क्षेत्रीय कृषि अनुसंधान केंद्र, बिलासपुर में शोध कार्यों की प्रगति का अवलोकनअनुसंधान पर्यवेक्षण समिति ने व्यक्त की संतुष्टि, दिए महत्वपूर्ण सुझाव

बिलासपुर,।इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर की अनुसंधान पर्यवेक्षण समिति ने आज क्षेत्रीय कृषि अनुसंधान केंद्र (आर.ए.आर.एस.), बिलासपुर का भ्रमण कर केंद्र में चल रहे विभिन्न शोध कार्यों और परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। समिति की अध्यक्षता डॉ. (मेजर) जी. के. श्रीवास्तव, प्राध्यापक (सस्य विज्ञान) ने की। समिति में सदस्य के रूप में डॉ. एन. के. चौरे, अधिष्ठाता, कृषि महाविद्यालय, बिलासपुर; डॉ. देवशंकर, प्राध्यापक (उद्यानिकी); तथा डॉ. सुनील नाग, वरिष्ठ वैज्ञानिक (पादप प्रजनन एवं आनुवंशिकी) सम्मिलित थे।

आगमन पर समिति का स्वागत डॉ. एन. के. चौरे तथा डॉ. संजय कुमार वर्मा, मुख्य वैज्ञानिक, आर.ए.आर.एस., बिलासपुर द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर किया गया।

निरीक्षण के दौरान समिति ने निम्न शोध इकाइयों/क्षेत्रों का अवलोकन किया—ऊतक संवर्धन प्रयोगशाला, अखिल भारतीय समन्वित शोध परियोजना – पादप प्रजनन एवं आनुवंशिकी (स्वैच्छिक केंद्र), विद्यार्थियों के प्रायोगिक प्रक्षेत्र, पादप रोग विज्ञान एवं कीट विज्ञान अनुसंधान क्षेत्र, मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर (MIDH) अंतर्गत प्रक्षेत्र, सेमियलाटा अनुसंधान ब्लॉक, उच्च-प्रौद्योगिकी नर्सरी (हाई-टेक), सहभागी आधार पर परीक्षण (पीपीपी पद्धति) तथा तेल पाम रोपण अनुसंधान क्षेत्र।

समिति ने केंद्र में संचालित अनुसंधान कार्यों की प्रगति, नवाचार, पौध संवर्धन विधियों, फसल सुधार एवं क्षेत्रीय कृषि विकास में योगदान की सराहना की। साथ ही आगामी शोध कार्यक्रमों को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए उपयोगी परामर्श एवं सुझाव प्रदान किए।
समिति सदस्यों ने स्नातकोत्तर विद्यार्थियों से संवाद कर उनके शोध कार्यों की गुणवत्ता बढ़ाने हेतु महत्वपूर्ण मार्गदर्शन भी दिया, जिससे भविष्य में उत्कृष्ट शोध परिणाम प्राप्त हो सकें।
इस अवलोकन से वैज्ञानिकों, अनुसंधान सहयोगियों एवं कर्मचारियों में नए उत्साह का संचार हुआ। समिति ने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र के ये प्रयास किसानों की आय वृद्धि तथा कृषि विकास को नई दिशा प्रदान करेंगे।
इस अवसर पर केंद्र के समस्त वैज्ञानिक, अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित थे।