तैयबा चौक में भूमि विवाद फिर गर्माया, कुछ लोगो ने जावेद खान पर अवैध कब्जे का लगाया आरोप
जावेद खान का पलटवार — कहा, जमीन हमारी खुद की, मामला न्यायालय में विचाराधीन
बिलासपुर । तैयबा चौक तालापारा क्षेत्र में भूमि विवाद ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है।कुछ लोगो ने आरोप लगाया है कि जावेद खान और उसके साथियों ने उनकी पुश्तैनी जमीनों पर जबरन कब्जा कर लिया है और वहां बिना अनुमति के टीन की दुकानें बनाकर किराये पर दे दी हैं। पीड़ितों ने कलेक्टर से शिकायत करते हुए कब्जा मुक्त कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वही जावेद खान का कहना है कि जिस जमीन पर वह काबिज हैं, वह उनकी खुद की है और इस मामले में न्यायालय में सुनवाई चल रही है।
शिकायतकर्ताओं में मोहम्मद नफीश, खुशबू सिद्दीकी, भगवती पटेल और सुहागा बाई पटेल — ने बताया कि तैयबा चौक स्थित खसरा नंबर 168 की भूमि वर्ष 1997 में स्वर्गीय रज्जब अली से खरीदी गई थी। उनका आरोप है कि जावेद खान ने इस जमीन पर बने पुराने खपरापोश मकान को तोड़कर जबरन कब्जा कर लिया और अब वहां अवैध व्यवसाय चला रहा है। लोगों ने कहा कि न तो नगर निगम से निर्माण की अनुमति ली गई और न ही कोई वैध दस्तावेज़ प्रस्तुत किया गया। पीड़ितों का कहना है कि भूमाफिया खुलेआम कब्जा कर रहा है, लेकिन प्रशासन अब तक मौन है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जमीन कब्जा मुक्त नहीं कराई गई, तो वे सामूहिक आंदोलन करेंगे।वहीं इस मामले में मोहम्मद जावेद खान ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि भूमि खसरा नंबर 177/2 की है, जो उनकी अपनी 15 डिसमिल जमीन है, जबकि शिकायतकर्ता गलत तरीके से खसरा नंबर 168 बताकर भ्रम फैला रहे हैं। जावेद ने दावा किया कि उनके पास जमीन से संबंधित सभी वैध दस्तावेज़ — ऋण पुस्तिका, खसरा पंचशाला, सीमांकन रिपोर्ट और न्यायालय के आदेश की प्रति — मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि सुखचैन पटेल, मोहम्मद इदरीश और अन्य द्वारा इस जमीन को लेकर न्यायालय में पहले भी मामला दायर किया गया था, जिसमें वे हार चुके हैं और और एक बार फिर शिकायत किये अब नया मामला 31 अक्टूबर को पेशी हेतु लंबित है। जावेद ने कहा कि वे न्यायालय के आदेशों का पालन कर रहे हैं और किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा नहीं किया गया है।