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पति पत्नी ने फ्लैट बेचने के नाम पर 19 लाख रुपए की ठगी की

एक महिला को बनाया शिकार

सिविल लाइन पुलिस जांच में जुटी

बिलासपुर।सिविल लाइन थाना क्षेत्र अंतर्गत महिला के साथ 19 लाख की धोखाधड़ी का मामला प्रकाश में आया है। जहा पति पत्नी द्वारा फ्लैट का एग्रीमेंट कर अनुबंध की राशि का 90 प्रतिशत लेने के बाद भी रजिस्ट्री नही करने का आरोप प्रार्थी महिला ने लगाया है।

मिली जानकारी के लिए भारतीय नगर में किराए के मकान में रहने वाली बोगी उमा देवी ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि मकान नं.

10-11 जगन्नाथपुरम कलोनी बिलासपुर निवासी श्रृष्टि चंद्र वर्मा और उनके पति चंद्र प्रकाश वर्मा के साथ एक अनुबंध किया गया था। जहां श्रृष्टि चंद्र वर्मा और उनके पति चंद्र प्रकाश वर्मा के स्वत्व और अधिपत्य का श्रीराम टावर व्यापार विहार ब्लाक नं. डी-1 फ्लैट-1 तृतीय तल के ऊपर स्थित 849 वर्गफुट के मकान को कुल 20,00,000 (बीस लाख रूपए) में विक्रय करने का इकरारनामा दिनांक 05/05/2023 को निष्पादित किया था। जिसमे प्रार्थिया ने बतौर बयाना 11,00,000 (ग्यारह लाख रूपए) जिसमे से 5,00,000 (पांच लाख रूपए) यस बैंक शाखा बिलासपुर के चेक क्रमांक
879794 और 6,00,000 (छह लाख रूपए) यस बैंक बिलासपुर शाखा के चेक क्रमांक- 879795 और 5,00,000 (पांच लाख रूपए) आई.सी.आई.सी. आई बैंक शाखा गोल बाज़ार बिलासपुर ब्रांच में सेल्फ चेक से आर टी जी एस के माध्यम से खाता धारक चन्द्रप्रकाश वर्मा के खाते में दिनांक 20/12/2023 को भुगतान किया था। इसके बाद श्रृष्टि चन्द्र वर्मा, चंद्रप्रकाश वर्मा द्वारा प्रार्थिया को 8 माह में शेष राशि का भुगतान कर विक्रयनामा रजिस्ट्री करवा देने का वादा किया था। श्रृष्टि चन्द्र वर्मा, चंद्रप्रकाश वर्मा प्रार्थी से कुल 16 लाख बैंक के माध्यम सहित 3 लाख नगद राशि लेकर आज दिनांक तक रजिस्ट्रेशन नहीं किया गया है। प्रार्थिया को इस बीच पता चला की आरोपियों ने उक्त मकान को दोबारा किसी अंचल अगिचा नाम की महिला के पास बिक्री किया गया है। जिसके बाद प्रार्थिया को अपने साथ हुई धोखाधड़ी का ऐहसास हुआ। जिसके बाद उन्होंने मामले कि शिकायत दर्ज कराई। इधर मामले में सिविल लाइन पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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