आपसी रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई में रची गई थी फायरिंग की साजिश….मुख्य आरोपी समेत 7 गिरफ्तार,2 नाबालिग शामिल…..SSP की 6 टीम ने मामले का किया पर्दाफाश

मस्तूरी शूटआउट : पुलिस का बड़ा खुलासा,7 आरोपी गिरफ्तार हथियार बरामद
कांग्रेस नेता पर एक लाख रुपए देने का लगा आरोप
बिलासपुर ।मस्तूरी में जनपद उपाध्यक्ष नितेश सिंह के ऑफिस के बाहर हुई अंधाधुंध फायरिंग की गुत्थी को बिलासपुर पुलिस ने सुलझा लिया है।एसएसपी रजनेश सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने इस सनसनीखेज मस्तूरी शूटआउट कांड के मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने इस मामले में 7 आरोपियों को पकड़ा है, जिनमें दो नाबालिग भी शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से देशी पिस्टल, कट्टा, मैगजीन, जिंदा कारतूस और मोबाइल फोन सहित बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री जब्त की है। एसीसीयू बिलासपुर और थाना मस्तूरी थाना की संयुक्त टीम ने मामले की जांच के दौरान 100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले। लगातार निगरानी और साक्ष्य जुटाने के बाद पुलिस ने अज्ञात हमलावरों की पहचान की और कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए आरोपियों तक पहुंच बनाई। जांच में यह बात सामने आई कि इस घटना के पीछे पुरानी आपसी रंजिश और राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई थी।

एसएसपी रजनेश सिंह ने बिलासागुड़ी में खुलासा करते हुए बताया कि जनपद उपाध्यक्ष नितेश सिंह और मुख्य आरोपी विश्वजीत अनंत के परिवार के बीच मस्तूरी क्षेत्र में जमीन की खरीद-फरोख्त, अतिक्रमण और राजनीतिक वर्चस्व को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा था। दोनों पक्षों ने पहले भी एक-दूसरे के खिलाफ मस्तूरी और सिविल लाइन थाने में कई अपराध दर्ज कराए थे। मुख्य आरोपी विश्वजीत अनंत ने नितेश सिंह और उनके सहयोगियों को जान से मारने की साजिश रची थी। उसने अपने भाइयों और अन्य साथियों के साथ मिलकर रेकी की और तय किया कि नितेश सिंह को उसी जगह निशाना बनाया जाएगा जहां वह रोज शाम को बैठता है। पुलिस के अनुसार, 25 अक्टूबर को पहली बार हत्या की योजना बनी थी, लेकिन किसी कारण से यह प्लान असफल रहा। इसके बाद 28 अक्टूबर की शाम करीब 6 बजे आरोपी दो मोटरसाइकिलों में सवार होकर मस्तूरी पहुंचे और नितेश सिंह के ऑफिस के बाहर फायर आर्म्स से ताबड़तोड़ फायरिंग की। इस गोलीबारी में नितेश सिंह के साथी राजू सिंह और चंद्रकांत सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया।घटना की सूचना पाकर पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की।इसमें पुलिस की तत्काल टीम का गठन करके खोजबीन शुरू की गई और आरोपियों को खोज निकाला।इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य की मदद से रायपुर से एक नाबालिग और तीन लोगों को उनके घर और विश्वजीत को रायपुर से पकड़ा गया।
इसमें से कुछ आरोपी बाहर भागने की फिराक में थे,लेकिन पुलिस ने आनन फानन में।गिरफ्तार कर लिया।

कांग्रेस नेता के पर एक लाख रुपए देने का लगा आरोप,जांच जारी
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी विश्वजीत अनंत को तारकेश्वर पाटले नामक व्यक्ति ने 1 लाख रुपये नगद दिए थे, जिसे उसने अपने साथियों में बांटा। पुलिस इस लेनदेन और अन्य संभावित सहयोगियों की भूमिका की जांच कर रही है। एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा यह घटना पूर्णतः आपसी रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई का परिणाम है। बिलासपुर पुलिस ने बेहद मेहनत और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई है। इस प्रकरण में शामिल सभी आरोपियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
अन्य संभावित आरोपियों की तलाश जारी
बिलासपुर पुलिस अब इस मामले में अन्य संभावित आरोपियों की तलाश कर रही है। वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों के खिलाफ नो टॉलरेंस पॉलिसी के तहत आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
फायरिंग में इस्तेमाल हुए हथियारों की पुष्टि
पुलिस ने मौके से मिले 13 खाली खोखे और 10 चली हुई गोलियों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा है। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि घटना में प्रयुक्त हथियार विश्वजीत और उसके सहयोगियों के पास से मिले देशी कट्टे और पिस्टल ही थे।
वर्चस्व की जंग का खुलासा
बता दे नितेश सिंह और विश्वजीत अनंत के बीच एक बार नहीं बल्कि कई बार झगड़ा हो चुका है।इसके पहले भी दोनों के बीच श्रीकांत वर्मा मार्ग में जमकर मारपीट हुआ था।
उसके बाद से दोनों के बीच आपसी रंजिश बन हुआ है।हालाकि इसके लिए कुछ लोगो ने दोनों के बीच आपसी दुश्मनी भुलाकर दोस्ती कराने की कोशिश की थी,लेकिन वह भी सफल नहीं हो सका।
जिसके कारण आपसी विवाद और ज्यादा बढ़ गया।
एसएसपी के निर्देश पर 6 टीम का किया गया गठन
सूत्र बता रहे है कि एसएसपी रजनेश सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 6 टीम का गठन किया।जिसमें एसीसीयू से अनुज कुमार के साथ अजहरुद्दीन और उनकी इसके अलावा गोपाल सतपथी और उनकी टीम,प्रदीप आर्या उनकी टीम,नीलेश पांडेय उनकी टीम नरेश चौहान उनकी टीम और हरीश तांडेकर और उनकी शामिल रही।जिनकी जिम्मेदारी अलग अलग दी गई थी।जिन्होने हर पहलुओं की बारीकी से जांच की।
इंस्टाग्राम से होती थी बातचीत
सूत्र ने बताया कि मुख्य आरोपी विश्वजीत अनंत ने वर्चस्व की लड़ाई को लेकर आपसी दुश्मनी को खत्म करने के लिए जान से मारने का प्लान किया था।इसके बाद योजना भी बनाई लेकिन सफल नहीं हुआ जब गोलीकांड की घटना हुई तब पुलिस ने पुरानी रंजिश को देखते हुए मुख्य आरोपी के दोस्तो और भाइयों की कड़ी को जोड़ा,जिसमें पूछताछ में क्लियर हुआ कि योजना जान से मारने की थी।उसके बाद पुलिस ने आरोपियों की कड़ी जोड़ते हुए बाकी लोगो को भी खोज निकाला।
इलाके में तनाव, प्रशासन अलर्ट
घटना के बाद मस्तूरी और आसपास का इलाका तनावग्रस्त बना हुआ है। पीड़ित पक्ष ने सख्त कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर स्थिति पर नियंत्रण रखने के निर्देश दिए हैं। सूत्रों के अनुसार, पुलिस अन्य संभावित साजिशकर्ताओं की भी पहचान में जुटी है, और आने वाले दिनों में और बड़ी गिरफ्तारियाँ संभव हैं।
राजनीतिक नाम आने से मची खलबली
इस गोलीकांड के आरोपियों के पकड़े गए साथी कांग्रेस नेता वसीम खान से जुड़े हुए है।जो उनके लिए काम करते है। इसलिए पुलिस वसीम खान के रिकॉर्ड को भी खोज रही है।इसके साथ ही गोलीकांड से जुड़े तार को लेकर बारीकी से जांच करके और भी लोगो के शामिल होने वालो की तलाश कर रही है।
मस्तूरी विधानसभा में गुंडागर्दी और मारपीट हुई आमबात
मस्तूरी क्षेत्र के लालखदान में गोलीकांड हो चुका है।इसके पहले मस्तूरी में भी 2008 में गोली चलने की घटना हो चुकी है।इसके साथ ही कई बार मारपीट और गुंडागर्दी की घटना बढ़ चुकी है और वर्चस्व की लड़ाई को लेकर कई बार विवाद हो चुका है।
घायल चंद्रकांत भाजपा नेता के ससुर
मस्तूरी में हुए गोलीकांड में राजू सिंह और चंद्रकांत को गोली लगी हुई है। इसमें चंद्रकांत सिंह भाजपा नेता रौशन सिंह के ससुर है।जिसके कारण राजनीतिक माहौल और ज्यादा गरमा गया है और इसकी चर्चा होने लगी है।
गिरफ्तार आरोपियों का नाम एवं पता
- विश्वजीत अनंत पिता स्व बलराम अनंत उम्र 29 वर्ष निवासी ग्राम मोहतरा मस्तूरी
- अरमान उर्फ बलमजीत अनंत पिता स्व. बलराम अनंत उम्र 29 वर्ष निवासी ग्राम मोहतरा मस्तूरी
- चाहत उर्फ विक्रमजीत स्व बलराम अनंत उम्र 19 वर्ष निवासी ग्राम मोहतरा मस्तूरी
- मोहम्मद मुस्तिकीम उर्फ नफीस पिता मोहम्मद मुख्तार उम्र 29 साल निवासी ग्राम भारतीय नगर वार्ड नंबर 24 एल.ए.गली तैयबा चैक, मस्जीद के सामने सिविल लाईन
- मोहम्मद मतीन उर्फ मोन्टु पिता मोहम्मद मुख्तार उम्र 22 साल निवासी अटल आवास कोनी
- 2 नाबालिग बालक
आरोपियों से बरामद सामग्री
- देशी पिस्टल 02 नग,
- देशी कट्टा 01 नग,
- मैगजीन 05 नग।
- जिंदा कारतुस 04 नग।
- फायर आम्र्स से चला हुआ कुल 13 नग खाली खोखा (कारतूस)
- फायर आम्र्स से चला हुआ बुलेट 10 नग।
- मोबाईल फोन 05 नग।
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