Blog

धर्मगुरु परम आलय बोले,शादी से पहले SEX से ऐतराज नहीं होना चाहिए

बिलासपुर में पहुंचकर बाबा ने सेक्स-एनर्जी पर दी राय

बिलासपुर । आध्यात्मिक गुरु परम आलय ने एक कार्यक्रम के दौरान व्यापार बिहार स्थित एक फॉर्म हाउस में मीडिया से बात किए।उन्होंने  सेक्स-एनर्जी पर बात करते हुए ऐसा विवादित बयान दे दिया, जिसने माहौल गरमा दिया। उनके अनुसार लड़कियों को शादी से पहले सेक्स से ऐतराज नहीं होना चाहिए और इस तर्क को साबित करने के लिए उन्होंने गाड़ी खरीदने से पहले उसे चलाकर देखने का उदाहरण भी दिया। धर्म, कर्म और आत्मा पर चर्चा करने आए परम आलय यहां सेक्स-एनर्जी के “सदुपयोग” की बात करते दिखे और टीनेजर्स की सेक्स-एज पर भी टिप्पणी की। कार्यक्रम स्थल पर उनकी अगवानी के लिए नेता, मंत्री और अफसर तक लाइन में नजर आए, वहीं बाबा का कहना था कि वह प्रवचन नहीं बल्कि “प्रयोग” सिखाने आए हैं, हालांकि उनका यह प्रयोग सेक्स पर खुलकर बात करने की वकालत करता दिखाई दिया।दरअसल आध्यात्मिक गुरु परम आलय अपने विवादित बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। शहर पहुंचने के बाद उन्होंने कहा कि युवाओं को शादी से पहले सेक्स की आजादी मिलनी चाहिए ।उन्होंने कहा कि  इस विषय पर खुलकर बात करने से युवाओं में जागरूकता बढ़ेगी और सामाजिक ढोंग खत्म होगा। गुरु परम आलय ने आगे कहा कि सेक्स पूजनीय है, इसका सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने इसे प्राकृतिक प्रक्रिया बताते हुए कहा कि समाज को इसे गलत नजरिये से देखने के बजाय समझ और संवाद बढ़ाना चाहिए। उन्होंने अपने प्रवचन में इस विषय को छुपाने की बजाय वैज्ञानिक और व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाने की बात रखी। उन्होंने युवाओं की तुलना गाड़ी चलाने के उदाहरण से की और कहा कि जैसे गाड़ी चलाने से पहले उसके बारे में पूरी जानकारी जरूरी होती है, वैसे ही जीवन के हर पहलू में सही मार्गदर्शन आवश्यक है।

*विवादित बयान पर बोले,उन्होंने समझ को डेवलप करने के उद्देश्य से वक्तव्य दिया था*

बिलासपुर पहुंचे आध्यात्मिक गुरु परम आलय ने अब अपने सेक्स एनर्जी के विवादित बयान पर सफाई दी है। मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि, उन्होंने समझ को डेवलप करने के उद्देश्य से वक्तव्य दिया था। उनका उद्देश्य उदाहरण के माध्यम से कोई गलत संदेश देने का नहीं था। गाड़ी का उदाहरण आज के दौर के लिहाज से केवल समझने के लिए दिया। किसी भी साधन को हम उपयोग करते हैं तो उसकी समझ जरूरी है। 14 साल की उम्र के बच्चों में 7 साल के उम्र से समझ डेवलप होनी शुरू हो जाती है। 7 से 14 साल के उम्र में बच्चा उस समझ को डेवलप कर लेता है। ऐसे में किसी भी चीज को समझना होता है तो समय देना पड़ता है। मैंने उसी समझ को डेवलप करने की बात कही है। बच्चा समझ डेवलप करेगा तो उसकी बुद्धि शार्प होगी, भाव का केंद्र जन्म लेगा। अपने बुद्धि के हिसाब से वह अपने जीवन का निर्णय ले सकेगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *