाण्डेय की टीम ने जांच पड़ताल किया। टीम में सहायक उपनिरीक्षक देवेन्द्र तिवारी एवं अन्य पुलिसकर्मियों ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों की पहचान किया। सभी आरोपियों को रेड कारवाई कर निवास स्थान से हिरासत में लिया।

आरोपियों का नाम और काम

1)अनुज मिश्रा – खरीदार एवं षड्यंत्र का मुख्य सूत्रधार

2) राहुल पटवा – जालसाज व फर्जी व्यक्ति लाने की योजना बनाने वाला।

3)प्रियांशु मिश्रा – साजिश में सक्रिय सहयोगी।

4) राम गोविंद पटवा – वृद्ध व्यक्ति को लाने की जिम्मेदारी।

5) मंगलदास पण्डो – फर्जी भू-स्वामी बनकर रजिस्ट्री में प्रस्तुत हुआ

पूछताछ में फर्जीवाड़ा का खुलासा

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि मूल भू-स्वामी भैयालाल दुबे के नाम पर एक वृद्ध को खड़ा कर फर्जी तरीके से ज़मीन की बिक्री की गई। आरोपी राम गोविंद पटवा ने अपने गांव माहुली से 75 साल के मंगलदास को रजिस्ट्री के समय पेश किया।

विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज

रजनेश सिंह ने बताया कि आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्यायदंड संहिता (BNS) की धारा 318, 338, 336(3), 340, 3(5), 61(2) के तहत अपराध दर्ज किया गया है।

पुलिस की सख्त चेतावनी

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जमीन-जायदाद के मामलों में कूटरचना और फर्जीवाड़े करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आमजन को सख्त चेतावनी है कि किसी भी प्रकार की ज़मीन क्रय-विक्रय से पहले संपूर्ण वैधानिक जांच एवं दस्तावेज सत्यापन अवश्य करें

फर्जीवाड़ा करने वाले राजस्व विभाग के अफसरों पर कार्रवाई नहीं

इस पूरे मामले में सबसे अहम बात यह रही कि पुलिस ने आरोपियों कों पकड़ा और नाम का खुलासा किया।लेकिन इसमें फर्जीवाड़ा करने में सहयोग करने वाले राजस्व अफसरों पर किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की गई।जबकिं पीडित के खुद लिखित शिकायत करके राजस्व विभाग के तहसीलदार,पटवारी आरआई पर गंभीर आरोप लगाए है।

पीड़ित बोले,न्याय मिलना चाहिए और कार्रवाई होनी चाहिए

पीड़ित प्रकाश दुबे पुलिस विभाग के पदस्थ है।जिनका कहना है कि मैने आवेदन जैसा दिया था उसके हिसाब से। मामला दर्ज नहीं किया गया है बल्कि इसमें राजस्व विभाग को बचा दिया गया है।जबकि वे लोग भी इसमें शामिल है।इसके लिए फिर से आईजी और एसएसपी से मिलकर शिकायत की जाएगी।

वर्जन

पीड़ित ने जमीन फर्जीवाड़ा करने की शिकायत की थी।जिसकी जांच की गई उसके बाद अपराध कायम किया गया है।पांच आरोपी पकड़ाए है जिनसे पूछताछ की जा रही है।

नीलेश पांडेय
टीआई सरकंडा थाना

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