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समितियों में धान खरीदी की करें व्यवस्था,अन्नदाता किसानों को ना हो परेशानी

जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विजय केशरवानी की अगुवाई में प्रतिनिधि मंडल ने कलेक्टर से मिलकर रखी बात,

व्यवस्था ना सुधरने पर समितियों में धरना प्रदर्शन आंदोलन की दी चेतावनी

बिलासपुर। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को लेकर समितियों में अव्यवस्था का आलम है। किसानों की धान खरीदी नहीं हो पा रही है। अन्नदाता किसान भटक रहे हैं। जिले की अधिकांश उपार्जन केंद्रों में तालाबंद की नौबत है। एक बड़ी समस्या ये कि जिले में ऐसे भी गांव हैं जहां के किसानों का धान खरीदी के लिए आनलाइन पंजीयन नहीं हो पाया है। कृषि विभाग के अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। एक तरफ सरकार समितियों में धान खरीदी का दावा कर रही है और दूसरी तरफ किसान धान बेचने के लिए भटक रहे हैं। बिलासपुर जिले के साथ ही प्रदेशभर में ऐसी ही स्थिति बनी हुई है।


इन अव्यवस्थाओं को दूर जल्द दूर कराने वउपार्जन केंद्रों में धान खरीदी की व्यवस्था सुनिश्चित कराने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करें। जल्द यह व्यवस्था नहीं सुधरी तो कांग्रेस उपार्जन केंद्रों में किसानों के साथ धरना प्रदर्शन करेगी। जिले में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विजय केशरवानी ने राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार किसानों का धान खरीदना ही नहीं चाहती है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी से पहले ही समिति प्रबंधक और कंप्यूटर आपरेटर सहित कर्मचारी हड़ताल पर चले गए थे। राज्य सरकार ने हड़ताल समाप्त कराने पहल ही नहीं की है। इससे सरकार की मंशा साफ झलकती है कि अन्नदाता किसानों का धान वह खरीदना ही नहीं चाहती। गतिरोध और अव्यवस्था के बीच किसान हतोत्साहित हो रहे हैं। जीवनभर की गाढ़ी कमाई को लेकर किसान चिंतित नजर आ रहे हैं। सरकार है कि किसानों की चिंता ही नहीं कर रही है। विजय केशरवानी ने आरोप लगाते हुए कहा कि जिले की अधिकांश खरीदी केंद्रों का ताला खुल नहीं पाया है। धान खरीदी करने वाले कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने के कारण चारो तरफ अव्यवस्था का आलम है। किसान खरीदी केंद्र तक अपनी उपज लेकर जा रहे हैं तो खरीदार नहीं है।

समितियों में सन्नाटा पसरा हुआ है। किसानों को चौतरफा नुकसान उठाना पड़ रहा है। खलिहानों से धान की मिसाई के बाद ट्रैक्टर या फिर अन्य वाहन किराए पर लेकर धान बेचने समितियों तक जा रहे हैं, तालाबंदी के कारण वापस लौट जा रहे हैं। किसानों का भाड़ा अलग देना पड़ रहा है। धान का सुरक्षित रखने की समस्या भी सामने खड़ी हो गई है।

आनलाइन रजिस्ट्रेशन ना होने के कारण भटक रहे किसान

कांग्रेसी बोले,खरीदी केंद्रों में अव्यवस्था के बीच कृषि विभाग के अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा भी किसानों को भुगतना पड़ रहा है। बिलासपुर जिले के मस्तूरी विधानसभा क्षेत्र में केंवटाडीह के किसानों के सामने सबसे बडी मुसीबत ये कि समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिएभटक रहे हैं। केंवटाडीह के अलावा जिले में और भी गांव हैं जहां के किसानों का आनलाइन रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाया है। इन किसानों का धान समर्थन मूल्य पर खरीदने की व्यवस्था राज्य सरकार द्वारा की जानी चाहिए।

खरीदी केंद्रों में सुविधाओं का टोटा

कांग्रेसियो के बताया कि मस्तूरी क्षेत्र के पचपेड़ी और तखतपुर।क्षेत्र के कई गांव के अलावा कोटा क्षेत्र के कई गांव शामिल है जिसमें किसान काफी परेशान है।उन्होंने बताया कि कांग्रेस शासनकाल में धान खरीदी केंद्रों में धान बेचने आने वाले किसानों के लिए सुविधा मुहैया कराई जाती है। छांव में बैठने की व्यवस्था के अलावा पीने के पानी की व्यवस्था भी की जाती थी। खरीदी केंद्रों में ऐसा कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा है। अन्नदाता किसानों की यह उपेक्षा कांग्रेस बर्दाश्त नहीं करेगी। धान बेचने आने वाले किसानों को खरीदी केंद्रों में पूरी सुविधा मिले और उनकी सुविधाओं का ख्याल रखने की जिम्मेदार राज्य सरकार और जिला प्रशासन की बनती है।

टोकन के लिए भटक रहे किसान

कांग्रेसियों ने बताया कि किसानों को टोकन भी नहीं मिल पा रहा है. किसान टोकन के लिए समितियों के चक्कर काट रहे है. सरकार का दावा पूरी तरह फेल हो गया है. अन्नदाता किसान भटक रहे हैं.

बगैर ट्रेनिंग कैसे खरीदेंगे धान

कांग्रेसियों ने बताया कि समिति प्रबंधकों और कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने के कारण कृषि सहित अन्य विभागों के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। बिना ट्रेनिंग के ये किसानों का धान कैसे खरीदेंगे।इससे तो किसानों को ही नुकसान उठाना पड़ेगा। जिले के 140 उपार्जन केंद्रों में कमोबेश ऐसी ही स्थिति बनी हुई है।समय रहते व्यवस्था दुरुस्त की जानी चाहिए। अगर अव्यवस्था का आलम ऐसे ही रहा तो जिला कांग्रेस कमेटी चुप बैठने वाली नहीं है। कांग्रेस अन्नदाता किसानों के साथ है। उनके सालभर के गाढ़ी कमाई को यूं ही बर्बाद होने हम नहीं देंगे। हर हाल में राज्य सरकार को किसानों का धान खरीदना होगा। समय रहते व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई और किसानों काे राहत नहीं मिली तो जिला कांग्रेस कमेटी किसानों को साथ लेकर खरीदी केंद्रों में धरना प्रदर्शन आंदोलन करेगी।जिला स्तर पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

बरदाना की कमी,टोकन और अव्यवस्था का आलम

जिलाध्यक्ष विजय केशरवानी का कहना है कि जिले के ऐसे कई खरीदी केंद्र है जिसमें अभी तक बारदाना नहीं पहुंचा है।यही नहीं कई समितियों में अव्यवस्था का आलम बना हुआ है,इसके साथ ही टोकन नहीं मिलना किसानों के बैठने और सही तरीके से जवाब देने वाले कोई अधिकारी और कर्मचारी नहीं है।जिसके कारण किसान नाराज होकर जा रहे है।

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