कैंसर मरीजों के लिए आयुष्मान कार्ड वरदान, 800 मरीजों का हो चुका नि:शुल्क इलाज
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) में भर्ती कैंसर मरीजों के लिए आयुष्मान कार्ड वरदान बन गया है। अब तक 800 मरीजों का मुफ्त में इलाज हो चुका है। कैंसर के लिए सबसे महंगा इलाज कहे जाने वाला कीमोथेरेपी, इम्यूनोथेरेपी, टारगेटेड थेरेपी, मेट्रोनॉमिक थेरेपी, ओरल कीमोथेरेपी भी मुफ्त में किया गया। निजी अस्पतालों में थैरेपी करवाने पर लाखों रुपए खर्च करना पड़ता है। सिम्स प्रबंधन कैंसर मरीजों को निशुल्क इलाज उलब्ध कराने में आगे है। जिनके पास आयुष्मान कार्ड नहीं है, वे ऐसे मरीजों का पहले कार्ड बनवाते हैं। इसके बाद इलाज शुरू करते हैं।
सिम्स के डीन डॉ. रमनेश मूर्ति ने बताया कि बिलासपुर संभाग में एक मात्र सिम्स अस्पताल में कैंसर जैसे जानलेवा व महंगा इलाज मुफ्त में किया जा रहा है। इस बीमारी के इलाज के लिए लोगों को लाखों रुपए खर्च करना पड़ता है। लेकिन सिम्स में ऐसा नहीं है। आयुष्मान योजना से कैंसर विभाग सिम्स में मरीजों का नि:शुल्क उपचार किया जा रहा है। एक साल के भीतर सिम्स में 800 मरीजों का इलाज कैंसर विभाग सिम्स में हुआ, जिसमें से 1978 साइकल्स कीमोथैरेपी में आयुष्मान पंजीयन पश्चात मरीजों का इलाज कीमोथेरेपी, इम्यूनोथेरेपी ,टारगेटेड थेरेपी, मेट्रोनॉमिक थेरेपी, ओरल कीमोथेरेपी इलाज किया गया। मुंह व गले के कैंसर 32 प्रतिशत, स्तन कैंसर 28 प्रतिशत, बच्चेदानी के मुंह का कैंसर 13 प्रतिशत, पेट का कैंसर 10, प्रतिशत, छोटी आंत बड़ी आंत के कैंसर, गुदाद्वार के कैंसर 5 प्रतिशत अन्य कैंसर 4 प्रतिशत मरीजों का इलाज किया गया। कैंसर विभाग के एचओडी डॉक्टर चंद्रहास ध्रुव, सहायक प्राध्यापक डॉ. हेमू टंडन,सीनियर रेजिडेंट डॉ. कमल सिंह राजपूत मरीजों का इलाज करते हैं।
0 छह राज्यों के कैंसर मरीजों को मिला लाभ
छत्तीसगढ़ के अलावा अन्य राज्य बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उड़ीसा, झारखंड कुल 14 से 15 मरीज सिम्स अस्पताल इलाज करवाने आ चुके हैं। सभी मरीजों का आयुष्मान कार्ड के तहत इलाज किया गया। इस दौरान मरीजों से पैसा जमा नहीं कराया गया। आयुष्मान कार्ड से महंगी से महंगी दवाइयां नि:शुल्क दी गई है।
वर्जन
मरीजों को मिल रहा है बेहतर इलाज
छत्तीसगढ़ समेत अन्य राज्यों के कैंसर पीड़ित मरीजों को आयुष्मान कार्ड योजना के तहत नि:शुल्क में इलाज किया जा रहा है। यहां कैंसर विशेषज्ञ डॉक्टर मरीजों का इलाज के लिए 24 घंटे उपलब्ध रहते हैं।
डॉ. लखन सिंह, अधीक्षक सिम्स बिलासपुर।