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तखतपुर सरकारी अस्पताल में बिजली गुल, मोबाइल टॉर्च की रोशनी में महिला की डिलीवरी….जनरेटर सुविधा नहीं, बार-बार बिजली कटौती से अस्पताल की पोल खुली…नर्स ने परिजनों से मांगा मोबाइल, टॉर्च से डॉक्टर ने कराया सुरक्षित प्रसव

तखतपुर क्षेत्र में बिजली और स्वास्थ्य सुविधा का है बुरा हाल

बिलासपुर। तखतपुर में स्वास्थ्य व्यवस्था और बिजली की लापरवाही का एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों को मोबाइल टॉर्च के सहारे महिला का प्रसव कराना पड़ा। बिजली विभाग की लापरवाही और स्वास्थ्य विभाग की आधी अधूरी व्यवस्था लोगों के जीवन को खतरे में डाल रही है।

दरअसल तखतपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 17 अगस्त की रात डिलीवरी के दौरान अचानक बिजली गुल हो गई। ऑपरेशन की जारी प्रक्रिया के दौरान आनन-फानन में नर्स दौड़ते हुए बाहर आई और परिजनों से मोबाइल की टॉर्च मांगी। बिजली बंद हो जाने से भर्ती मरीजों और नवजात शिशुओं की हालत बिगड़ने लगी। बताया गया कि तखतपुर में एक दिन में 40 से अधिक बार बिजली कटौती होती है। अस्पताल में न तो इन्वर्टर और न ही जनरेटर की सुविधा है। कई बार नर्सों को मोमबत्ती जलाकर काम करना पड़ता है। अस्पताल के जिम्मेदारों ने परेशान होकर बताया कि शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होती जिससे वे लगातार हलाकान रहते हैं।
घटना की जानकारी मिलने पर बहुजन समाज पार्टी के विधानसभा अध्यक्ष फिरोज दिवाकर मौके पर पहुंचे। उन्होंने पूरे मामले को मोबाइल में कैद किया और लचर व्यवस्था की कड़ी निंदा करते हुए शासन-प्रशासन एवं जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों को जमकर आड़े हाथों लिया। साथ ही चेतावनी दी कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।इस संबंध में तखतपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बीएमओ डॉ. उमेश साहू ने बताया कि सुबह से ही डीईओ कट जाने के कारण बिजली सप्लाई बाधित थी। इसकी शिकायत उपस्थित डॉक्टरों द्वारा बार-बार बिजली विभाग को दी गई, लेकिन समस्या बनी रही। मामले की गंभीरता को देखते हुए बिजली विभाग के एई रचित दुवा को भी अवगत कराया गया। फिर भी अपेक्षित सहयोग नहीं मिला।
डॉ. साहू ने बताया कि डिलीवरी रूम का इन्वर्टर भी डीईओ कट लाइन से जुड़ा हुआ था। रात करीब 7:30 बजे बिजली बहाल होने के बाद गर्भवती महिला को डिलीवरी रूम में लिया गया। इस दौरान कई बार बिजली कटती रही, फिर भी डॉक्टरों और नर्सों ने मिलकर महिला का सुरक्षित प्रसव कराया। स्वास्थ्य और बिजली विभाग के बड़े जिम्मेदार अधिकारियों को इस ओर गंभीरता के साथ ध्यान देने की आवश्यकता है,नहीं तो लोगों का मर्ज ठीक करने वाला तखतपुर का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कहीं किसी बड़ी मुसीबत का कारण न बन जाए, इसलिए जल्द से जल्द अव्यवस्था को दुरुस्त करने की जरूरत है।

वर्जन
बिजली 3 दिनों से बंद रही और बिजली विभाग को सूचित किया गया था।इसके बाद भी सुनवाई नहीं हुई। चूंकि डिलीवरी इमरजेंसी थी इसलिए डिलीवरी करना पड़ा।
नर्स और डॉक्टर ने बढ़िया काम किया है।इससे महिला और बच्चा सुरक्षित है।

डॉक्टर उमेश साहू
बीएमओ तखतपुर

वर्जन
बिजली विभाग की लापरवाही से बिजली बंद रही और सुरक्षित तरीके से डिलीवरी की गई।इसमें बच्चा और मां दोनों सुरक्षित है।
इस तरह से किसी को वीडियो नहीं बनाना चाहिए।

डॉक्टर शुभा गढ़ेवाल..सीएमएचओ

वर्जन
इमरजेंसी थी और महिला की डिलीवरी करनी जरूरी थी।जिसके लिए महिला का डिलीवरी किया गया।बिजली बन्द होने के लिए स्टिच लगाना था तब टॉर्च और मोबाइल मांगा गया।इसमें हमने अपना काम पूरी ईमानदारी से किया है।जिसके कारण दोनों सुरक्षित है।

रिपिका डेनियल
नर्स स्वास्थ्य केंद्र

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