थाना से चंद कदमों की दूरी पर देर रात तक खुला रहता है दुकान…..1 बजे के बाद भी जाएंगे तो आपको मिलेगा बेहतर खाने का आइटम….नियम कानून की परवाह किए बगैर खुला रहता है दुकान

नियम कानून से विपरीत दुकान रहता है खुला
आधी रात में कभी की हादसा हुआ तो उसका जिम्मेदार कौन
कई मनचले लड़कों की भीड़ और शराबियों की भी रहती है भीड़…परिवार वाले भी आते है देर रात खाने
बिलासपुर।सिविल लाइन थाना क्षेत्र की कई दुकानें देर रात भी खुली हुई रहती है।
जिसमें दुकानदार नियम कानून की धज्जियां उड़ा देते है।
और इधर पुलिस कहती है सब खैरियत है साहब….जबकि रात 1 बजे से भी अधिक समय तक दुकान खुली रहती है।जिसमे आराम से खाने पीने की चीजें मिल जाती है।
सिविल लाइन थाना क्षेत्र के लिंक रोड स्थित रघुराज सिंह स्टेडियम और उसके आसपास की दुकानें देर रात खुली हुई रहती है। जिनका कहना है कि उनके पास देर रात तक दुकान खोलने की अनुमति है।देर रात खोलने पर ग्राहकों की भी भीड़ लगनी शुरू हो चुकी है।
इसी कारण कई लोग शराब के नशे में पहुंचते हैं तो कई लोग परिवार के साथ आते है। देर रात खुले होटल को देखकर लोग रुकते है और कुछ खाते है उसके बाद निकल जाते है।
इससे सिविल लाइन थाना और पेट्रोलिंग करने वाली टीम को कोई फर्क नहीं पड़ता है।कहते है कि रसूखदार होने का पूरा फायदा उठाकर दुकान को रात तक खोलना उसका शौक बन चुका है।हम किसी एक दुकान की बात नहीं कर रहे है बल्कि ऐसे कई दुकान है जो देर रात तक खुले रहकर नियम और कानून की धज्जियां उड़ाते है।
रात 11 और अधिक हुआ तो 12 बजे तक बंद करना अनिवार्य है दुकान
जिला प्रशासन ने मेडिकल दुकान,बार और रेस्टोरेंट को छोड़कर बाकी दुकानों को टाइम से बंद करने निर्देशित किया है। इसी कारण थाना की पेट्रोलिंग टीम अपने समय 10.30 बजे से निकलकर दुकानों को बंद कराना शुरू कर देते है।लेकिन कुछ दुकानों को खुला देखकर ऐसा लगता है कि इनको विशेष छूट है।तभी तो ऐसे रात तक खुले हुए दुकानों को बंद कराने के पुलिस की पसीने छूट जाते है।
नियम सबके लिए बराबर फिर भी कुछ लोग दबंगई में
कहते है कि नियम सबके लिया बराबर होते हैं।इसके बाद भी कुछ लोग दबंगई दिखाकर दुकानों को खुला रखते है।जिनको ऐसा लगता है कि नियम उनके लिए अलग है और बाकी लोगों के लिए अलग है।
बॉम्बे पावभाजी वाले की दुकान को मिली छूट
लिंक रोड में बांबे पाव भाजी वाले को खुला छूट मिला हुआ है। जिसकी हिम्मत तो देखिए रात दुकान को खोलकर आराम से बिंदास होकर अपना धंधा करता है।और सबसे बड़ी बात यह है कि वह भी सिविल लाइन थाना से कुछ दूरी पर है।जिनको न तो पुलिस का डर बना हुआ है और न कानून का….