तखतपुर में कथावाचक के विवादित बोल से मचा बवाल….सतनामी समाज में जबरदस्त आक्रोश…थाने का घेराव….कथावाचक आशुतोष चैतन्य पर गैर-जमानती धाराओं में मामला दर्ज

तखतपुर से समीर सेमर/तखतपुर। शांत और धार्मिक नगरी के रूप में पहचाने जाने वाले तखतपुर में बुधवार को माहौल उस समय गर्मा गया जब भागवत कथा के दौरान कथावाचक आशुतोष चैतन्य महाराज ने व्यासपीठ से ऐसी टिप्पणी कर दी, जिसे लेकर सतनामी समाज ने कड़ा विरोध जताया है।

नगर के टिकरीपारा टोनही डबरी में पिछले कुछ दिनों से चल रही श्रीमद् भागवत कथा महापुराण में कथावाचक के विवादित बोल के बाद तखतपुर सतनामी समाज में रोष का माहौल बन गया। बताया जा रहा है कि उन्होंने कथा के बीच में सतनामी समाज के लिए आपत्तिजनक बातें कही थीं, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद समाज के लोग भारी संख्या में एकत्र होकर तखतपुर थाने पहुंच गए और आरोपी कथावाचक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करने लगे।
थाने का घेराव, नारेबाजी और ज्ञापन सौंपा
आक्रोशित समाज जनों ने कथावाचक पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाया। बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने थाने के बाहर नारेबाजी करते हुए आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की। इस दौरान पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर उपस्थित थे और स्थिति को नियंत्रित किया।
एडिशनल एसपी अर्चना झा के निर्देश पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कथावाचक आशुतोष चैतन्य महाराज के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में अपराध दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और कानून व्यवस्था बिगाड़ने की किसी को अनुमति नहीं दी जाएगी।
वायरल वीडियो से बढ़ा विवाद
विवाद की शुरुआत उस वक्त हुई जब कथा का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में कथावाचक द्वारा दिए गए शब्दों को लेकर समाज के लोगों ने कहा कि यह उनके धर्म और संत परंपरा का अपमान है। वीडियो के फैलते ही न केवल तखतपुर बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी आक्रोश का माहौल फैल गया।
प्रशासन सतर्क, भारी पुलिस बल तैनात
संवेदनशीलता को देखते हुए तखतपुर पुलिस ने कथा स्थल और आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात किया है। अधिकारी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन ने अफवाहों पर ध्यान न देने और सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट न डालने की अपील की है।

समाज के प्रतिनिधियों ने जताया विरोध
सतनामी समाज के कई वरिष्ठ सदस्यों ने कहा कि समाज को बदनाम करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजन के मंच से किसी समाज या वर्ग के खिलाफ अपमानजनक बातें कभी स्वीकार्य नहीं हो सकतीं। समाज के नेताओं ने कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे और आंदोलन करेंगे।
पुलिस की अपील — “कानून हाथ में न लें”
पुलिस प्रशासन ने समाज के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। तखतपुर थाना प्रभारी ने बताया कि “प्रकरण में सभी तथ्यों की जांच की जा रही है। वीडियो के फॉरेंसिक विश्लेषण के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

तखतपुर में तनाव लेकिन स्थिति नियंत्रण में
फिलहाल नगर में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी है और अधिकारियों ने भविष्य में किसी भी प्रकार अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक व्यवस्था कर ली है।

अर्चना झा एडिशनल एसपी ने बताया कि तखतपुर थाना क्षेत्र में कथा चल रही थी कथा वाचक के द्वारा आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया गया है ऐसा सतनामी समाज के लोगो ने ज्ञापन दिया है जिसकी प्राथमिक जांच के बाद धारा 353.2 के तहत एफआईआर दर कर रहे है जिसके विधिवत आगे जांच कर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। और समाज के लोगो को शांति बनाए रखने की अपील की गई है।
इस मामले में अधिवक्ता जितेन्द्र बंजारा ने बताया कि सतनामी समाज के लोग गाय काटते है। ये जानबूझकर कथावाचक ने सतनामी समाज को बदनाम करने की नियत से कहा है। और हम ऐसे कुंठित मानसिकता और जातिवादी मानसिकता के व्यक्ति का विरोध करते है। और पुलिस प्रशासन से मांग करते है इनके खिलाफ कठोर कार्यवाही करे चाहे वो कथा पढ़ने वाला हो आम नागरिक हो जो कानून तोड़ेगा उनके ऊपर कार्यवाही हो।
वही इस मामले में सतनामी समाज के नेता बिहारी टोडर ने बताया कि तखतपुर नगर में कथा वाचक आशुतोष चैतन्य के द्वारा एक कथा के दौरान समाज के लिए अपशब्दों का प्रयोग करते हुवे सतनामी समाज को ठेस पहुंचाई है। जिसका सतनामी समाज कड़ी निंदा करता है और समाज में पर्याप्त आक्रोश व्याप्त है जिसको लेकर आज तखतपुर थाना का घेराव कर कथा वाचक के ऊपर एफआईआर दर्ज करवाया गया है और जल्द गिरफ्तारी करने की मांग की गई है। कथा वाचक के ऊपर गैर जमानती धाराओं में अपराध दर्ज किया गया है। घेराव में तखतपुर समाज सहित आस पास से सैकड़ों की संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे।