पेड़ पर लटकी मिली थी युवक की लाश…मारपीट और धमकी देने वाले दो आरोपी गिरफ्तार

बिलासपुर । पेड़ पर लटकी लाश की जांच में दो युवकों को
गिरफ्तार किया गया है।पकड़े गए युवकों ने मृतक को बेवजह जान से मारने की धमकी देकर मारपीट करते थे। जिससे मृतक क्षुब्ध होकर आत्महत्या कर लिया।
मस्तुरी अंतर्गत चौकी मल्हार क्षेत्र में 18 वर्षीय युवक सूरज निषाद की संदिग्ध परिस्थितियों में पेड़ पर लटकी हुई लाश मिली थी।जिसे देखकर मामला आत्महत्या का लग रहा था। घटनास्थल की स्थिति और परिजनों की जानकारी के आधार पर पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर दो युवकों को मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने दोनों को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का आरोपी मानते हुए न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
बता दे 1 जुलाई मंगलवार सुबह मल्हार चौकी क्षेत्र के ग्राम सरसेनी में स्थित विद्या मंदिर स्कूल के पास एक पेड़ से युवक की लाश लटकी मिली थी। मृतक की पहचान सूरज निषाद उम्र 18 वर्ष के रूप में हुई, जो गांव में अपने दादा के साथ रहकर पढ़ाई कर रहा था। सूरज के माता-पिता रोजगार के सिलसिले में गांव से बाहर रहते हैं। परिजनों के अनुसार सूरज शाम 7 बजे घर से निकला था और रातभर वापस नहीं लौटा। दूसरे दिन उसकी लाश गांव के पास पेड़ से लटकी मिली थी। युवक अपने ही शर्ट से बने फंदे में घुटनों के बल बैठी अवस्था में लटका मिला, जिससे आत्महत्या की थ्योरी पर संदेह उत्पन्न हुआ। घटना की सूचना मिलते ही चौकी मल्हार प्रभारी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और गांव में पूछताछ का दौर शुरू हुआ। इसी दौरान जानकारी मिली कि सूरज निषाद के साथ कुछ युवकों द्वारा मारपीट की गई थी और उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई थी। इस आधार पर पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज किया। पुलिस ने दो आरोपी अंकित कुमार निषाद 20 वर्ष पिता मनोज निषाद और श्याम सुंदर निषाद 19 वर्ष पिता तिवारी केंवट, निवासी ग्राम सरसेनी को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों ने युवक से मारपीट और धमकी देने की बात स्वीकार की। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की धाराएं जोड़ी जा सकती हैं। पुलिस का कहना है कि हर एंगल से मामले की जांच की जा रही है, ताकि सूरज निषाद की मौत के पीछे की सच्चाई पूरी तरह उजागर हो सके।