कृषि महाविद्यालय बिलासपुर में विश्व एड्स दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित एनसीसी एवं एनएसएस इकाई की पहल

बिलासपुर – विश्व एड्स दिवस के अवसर पर बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, बिलासपुर में एनसीसी एवं एनएसएस इकाई के संयुक्त तत्वावधान में जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में एचआईवी/एड्स की रोकथाम, सुरक्षित व्यवहार तथा स्वस्थ जीवनशैली के संदेश को प्रसारित करना था।
कार्यक्रम में अधिष्ठाता डॉ. एन. के. चौरे, मुख्य वैज्ञानिक, क्षेत्रीय कृषि अनुसंधान केंद्र बिलासपुर डॉ. एस. के. वर्मा, एनसीसी प्रभारी विनोद कुमार निर्मलकर, एवं एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी अजीत विलियम्स मुख्य रूप से उपस्थित रहे। छात्रों ने भी बड़ी संख्या में सहभागिता कर जागरूकता अभियान को सफल बनाया।

वक्ताओं का उद्बोधन
अधिष्ठाता डॉ. एन. के. चौरे ने अपने उद्बोधन में कहा कि विश्व एड्स दिवस केवल एक दिवस नहीं, बल्कि युवाओं को सुरक्षित और जागरूक बनाने का सतत प्रयास है। उन्होंने एचआईवी संक्रमण के कारणों, रोकथाम तथा उपचार की महत्ता पर विस्तृत जानकारी दी।
मुख्य वैज्ञानिक डॉ. एस. के. वर्मा ने छात्रों से अपील की कि वे एड्स से जुड़े सामाजिक मिथकों को दूर करने और वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित जानकारी को समाज तक पहुँचाने में अग्रणी भूमिका निभाएँ।
एनसीसी प्रभारी विनोद कुमार निर्मलकर ने अनुशासन, जागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी को युवाओं का मूल कर्तव्य बताया। वहीं, एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी अजीत विलियम्स ने कहा कि एनएसएस स्वयंसेवक समाज के सबसे महत्वपूर्ण परिवर्तनकारी समूह हैं, जिन्हें स्वस्थ भारत निर्माण की दिशा में सक्रिय रहना चाहिए।
शपथ
कार्यक्रम में उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं और अधिकारियों ने एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता फैलाने, सुरक्षित जीवनशैली अपनाने, किसी भी संक्रमित व्यक्ति के प्रति भेदभाव न करने और समाज में जागरूकता बढ़ाने की शपथ ली।
शपथ के मुख्य बिंदु:
हम एचआईवी/एड्स से संबंधित वैज्ञानिक जानकारी को समाज तक पहुँचाएँगे।
हम किसी भी संक्रमित व्यक्ति के प्रति भेदभाव नहीं करेंगे।
हम सुरक्षित एवं जिम्मेदार व्यवहार अपनाएँगे।
हम समुदाय में जागरूकता फैलाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएँगे।
कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने युवाओं के उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि जागरूक युवा ही स्वस्थ समाज एवं राष्ट्र के निर्माण की आधारशिला हैं।