नौकरी छूट जाने के बाद से ही ठगी में शामिल रहे हैं KK श्रीवास्तव,पूर्व CM के करीबी KK पर राजधानी के बाद अब न्यायधानी में विधवा महिला से ठगी पर दर्ज हुआ अपराध
पूर्व मुख्यमंत्री के करीबी रहे तांत्रिक कृष्ण कुमार श्रीवास्तव के खिलाफ राजधानी के बाद अब न्यायधानी में भी विधवा महिला से ठगी करने का अपराध दर्ज हुआ है। महिला के पति और केके श्रीवास्तव घनिष्ठ मित्र थे और नौकरी छूटने के बाद एक साथ दोनों बिल्डर का व्यवसाय कर रहे थे। मित्र की मृत्यु के बाद उनकी विधवा पत्नी को उसका हिस्सा नहीं देने पर पीड़िता ने कई सबूतों के साथ एफआईआर दर्ज करवाई है।
रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के करीबी रहे तांत्रिक केके श्रीवास्तव के खिलाफ राजधानी के अलावा अब न्यायधानी में भी अपराध दर्ज हुआ है। दर्ज एफआईआर का अवलोकन करें तो जानकारी मिलती है कि नौकरी छूटने के बाद से ही केके श्रीवास्तव धोखाधड़ी को अंजाम देते आ रहे हैं। बता दे कि उत्तर प्रदेश के नोएडा की रावत एसोसिएटस से स्मार्ट सिटी लिमिटेड रायपुर का 5 सौ करोड़ रूपये का ठेका दिलवाने की एवज में केके उर्फ कृष्ण कुमार श्रीवास्तव ने 15 करोड़ रुपए की ठगी कर ली थी। मामले में तेलीबांधा थाना रायपुर में अपराध दर्ज हुआ था। रायपुर पुलिस ने भोपाल के एमराल्ड होटल से केके श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। इस वक्त केके श्रीवास्तव रायपुर सेंट्रल जेल में बंद है। अब न्यायधानी बिलासपुर में विधवा महिला की शिकायत पर केके श्रीवास्तव के खिलाफ ठगी का अपराध दर्ज किया है। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है।
सिविल लाइन थाना क्षेत्र के अमलतास कॉलोनी में रहने वाली रत्ना यादव ने अपनी शिकायत में बताया है कि नौकरी छूटने के बाद से उनके पति और केके श्रीवास्तव ने बिल्डर का काम करने की योजना बनाई। इसके लिए दोनों ने बराबर धनराशि मिलकर बिल्डर का काम शुरू किया। दोनों के बीच गहरी मित्रता थी। व्यवसाय बहुत अच्छा चल रहा था और बहुत लाभ हो रहा था। दोनों ने मिलकर अमलतास कॉलोनी नर्मदा नगर में प्लाट खरीद कर मकान बनाकर बेचने का व्यवसाय शुरू किया था। विकास के लिए अनुमति लेने की एवज में नगर एवं ग्राम निवेश विभाग में एक प्लाट बंधक रखा गया था। यह प्लाट डेवलपमेंट के बाद मुक्त करवाया जाना था। पर इस बीच 13 दिसंबर 2015 को रत्ना यादव के पति राजेश यादव की मृत्यु हो गई। मृत्यु के कुछ दिनों बाद केके श्रीवास्तव ने स्व. राजेश यादव की पत्नी को उनके हिस्से का एक करोड रुपए देने का वादा किया। दरअसल बंधक रखी गई उक्त प्लाट का 2015 में कीमत दो से ढाई करोड़ थी। पर केके श्रीवास्तव ने यह रकम नहीं दी। मामला सुलझाने के लिए समाज के लोगों और प्रतिष्ठित लोगों के बीच बैठक हुई जिसमें भी केके श्रीवास्तव ने रकम देने का वादा किया। बाद में कोई गलतफहमी ना हो या बाद में कोई विवाद ना हो इसलिए पूरे मीटिंग की ऑडियो रिकॉर्डिंग पीड़िता रत्ना यादव ने करवाई थी। काफी दिनों तक रकम नहीं मिलने पर अपने जीजाजी के साथ केके श्रीवास्तव के घर जाकर रकम मांगी। पर केके ने जल्द ही रकम वापस दिलवाने का आश्वासन दे उन्हें वापस भेज दिया। इसकी भी ऑडियो पीड़िता के पास उपलब्ध है।
13 दिसंबर 2016 को दोपहर 12 बजकर 37 मिनट में पीड़िता के जीजा फ़णेश्वर नाथ यादव से केके श्रीवास्तव ने फोन कर उक्त जमीन के दस्तावेज बहाने से मांगे। जिसकी ऑडियो रिकॉर्डिंग पीड़िता के पास उपलब्ध है। इसके अलावा शाम को केके श्रीवास्तव का कर्मचारी और ड्राइवर उनके घर आए और उक्त दस्तावेजों का बंडल बनाकर अपने साथ कार में लेकर गए। जिसकी भी रिकॉर्डिंग पीड़िता ने कर रखी है। इसके बाद रकम के लिए पीड़िता ने कई बार केके श्रीवास्तव से संपर्क किया। हर बार केके से मिलकर बातचीत करने और फोन कर रकम वापस मांगने का ऑडियो भी पीड़िता ने बनाया है और पुलिस को साक्ष्य के बतौर दिया है।
केके श्रीवास्तव द्वारा पीड़िता को आश्वासन देते हुए कहा गया कि उक्त जमीन पूर्व में बंधक रखी गई थी इस कारण उसका कोई खरीददार नहीं मिल रहा है जैसे ही जमीन का कोई खरीदार मिलेगा और जमीन बिकेगी तो वह जमीन बेचकर रकम दे देंगे। पीड़िता रत्ना यादव ने केके को ऑफर देते हुए कहा कि यदि आपके पास राशि उपलब्ध नहीं हो पा रही है तो उक्त जमीन में से आधा हिस्सा मुझे दे दे,मैं उसे अपने रिश्तेदार को बेचकर सुविधा अनुसार उनसे रुपए ले लूंगी। पर केके ने इनकार कर दिया।
आठ करोड़ में बेची रकम:–
केके श्रीवास्तव ने उक्त जमीन वर्ष 2020-21 में 8 करोड़ रुपए में बेच दी। पर पीड़िता को हिस्सा नहीं दिया। इसके लिए पीड़िता ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से केके को नोटिस भिजवाया पर नोटिस के जवाब में पीड़िता को रकम देने से केके साफ मुकर गया। कांग्रेस सरकार में प्रभावशाली होने की वजह से उस पर एफआईआर भी उस वक्त दर्ज नहीं हो पाई।
आर्थिक स्थिति खराब होने से बच्चों के पालन पोषण में दिक्कत:–
पीड़िता रत्ना यादव ने अपनी शिकायत में बताया है कि उक्त रकम का उन्हें एक लाख रुपए प्रतिमाह ब्याज मिलता। पर इसके नहीं मिलने से इसके नुकसान की जिम्मेदार केके श्रीवास्तव हैं। उक्त रकम नहीं मिलने पर मुझे बच्चों के पालन पोषण में भी दिक्कत आ रही और ब्याज में पैसा लेकर बच्चों का पालन पोषण करना पड़ रहा है। मेरे पति द्वारा खरीदी गई 26 लाख की कार का भी किस्त नहीं पटा पाने के कारण उसे बैंक ने जप्त कर लिया है।
रतन यादव ने कृष्ण कुमार उर्फ के के श्रीवास्तव पर धारा 420,406, 467,468,471 के तहत कार्यवाही की मांग की है। पर पुलिस ने फिलहाल धोखाधड़ी की धारा 420 के तहत ही अपराध दर्ज किया है। जांच और दस्तावेजों के संकलन के बाद धाराएं बढ़ाई जाएंगी।