Blog

स्वास्थ्य व्यवस्था बैसाखियों पर –16 हजार NHM कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर….सरकार की सदबुद्धि के लिए जिले के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने किया हवन यज्ञ

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश में कार्यरत 16,000 राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) कर्मचारी अपनी नियमितीकरण एवं 10 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। कर्मचारियों की हड़ताल का सीधा असर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है, जिससे अस्पतालों में मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदेशभर में जहां एक ओर मरीज इलाज के लिए अस्पतालों में भटक रहे हैं, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य सेवाओं के मानक तय करने वाले राष्ट्रीय पोर्टल का पूरा काम भी ठप हो गया है।

संघ ने स्पष्ट किया है कि –
पिछले 20 वर्षों से लगातार सेवा देने के बावजूद NHM कर्मचारियों का नियमितीकरण नहीं किया गया।
समय-समय पर सरकार से वार्ता होने के बाद भी केवल आश्वासन मिले हैं।
कर्मचारियों को न तो स्थायित्व मिला, न ही उचित वेतनमान।


10 सूत्रीय मांगों में नियमितीकरण, समान कार्य के लिए समान वेतन, स्थानांतरण नीति, सेवा शर्तों का निर्धारण, सामाजिक सुरक्षा लाभ सहित अन्य बिंदु शामिल हैं।

संघ का कहना है कि सरकार की उपेक्षा और टालमटोल की नीति से मजबूर होकर कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है। यह संघर्ष केवल कर्मचारियों का नहीं, बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था और लाखों मरीजों के हित से जुड़ा हुआ है।

कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष श्याम मोहन दुबे ने कहा –हम 20 वर्षों से प्रदेश की जनता की सेवा कर रहे हैं। कोरोना महामारी हो या आपातकालीन परिस्थिति, NHM कर्मियों ने हमेशा अपनी जिम्मेदारी निभाई है। लेकिन आज जब हम अपने हक और भविष्य की सुरक्षा की बात करते हैं, तो सरकार मौन है। जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।हड़ताल के तीसरे दिन तक जिले के समस्त स्वास्थ्य केंद्र जिला चिकित्सालय,CIMS चिकित्सालय, 05 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 44 प्राथमिक स्वास्थ्य केदो में संविदा में कार्यरत चिकित्सा अधिकारी,स्टाफ नर्स, लैब तकनीशियन, फार्मासिस्ट, अकाउंटेंट, डाटा एंट्री ऑपरेटर, सेक्रेटरियल असिस्टेंट, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के समस्त स्टाफ एवं अन्य चिकित्सकीय स्टाफ के साथ-साथ कार्यालय के स्टाफ हड़ताल में होने के कारण अधिकन्श् स्वास्थ्य सेवाएं बाधित रही, जिसमे- समस्त राष्ट्रीय कार्यक्रमों- मलेरिया, टी बी, टीका करण, महामारी आदि की दैनिक रिपोर्टिंग, जन्म मृत्यु पंजीयन, महतारी प्रसव,अस्पतालों मे ओ पी डी सेवा, शल्य क्रिया, आपातकालीन सेवाएं मुख्य रूप से बाधित हो रहा है, वर्तमान बरसात के मौसम मे सर्दी, खांसी, बुखार एवं उलटी दस्त के मरीजो की भीड़ रहती है। हड़ताल के चलते इन्हे ना तो समय पर उपचार मिल पा रहा है, और ना हि इनकी रिपोर्टिंग हि हो पा रही है, जिसके कारण आम जनता को बहुत परेशानी हो रही है। लोगों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है*
संघ के कार्यकारी प्रांत अध्यक्ष श्याम मोहन दुबे के साथ जिला अध्यक्ष श्री राजकुमार यादव,मुकेश अग्रवाल एवं जिले एवं विकास खंड अंतर्गत कार्यकारिणी/ पदा धिकारी का गठन किया गया। नवनियुक्त पदाधिकारी उक्त बैठक में शामिल थे,जिनके द्वारा यह जानकारी दी गई है प्रदेश सरकार से पुनः आग्रह किया कि तत्काल ठोस पहल करते हुए कर्मचारियों की मांगों का समाधान निकाला जाए, अन्यथा आंदोलन और अधिक उग्र होगा। हड़ताल के तीसरे दिन आज सरकार की सदबुद्धि के लिए जिले के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों के द्वारा हवन यज्ञ किया गया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *