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अरपा कोलवासरी परियोजना की जनसुनवाई में ग्रामीणों में आक्रोश….जनसुनवाईमें ग्रामीणों और सरपंचों ने किया एकतरफा विरोध….प्रबंधन ग्रामीणों को खरीदने और नगदी पैसा बांटने में लगा रहा….

विरोध करने वालो के आवाज को दबाने की पूरी कोशिश

सरपंच और ग्रामीण बोले,कोलवाशरी
नहीं खुलना चाहिए

बिलासपुर।मस्तूरी-जयरामनगर। अंतर्गत ग्राम रलिया में प्रस्तावित अरपा कोलवासरी परियोजना की जनसुनवाई सोमवार को खैरा स्टेडियम में आयोजित किया गया।जनसुनवाई शुरू होने के पहले ही जमकर विरोध हुआ और विरोध में जमकर हल्ला हुआ,आसपास के ग्रामीणों और सरपंचों के सीधे विरोध करते हुए कहा कि यह जनसुनवाई ही नहीं होनी थी।इसके लिए कलेक्टर को आवेदन दिया जा चुका है।इसके बाद भी जनसुनवाई किया जा रहा है।
इसी तरह व्यापारी संघ ने जनसुनवाई के जनकर विरोध प्रदर्शन करते हुए बोले कि जनसुनवाई का कोई मतलब नहीं है।कोलवाशरी से प्रदूषण फ़ैलेगा और पर्यावरण खराब होगा।इसके साथ ही सांस की बीमारियां और लोगो की जिंदगी बर्बाद होगी।
ग्रामीणों ने यह भी कहा
की ग्रामीणों के विरोध के बाद भी आखिर क्यों और किसलिए कोलवाशरी खोला जा रहा है।

जनसुनवाई में हुआ जमकर विरोध,ग्रामीण बोले बंद करो नहीं तो करेंगे आंदोलन

जनसुनवाई में पहुंचे
ग्रामीणों ने सीधे कहा कि कोलवाशरी नहीं खुलना चाहिए नहीं तो
पूरे गांव वाले सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे और कोलवाशरी का पूरा विरोध करेंगे।
धोखे से खरीदी हुई जमीन का कोलवाशरी
में तब्दील करना गलत है।

तगड़ी सुरक्षा व्यवस्था और सेटिंग से हुआ पूरा खेल

सूत्र बता रहे है कि जनसुनवाई के पूरी तगड़ी सुरक्षा व्यवस्था रखी गई थी। इसके साथ ही पूरा काम
सेटिंग से करके जनसुनवाई में
विरोध करने वाले के आवाज को दबा दिया गया।जिसकी वजह से
पक्ष वालो जोरो सुनी गई और विरोध करने वालो के बीच हल्ला करने लगे,ताकि उनकी आवाज मौजूद अफसरों तक नहीं पहुच सकें।

कोलवाशरी खुलने को लेकर ग्रामीणों में भयंकर नाराजगी

कोलवाशरी को लेकर ग्रामीणों में भयंकर नाराजगी बनी हुईं है।
ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा की कोलवाशरी खुलने से फसल,जिंदगी और स्कूल के साथ ही घर भी बर्बाद हो जायेगा।इसके साथ ही जन जीवन और सड़क और पर्यावरण बर्बाद होने के साथ ही पूरा गांव खत्म हो जाएगा।

ग्रामीण बोले,नगदी बांटकर पक्ष में बोलने के लिए प्रबंधन ने बनाया दबाव

सूत्र बता रहे है कि नगदी रकम लेकर कई ग्रामीणों को दिया गया है,इसके लिए पक्ष में बोलने और जनसुनवाई का विरोध नही करने के लिए हाथों हाथ पैसा दिया गया है।जिसके लिए चंद पैसा पाने वाले ग्रामीणों की भीड़ बनीं रही।

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