अवैध झटका तार से युवक की मौत,दो महीने बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं

परिजनों का आरोप—थाना प्रभारी आरोपी खेत मालिक को बचा रहा
बिलासपुर। पचपेड़ी थाना क्षेत्र के जोधरा गांव में अवैध बिजली करंट से हुई युवक की मौत का मामला अब गांव से निकलकर पुलिस कार्रवाई पर सवालों तक पहुंच गया है। मृतक गौरव कुमार केवर्ट के परिजन दो महीनों से न्याय की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अब तक आरोपी खेत मालिक के खिलाफ एफआईआर तक दर्ज नहीं हुई है।
एसएसपी ऑफिस पहुंचे परिजनों का आरोप है कि पुलिस जानबूझकर मामले को दबा रही है और आरोपी को संरक्षण दिया जा रहा है।जिसके कारण उनको न्याय नहीं मिल पा रहा है।जबकि सब कुछ साफ हैं।और गांव वाले भी जानते है कि मौत किसके खेत में कैसे हुई है उसके बाद भी पुलिस अपराध दर्ज करने में आनाकानी कर
रही हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक घटना 4 अक्टूबर को उस समय हुई जब गौरव कुमार नदिया की ओर जा रहा था। इसी दौरान वह गांव के मुन्नी लाल पाड़े के खेत में लगे अवैध झटका तार की चपेट में आ गया। आरोप है कि खेत की सुरक्षा के लिए यह तार सीधे मकान के बिजली कनेक्शन से जोड़ा गया था। करंट लगने से गौरव मौके पर ही बेहोश हो गया, परिजन उसे तुरंत मस्तूरी के सरकारी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पोस्टमॉर्टम भी वहीं किया गया। परिजन बताते हैं कि घटना की सूचना उसी दिन थाना पचपेड़ी को दे दी गई थी, लेकिन आज तक पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की।जबकि परिजनों के एफआईआर करने के लिए कई बार आवेदन किया उसके बाद भी उनकी सुनवाई नहीं हुई ।परिवार का आरोप है कि थाना प्रभारी और विवेचक बार-बार आश्वासन देते रहे, लेकिन कार्रवाई नहीं की। यहां तक कि जब परिजनों ने पीएम रिपोर्ट, मर्ग इंटिमेशन और पंचायतनामा जैसी आवश्यक दस्तावेजों की प्रति मांगी तो पुलिस ने उन्हें देने से मना कर दिया। परिजन यह भी आरोप लगा रहे हैं कि पूछताछ के लिए बुलाए जाने के बावजूद आरोपी मुन्नी लाल पाड़े को बिना किसी कार्रवाई के छोड़ दिया गया, जिससे भ्रष्टाचार की आशंका गहरा रही है। न्याय की उम्मीद में भटक रहे परिवार ने अब उच्च अधिकारियों से हस्तक्षेप कर खेत मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और पचपेड़ी थाना प्रभारी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।