वार्ड 70 का सर्वे घोटाला,जरूरतमंद बाहर, नए लोग अंदर-लोगों का फूटा गुस्सा

सूची में हेरा-फेरी का आरोप,घर उजड़े,नाम गायब-वार्डवासियों का बड़ा सवाल
सिस्टम की खुली नाकामी,गरीबों की कतारें लंबी,अधिकारी की कुर्सियाँ खाली…..
बिलासपुर । वार्ड नम्बर 70 त्रिपुर सुंदरी क्षेत्र से बुधवार को जो तस्वीरें सामने आई हैं, वो किसी भी प्रशासन की पोल खोलने के लिए काफी हैं। यहां सरकारी सर्वे और पात्रता फॉर्म की प्रक्रिया पूरी तरह अव्यवस्थित है… और इतना संदेहास्पद कि लोगों का भरोसा ही टूटने लगा है।
दरअसल वार्ड 70 की रेलवे न्यू लोको कॉलोनी में पिछले 4 से 8 दिनों से सैकड़ों लोग रोज लाइन लगाकर खड़े हैं, लेकिन न बीएलओ दिखाई देता है, न सुपरवाइजर और न ही वार्ड के जिम्मेदार पार्षद श्रीनू राव,
घर टूटे हुए हैं।झोपड़ियाँ बिखरी पड़ी हैं।और जो लोग सालों से यहां रह रहे थे, उनके नाम सूची में कहीं नहीं मिल रहे।
सबसे चौंकाने वाली बात ये कि जो लोग हाल ही में यहां आए, उनके नाम बिना किसी जांच-पड़ताल के सूची में जोड़ दिए गए। वहीं पुराने मकान मालिकों का रिकॉर्ड पूरी तरह गायब लोग कहते हैं। उनका घर उजड़ा, लेकिन कागज़ों में वे मौजूद ही नहीं हैं।कैंप में रोज गरीब, बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे घंटों धूप-छांव में खड़े रहते हैं। मजदूर अपनी रोज़ी छोड़कर आते हैं, लेकिन अधिकारी की कुर्सियाँ खाली रहती हैं। बीएलओ कभी टीकाकरण, कभी पोषण वितरण का बहाना देकर गायब… और सुपरवाइज़र प्रभात शर्मा भी दूर-दूर तक नजर नहीं आते।लोगों का गुस्सा उफान पर है। एक महिला ने फटकार लगाते हुए कहा वोट लेने घर-घर आ जाते हैं, पर आज 8 दिन से यहीं बैठे हैं, कोई पूछने नहीं आया।
स्थिति यह है कि ज़रूरतमंद भटक रहे हैं और जिनके पास पक्का घर है, उनके नाम आराम से सूची में दर्ज हैं। ये व्यवस्था नहीं गरीबों के अधिकारों के साथ खुला खिलवाड़ है।वार्ड 70 के लोग अब शहर से लेकर रायपुर तक आवाज उठाने की तैयारी में हैं। बड़ा सवाल ये—क्या जिम्मेदार अधिकारी जागेंगे? या यह सर्वे भी सरकारी कागज़ों में एक और खोखला वादा बनकर रह जाएगा।
*वार्ड के लोग परेशान,नाम खोजने में।समस्या*
वार्ड मे रहने वाले
वी. कुंदलराव,जानकी यादव और कृष्णा कुमार ने बताया कि उनका नाम नहीं मिल रहा है इसके लिए बीएलओ के पास जाते हैं तो कल आना कहकर निकल जाते है तो कोई कहता है की
अभी वार्ड के दौरे के है।इस तरह से नाम खोजने में समस्या आ रही है।जिनकी शिकायत यही है कि पार्षद तक नहीं रहते है जबकि मौजूद रहना चाहिए।ताकि आमजनता का काम आसानी से हो सके।
वर्जन
बीएलओ आकर अपना ड्यूटी करते हैं और नाम खोजने का काम कर रहे है।अगर कुछ त्रुटि।हुई है तो उसे ठीक कर लिया जाएगा
श्रीनू राव
पार्षद वार्ड 70