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स्कूल समय में हर्बल उत्पादों का प्रचार करते मिले शिक्षक, एक शिक्षिका निलंबित, तीन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा


दुर्ग जिले में शिक्षकों की सेवा आचरण में गंभीर लापरवाही सामने आने पर जिला शिक्षा अधिकारी ने कड़ी कार्रवाई की है। जांच में दोषी पाए जाने पर एक सहायक शिक्षिका को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि अन्य तीन शिक्षकों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की अनुशंसा करते हुए प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेजा गया है।

दुर्ग। दुर्ग जिले में शिक्षक स्कूल के समय में मोटू–पतलू होने की दवा बेच रहे हैं। स्कूल के समय में हर्बल लाइफ जैसी फिटनेस कंपनियों का प्रचार कर रहे है और स्कूल से ही ऑनलाइन ट्रेनिंग सेशन में शामिल हो रहे है। शिकायत मिलने पर डीईओ ने बीईओ से जांच करवाई। जांच रिपोर्ट में पुष्टि होने पर सहायक शिक्षिका को निलंबित कर दिया गया है। वही तीन शिक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिए उच्च कार्यालय को पत्र लिखा गया है।

शिक्षकों द्वारा स्कूल टाइम में हर्बल उत्पादों के प्रचार संबंधी मिली शिकायतों के बाद जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी, धमधा द्वारा की गई जांच में यह तथ्य सामने आया कि कुछ शिक्षक शैक्षणिक कार्यों की बजाय हर्बल उत्पादों के प्रचार-प्रसार और हर्बल लाइफ की सदस्यता दिलाने जैसे कार्यों में लगे हुए थे। इतना ही नहीं, ये शिक्षक स्कूल समय में कार्यालयीन बैठकें और ऑनलाइन सेशन तक आयोजित कर रहे थे। जांच रिपोर्ट के अनुसार, इन गतिविधियों से विद्यालयों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही थी और विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति पर प्रतिकूल असर पड़ रहा था।

जांच में सामने आए शिक्षकों के नाम:–

जांच में धमधा ब्लॉक के निम्नलिखित शिक्षकों की संलिप्तता पाई गई—

लोमन वर्मा, व्याख्याता, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय घोटवानी

बलदाउ पटेल, सी.ए.सी., संकुल केंद्र बोरी (मूल पद – शिक्षक एलबी)

मुकेश चतुर्वेदी, शिक्षक (एलबी), शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला दनिया

खिलेश्वरी चतुर्वेदी, सहायक शिक्षक, शासकीय प्राथमिक शाला फुण्डा

इन सभी पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और निजी नेटवर्क के माध्यम से स्कूल के समय में हर्बल उत्पादों के प्रचार-प्रसार में सक्रिय रहने और अध्यापन कार्य करवाना छोड़ ऑनलाइन सेशन और ट्रेनिंग आयोजित करने, हर्बल लाइफ की सदस्यता दिलवाने संबंधी आरोपों की पुष्टि हुई।

जिला शिक्षा अधिकारी ने प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर सहायक शिक्षिका श्रीमती खिलेश्वरी चतुर्वेदी को तत्काल निलंबित कर दिया है।
व्याख्याता, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय घोटवानी लोमन वर्मा के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए विस्तृत प्रस्ताव संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय, नवा रायपुर को भेजा गया है।

वहीं संकुल समन्वयक संकुल केंद्र बोरी (मूल पद – शिक्षक एलबी) बलदाउ पटेल और शिक्षक (एलबी) शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला दनिया  मुकेश चतुर्वेदी के विरुद्ध कार्रवाई हेतु अनुशंसा सहित प्रस्ताव संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग दुर्ग को अग्रेषित किया गया है।

जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा ने इस संबंध में कहा कि शासकीय सेवकों की पहली जिम्मेदारी विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। सेवा आचरण नियमों के खिलाफ इस प्रकार की गतिविधियों को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में कोई भी कर्मचारी ऐसे गैर-शैक्षणिक और व्यावसायिक कार्यों में संलग्न पाया गया तो उसके खिलाफ और भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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