पेंड्रा एसडीएम की सरकारी गाड़ी से दर्दनाक हादसा,मौत….महिला की मौत,पति व दो बच्चे गंभीर रूप से घायल

घटना की जानकारी के बाद भी कोनी पुलिस ने नहीं लिखी थी रिपोर्ट
मीडिया की दखल के बाद दर्ज हुई एफआईआर,पीड़ितों ने खुद खोज निकाला एसडीएम की गाड़ी को
बिलासपुर ।रक्षा बंधन के दिन भाई को राखी बांधने जा रहीं बहन की मौत खबर सुननी होगी,शायद उसके भाई ने भी नहीं सोचा होगा,सुनी कलाई और
खुशियों के बदले मातम के त्योहार के बदले दिन को पूरा परिवार नहीं भूल पा रहा है।सड़क हादसे में भाई की बहन,पति की पत्नी और दो बच्चों की मां को छीन लिया है और छीनने वाला कोई और नहीं बल्कि पेंड्रा एसडीएम की सरकारी गाड़ी है।जिसके ड्राइवर में घटना को अंजाम दिया है।

कोनी थाना क्षेत्र के तुर्काडीह के पास शनिवार को पेंड्रा एसडीएम की सरकारी गाड़ी के ड्राइवर ने बाइक सवार पति पत्नी और बच्चो को टक्कर मार दिया। जिसमें बाइक सवार महिला हेमलता की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में उसके पति सुमित (27) और दो बच्चे मितेश (7) व रिशु (10) गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार,सकरी थाना अंतर्गत ग्राम भरनी देवरी निवासी सुनील सूर्यवंशी पेशे से पेंटर है।राखी के दिन वह अपनी पत्नी हेमलता और दो बच्चों के साथ
सुसराल सेमरताल का रहा था।ताकि उसकी पत्नी अपने भाई को राखी के दिन रखी बांध सके।वे लोग तुर्काडीह के पास पहुंचे थे। इसी बीच एसडीएम लिखी हुई सरकारी बोलेरों गाड़ी ने सामने से टक्कर मार दिया।हादसा इतना जबरदस्त था कि गाड़ी से छिटककर पति पत्नी और बच्चे गिर गए।
जिसमें पति को चोट
लगने से बेहोश हो गया जबकि पत्नी की अस्पताल ले जाते समय रास्ते मे मौत हो गई।आनन फानन मे आसपास के ग्रामीणों ने किसी तरह अस्पताल पहुंचाया उसके बाद खबर पाकर ससुराल वाले और गांव वाले भी पहुंच गए।जिन्होने सरकारी गाड़ी के ड्राइवर के खिलाफ जुर्म दर्ज करने की मांग कोनी थाना में की,लेकिन पुलिस ने किसी तरह की कोई सुनवाई नहीं की।
तब परिवार के लोग एकजुट होकर सरकारी गाड़ी की खोजबीन खुद शुरू की।
बहन की राह देखता रहा भाई
सेमरताल में इंतजार कर रहे भाई को क्या मालूम की जिस बहन का वाहन इंतजार कर रहा है वह अब इस दुनिया में नहीं है।जैसे ही खबर मिली वह शॉक्ड हो गया और उसे कुछ समझ नहीं आया कि आखिर हुआ क्या,अचानक से खुशियों का यह दिन मातम मे कैसे बदल गया।उसकी हाथ की कलाई सुनी रह गई और पूरे परिवार में ग़म का माहौल बन गया।
सरकारी गाड़ी को खोजने के लिए सीसीटीवी का किया उपयोग
गांव के लड़कों ने सरकारी गाड़ी कों खोजने के लिए सीसीटीवी फुटेज और आसपास के लोगो से पूछताछ शुरू की,जिसमें खुलासा हुआ कि सरकारी गाड़ी में एसडीएम लिखा हुआ था और वह घटना को अंजाम देने के बाद फरार हो गया है।
गांव के लोगो ने वाट्सअप ग्रुप में गाड़ी खोजने चलाया अभियान
गांव के युवकों के गाड़ी को खोजने के लिए वाट्सअप में अभियान चलाया और इसी बीच पता चला कि सरकारी गाड़ी एसडीएम लिखा हुआ अमेरी चौक में एक गैरेज में बनने के लिए आई हुई है तब युवक पुलिस को लेकर पहुंचे और गाड़ी को जप्त करके थाना लेकर आए।
दो दिनों तो नहीं लिखी थी पुलिस ने रिपोर्ट
कोनी पुलिस ने पीड़ितों की दो दिनों तो रिपोर्ट
नहीं दर्ज की,बल्कि पीड़ितों को भगा देती थी,इसके बाद सोमवार को पीड़ितों के थाना का घेराव किया और हंगामा किया जिसकी सूचना मीडिया तक पहुंची तब कही जाकर पुलिस ने मीडिया की डर से एफआईआर दर्ज किया।
सुमित बोला,सरकारी गाड़ी एसडीएम की,होनी चाहिए कड़ी कार्रवाई
थाना पहुंचे पीड़ित सुमित ने मीडिया से कहा कि कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए,क्योंकि पुलिस एसडीएम की गाड़ी को देखकर कार्रवाई नहीं कर रही थी।इसलिए दिन दिनों से रोज थाना बुला रहे थे लेकिन कार्रवाई नहीं कर रहे थे और एफआईआर दर्ज नहीं कर रहे थे। बल्कि थाना से भगा रहे थे।
ग्रामीणों के लगाया गंभीर आरोप
कोनी थाना पहुंचे ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाया है,ग्रामीणों ने बताया कि कोनी पुलिस सेटिंग करने के चक्कर में एफआईआर दर्ज नहीं कर रही थीं।चूंकि हादसा करने वाली गाड़ी किसी और की नहीं बल्कि एसडीएम की है।इसलिए पुलिस किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं कर रही थी। धन्यवाद है मीडिया के साथियों का,जिनके आने के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज किया और सुनवाई की,
थाना प्रभारी बोले,ऐसे मामले में नहीं देता हूं बाइट
इस गंभीर मामले मंजन थाना प्रभारी राहुल तिवारी से पूछा गया कि आखिर क्या मामला है और एफआईआर दर्ज क्यों नहीं किया गया,और सरकारी गाड़ी को पकड़ने में आखिर लापरवाही क्यों,तो उन्होंने कहा कि ऐसे मामले में मै बाइट नहीं देता हूं।