छत्तीसगढ़ में फिर सक्रिय हुआ मानसून, कुछ जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
उत्तर छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की संभावना
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर से सक्रिय हो गया है।
उत्तर, मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ में आने वाले दिनों में अच्छी बारिश के संकेत मौसम विभाग ने दिए हैं।
विशेषकर 02 अगस्त को सरगुजा संभाग के कुछ हिस्सों में मेघगर्जन और वज्रपात के साथ मध्यम से भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है।
पिछले 24 घंटों में छत्तीसगढ़ के सभी संभागों – उत्तर, मध्य और दक्षिण में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है। बारिश के आंकड़ों के अनुसार, खरसिया, अड़भार, कटघोरा, सक्ती में 2 सेमी, वहीं मुंगेली, सिमगा, अकलतरा, डभरा, भोथिया, मोहला, भानुप्रतापपुर जैसे स्थानों पर 1 सेमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
तापमान की बात करें तो प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 33.5 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 20.6 डिग्री सेल्सियस दुर्ग में रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग के अनुसार, मानसून की द्रोणिका इस समय श्रीगंगानगर से होते हुए उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। इसके साथ ही, पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्र में 1.5 किलोमीटर की ऊँचाई तक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जिसका प्रभाव छत्तीसगढ़ के मौसम पर भी दिखाई दे रहा है।
मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि 02 अगस्त को उत्तर छत्तीसगढ़, विशेषकर सरगुजा संभाग में एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा, साथ ही मेघगर्जन और वज्रपात की संभावना है।लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान कहता है कि अगले 5 दिनों तक
मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ में हल्की से मध्यम वर्षा जारी रह सकती है। इसके अलावा 2 दिनों के बाद कुछ स्थानों पर फिर से मेघगर्जन और वज्रपात की भी संभावना बनी हुई है।
कुल मिलाकर कहें तो छत्तीसगढ़ में मानसून की रफ्तार एक बार फिर बढ़ रही है। मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेने की ज़रूरत है, खासतौर पर उत्तर छत्तीसगढ़ में रहने वाले लोगों को, जहां भारी बारिश और वज्रपात की आशंका है। फिलहाल राहत यह है कि पूरे प्रदेश में मानसून की अच्छी सक्रियता से खेती-किसानी को लाभ मिलने की उम्मीद की जा रही है।