स्टेशन मास्टरों की कमी और लंबी ड्यूटी बनी बड़ी समस्या
ऑल इंडिया एसोसिएशन की बिलासपुर बैठक में उठी आवाज
बिलासपुर।ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन की तिमाही बैठक बिलासपुर में आयोजित की गई, जिसमें स्टेशन मास्टरों की समस्याओं और रेलवे संचालन की चुनौतियों पर गहन मंथन किया गया। अध्यक्ष प्रमोद कुमार ने कहा कि रेलवे लगातार प्रगति कर रहा है, लेकिन स्टेशन मास्टरों की संख्या नहीं बढ़ रही। सीमित साधनों और कम जनशक्ति के बावजूद लाखों यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी उठानी पड़ रही है।सेक्रेटरी जनरल शरत चन्द्र पुरोहित ने बताया कि पूरे देश में करीब 40,500 स्टेशन मास्टर 7,400 से अधिक स्टेशनों पर काम कर रहे हैं। औसतन एक स्टेशन पर चार स्टेशन मास्टर तैनात हैं, जबकि बड़े शहरों जैसे दिल्ली और मुंबई में दबाव कहीं अधिक है। इसके बावजूद स्टेशन मास्टर लगातार सुरक्षित संचालन सुनिश्चित कर रहे हैं।बैठक में महिला कर्मचारियों की समस्याओं पर भी चर्चा हुई। नाइट ड्यूटी से राहत, अटेच टॉयलेट और चेंजिंग रूम की सुविधा की मांग प्रमुख रही। साथ ही सीसीएल बाल देखभाल अवकाश को 2 प्रतिशत तक बढ़ाने की बात भी रखी गई। एसोसिएशन ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे संचालन को सुचारु बनाए रखने के लिए स्टेशन मास्टरों की समस्याओं का समाधान आवश्यक है।