मौसाजी होटल में टैक्स चोरी के आरोप में जीएसटी का छापा

देर रात तक चली जांच में टैक्स चोरी करने संबंधी जांच में जुटी
बिलासपुर।शहर के चर्चित ब्रांड मौसाजी स्वीट्स के सभी प्रतिष्ठानों पर राज्य जीएसटी विभाग की रायपुर और अन्य जगहों की संयुक्त टीमों ने बड़ी कार्रवाई की। टैक्स चोरी की शिकायत के बाद शाम करीब साढ़े 4 बजे दर्जनभर टीमों ने विभिन्न शाखाओं पर एक साथ दबिश दी।
टीमों ने पहुँचते ही दुकानों के कंप्यूटर सिस्टम, लैपटॉप, बिल, पर्चियाँ, रजिस्टर, फाइलें और टैक्स से जुड़े सभी दस्तावेजों को कब्जे में ले लिया। अधिकारियों ने सॉफ्टवेयर में दर्ज लेन-देन, स्टॉक, इनवॉइस और बिक्री-खरीदी का रिकॉर्ड खंगालना शुरू कर दिया।
दरअसल शहर के श्रीकांत वर्मा मार्ग, तिफरा, सरकंडा, मंगला चौक और गोलबाजार स्थित सभी शाखाओं पर एक साथ जीएसटी की टीम छापा मारा। व्यापार विहार स्थित मुख्य शाखा में जॉइंट कमिश्नर समेत चार सदस्यीय टीम पहुंची। कमिश्नर की मौजूदगी में सभी पुरानी और नई डायरी, रजिस्टर तथा कंप्यूटर सिस्टम का मिलान किया गया। जॉइंट कमिश्नर रात 10:30 बजे वहाँ से लौट गए, लेकिन तीन सदस्यीय टीम देर रात तक जांच करती रही।
*स्थानीय अधिकारियों को भनक तक नहीं*
रायपुर से चली टीम शाम 4 बजे बिलासपुर पहुँची और यहाँ के अधिकारियों को केवल कार्रवाई से कुछ मिनट पहले ही ब्रीफ किया गया। इसके बाद संयुक्त रूप से सभी शाखाओं पर रेड मार दी गई। कार्रवाई के दौरान स्थानीय अधिकारी भी किसी का फोन नहीं उठा रहे थे, जिससे पता चलता है कि विभाग ने ऑपरेशन को कितना गोपनीय रखा।
*क्या मिला? विभाग चुप—शहर में चर्चाएँ तेज*
बिल, पर्ची, फाइलें, सॉफ्टवेयर डेटा और टैक्स रिकॉर्ड की कॉपी लेकर विभागीय टीमें रात 12 बजे तक दस्तावेज खंगालती रहीं।हालाकि इसमें क्या मिला—इस पर आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है। लेकिन अंदरूनी सूत्रों में बड़े पैमाने पर टैक्स हेराफेरी की चर्चा तेज है।जिसके कारण व्यापारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
*जीएसटी की कार्रवाई के बाद शहर में अन्य व्यापारियों में मची खलबली*
जीएसटी की कार्रवाई के बाद अन्य व्यापारियों के बीच हड़कंप मचा हुआ है।लोग छापा को लेकर गंभीरता से चर्चा कर रहे है।जीएसटी की कार्रवाई से अन्य व्यापारियों में भी दहशत बरकरार है