बिलासपुर में डॉग बाइट के मामले बढ़े, हर दिन 60-70 मरीज ले रहे एंटी रैबीज टीका
सिम्स और जिला अस्पताल में वैक्सीन स्टॉक पर दबाव, शहरी इलाकों से ज्यादा मरीज
बिलासपुर । डॉग बाइट के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। सिम्स अस्पताल में अब रोज़ाना 60 से 70 लोग एंटी रैबीज का टीका लगवाने पहुंच रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि अस्पताल में मरीजों की लंबी कतारें लग रही हैं और वैक्सीन की खपत कई गुना बढ़ चुकी है। हालांकि सिम्स प्रशासन का कहना है कि उनके पास टीके का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
दरअसल पिछले तीन महीनों में जहां रोज़ाना केवल 10 से 15 लोगों को रेबीज इंजेक्शन लगाया जाता था, वहीं अब यह संख्या चार गुना से भी अधिक हो गई है। सुबह से ही इंजेक्शन रूम के बाहर मरीजों की भीड़ लग जाती है, जिनमें बच्चों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है।स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, सबसे ज्यादा मरीज शहरी इलाकों से आ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बरसात के मौसम में कुत्तों को भोजन और सुरक्षित ठिकानों की कमी हो जाती है, जिससे वे आक्रामक हो जाते हैं। इसके अलावा यह उनका प्रजनन काल भी होता है, जब वे अधिक संवेदनशील और हिंसक हो जाते हैं।सिम्स अधीक्षक ने बताया कि वैक्सीन की सप्लाई सीजीएमएससी से नियमित रूप से की जा रही है और फिलहाल कमी की कोई समस्या नहीं है। उन्होंने कहा कि मरीजों की संख्या भले ही बढ़ी है, लेकिन स्टॉक को बनाए रखने के लिए सभी इंतज़ाम किए जा रहे हैं।पिछले साल भी इसी तरह की स्थिति बनी थी, लेकिन इस बार पिछले एक सप्ताह में डॉग बाइट के मामलों में अचानक उछाल आया है। इससे वैक्सीन की मांग में भारी इजाफा हुआ है और अस्पताल प्रशासन को खपत पर कड़ी निगरानी रखनी पड़ रही है। अस्पताल प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी को कुत्ते ने काटा है तो लापरवाही न करें और तुरंत नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र जाकर एंटी रैबीज टीका लगवाएं। शुरुआती 24 घंटे बेहद महत्वपूर्ण होते हैं, ऐसे में देर करने से संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है और यह जानलेवा भी साबित हो सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि बरसात में सतर्क रहना ही सबसे बड़ा बचाव है क्योंकि समय पर लगाया गया टीका, ज़िंदगी बचा सकता है।
वर्जन
शहर में आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ी हुई है।
जिसके कारण लोग परेशान है।लेकिन फिर भी कोशिश की जा रही है कि इंजेक्शन की कमी न हो और मरीजों को इलाज की पूरी सुविधा मिल सकें
डॉक्टर लखन सिंह,,अधीक्षक सिम्स