सिम्स में शव वाहन की भारी लापरवाही-चार बार फोन के बाद भी नहीं आई एंबुलेंस

परिजन प्राइवेट गाड़ी में शव ले जाने को मजबूर
बिलासपुर । संभाग के सबसे बड़े अस्पताल सिम्स में बुधवार को घटी लापरवाही ने एक बार फिर अस्पताल प्रबंधन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के ही सरकंडा की एक महिला का ईलाज के दौरान मौत हो गईपोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सौंपा गया, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि सिम्स से शव को घर ले जाने के लिए अस्पताल की एंबुलेंस उपलब्ध ही नहीं हो सकी।
मृतक के परिजनों ने बताया कि उन्होंने अस्पताल से एंबुलेंस मंगाने के लिए चार बार फोन किया, लेकिन हर बार यही जवाब मिला कि गाड़ी खराब है। मजबूर होकर परिजनों को बाहर से प्राइवेट एंबुलेंस मंगवानी पड़ी और मोटी रकम खर्च कर शव को घर ले जाना पड़ा। परिजनों ने कहा कि जब यह अस्पताल संभाग का सबसे बड़ा और सरकारी सुविधा वाला अस्पताल है, तो फिर शव को ले जाने के लिए एक भी गाड़ी चालू हालत में क्यों नहीं है गरीब आदमी कहां से लाएगा इतना पैसा प्राइवेट एंबुलेंस के लिए यह सीधी-सीधी लापरवाही और इंसानियत के खिलाफ काम है। सिम्स अस्पताल में रोजाना दूर-दराज के गांवों से मरीज आते हैं। यहां शव वाहन की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए, लेकिन हकीकत यह है कि कई बार मरीजों और मृतकों के परिजन गाड़ी के अभाव में घंटों परेशान होते हैं। इस घटना ने न केवल परिजनों के घाव को और गहरा कर दिया, बल्कि अस्पताल प्रबंधन की उदासीनता को भी उजागर कर दिया है स्थानीय लोगों का कहना है कि एंबुलेंस सेवा के नाम पर सिर्फ कागजों में दिखावा किया जा रहा है। लाखों-करोड़ों का बजट होने के बावजूद अगर एक शव वाहन तक चालू हालत में उपलब्ध न हो, तो यह अस्पताल प्रशासन की नाकामी का साफ सबूत है।
परिजनों ने लगाया गंभीर आरोप
मृतक के परिजनों के कहा कि अशोक नगर तक जाने के लिए वाहन की सुविधा नहीं दी गई है।जबकि चार बार से ज्यादा फोन करके वाहन की मांग की गई।लेकिन हर बार यही कहा गया कि गाड़ी बिगड़ गई है।जिसके कारण निजी वाहनों को किराए के करके शव ले जाना पड़ा।जो गरीबों के लिए बड़ी बात होती है।
वर्जन
विभाग के पास पर्याप्त संख्या में वाहन मौजूद हैं। कभी-कभी ऐसा होता है कि एंबुलेंस कोई मरीज को छोड़ने बाहर गई रहती है, उस दौरान थोड़ी देर हो जाती है। इसके अलावा नियमित सेवाओं में कोई रुकावट नहीं आती। और उन्होंने कहा कि एंबुलेंस के लिए 1099 में भी संपर्क कर सकते हैं।
डॉ. लखन सिंह अधीक्षक सिम्स अस्पताल