आधी रात तक हुई बारिश और बिजली चमकने से चरमराई बिजली व्यवस्था, आधी रात तक शहर अंधेरे में डूबा रहा, लोग हलाकान
मंगलवार शाम से शुरू हुई तेज बारिश और आकाशीय बिजली से शहर अंधेरे में डूबा रहा। बिजली नहीं होने से लोग हलाकान होते रहे और बिजली विभाग से संपर्क साधने की कोशिश करते रहे। रात भर लोगों की नींद खराब होती रही और जनजीवन अस्त– व्यस्त रहा।
बिलासपुर। मंगलवार शाम को हुई मूसलाधार बारिश और आकाशीय बिजली की चपेट में आने से बिलासपुर शहर की बिजली व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई। देखते ही देखते कई क्षेत्रों में ब्लैकआउट की स्थिति बन गई। अंधेरे में डूबे इलाकों के लोग घंटों परेशान रहे और बिजली विभाग से संपर्क करने की कोशिश भी नाकाम रही।
कॉल सेंटर और अधिकारियों के फोन बंद:–
तेज़ बारिश और बिजली गिरने से आधे शहर की बिजली गुल हो गई। उपभोक्ताओं ने जैसे ही बिजली विभाग से संपर्क साधने का प्रयास किया, अधिकारियों के मोबाइल या तो बंद मिले या लगातार व्यस्त रहे। वहीं, फ्यूज कॉल सेंटर का नंबर भी घंटों व्यस्त रहा, जिससे लोगों को और अधिक कठिनाई का सामना करना पड़ा।
प्रभावित क्षेत्र:–
शहर के मोपका, राजकिशोर नगर, बहतराई, मंगला और दीनदयाल कॉलोनी सहित 10 से 12 मोहल्लों में रात नौ बजे तक भी बिजली बहाल नहीं हो सकी थी। व्यापार विहार, ओम हाइट्स अपार्टमेंट और विनोबा नगर जैसे इलाकों में तीन घंटे से ज्यादा समय तक अंधेरा छाया रहा। जिन इलाकों में सप्लाई शुरू भी हुई, वहां थोड़ी देर बाद दोबारा बिजली गुल हो गई।
विभाग की सफाई:–
अधीक्षण यंत्री पी. श्रीनिवास राजू ने मीडिया को बताया कि आकाशीय बिजली गिरने से कई जगहों पर इंसुलेटर खराब हो गए थे। मरम्मत कार्य कराया गया और अधिकांश क्षेत्रों में सप्लाई बहाल कर दी गई। हालांकि, कुछ इलाकों में देर रात तक बिजली की आंख-मिचौली जारी रही, जिससे लोगों की नींद खराब हो गई और सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त रहा।
दिन में मरम्मत, रात में बेअसर:–
तेज़ बारिश से पहले बिजली विभाग ने नवरात्रि और दीपावली के मद्देनजर केबल सुधार और पेड़ों की छंटाई का काम किया था। इसी वजह से मंगलवार दोपहर कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बंद रही। इसके बावजूद शाम की बारिश और तेज हवाओं ने सारी तैयारी धरी की धरी रह गई और पूरा तंत्र दोबारा ठप पड़ गया।