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आईएएस संतोष वर्मा ने ब्राह्मण समाज के लिए अभद्र टिप्पणी

छत्तीसगढ़ी ब्राम्हण समाज ने दिया कलेक्टर को ज्ञापन,की कार्रवाई की मांग

बिलासपुर । मध्यप्रदेश के अजाक्स के नवनियुक्त प्रदेशाध्यक्ष एवं आईएएस ऑफिसर संतोष वर्मा ने ब्राह्मण कन्याओं को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की है कि जब तक मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी दान न कर दें या उससे संबंध न बना दें तब तक आरक्षण मिलना चाहिए। संतोष वर्मा के सार्वजनिक एवं प्रशासनिक पद पर रहते हुए ऐसी टिप्पणी की जिसकी जितनी जितनी भर्त्सना की जाए उतनी कम है। उक्त कथन से ब्राह्मण समाज में असंतोष अपमान एवं विद्रोह के स्वर उभर रहे हैं।

उक्त आपत्तिजनक वक्तव्य से एवं अत्यंत आपत्ति जनक जातिवादी टिप्पणी से ब्राह्मण महिला समाज में अत्यंत असंतोष एवं अपमान अनुभव किया जा रहा है।

जातिवादी टिप्पणियों को भारतीय दंड संहिता के तहत अन्य अपराधों, जैसे कि मानहानि या लोक सेवक द्वारा जातिगत भेदभाव के लिए भी जिम्मेदार ठहराया है।

भारतीय दंड संहिता की धारा 499 मानहानि को परिभाषित करती है, जिसमें किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के इरादे से या ऐसा करने के कारण को जानते हुए, उसके बारे में झूठे शब्द, संकेत या चित्रण के माध्यम से कुछ भी कहना या प्रकाशित करना शामिल है। इसमें झूठे आरोप लगाना और अपमानजनक बातें कहना शामिल है. और इसके लिए पारा 500 के तहत दो साल तक की कैद, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।
इस बयान का सीधे तौर पर समाज विशेष, धर्म विशेष, जाति विशेष की भावना को आघात पहुंचाना, अपमानित करना और ठेस पहुंचाना उद्देश्य नजर आ रहा है। इसलिए शासन प्रशासन से आग्रह पूर्व निवेदन है कि संबंधित के विरुद्ध स्वयं संज्ञान आधार पर एफआईआर दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई करें। अन्यथा अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज म.प्र. ही नहीं, महिलाओं, नारी शक्ति, बेटियों की रक्षा, सुरक्षा के लिए बहन बेटियों के सम्मान के लिए सामाजिक के साथ धार्मिक और राजनीतिक रूप से जो भी संगठन है, वह एकजुट होकर प्रदेश ही नहीं संपूर्ण देश में संवैधानिक प्रक्रिया के तहत आदोलन करने के लिए मजबूर होंगे

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